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Kurukshetra News: हत्यारों को फांसी की सजा से मिला दिल को सुकून
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कुरुक्षेत्र। जिला अदालत ने डॉ. विनीता अरोड़ा हत्याकांड मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए पांचों दोषियों को फांसी की सजा सुनाई तो मृतक डॉ के पति डॉ अतुल अरोड़ा व आम लोगों को भी न्याय पर भरोसा बढ़ा।
डॉ. विनीता अरोड़ा के पति डॉ. अतुल अरोड़ा शनिवार को सजा सुनाने के दौरान पूरे दिन अदालत परिसर में मौजूद रहे, लेकिन सजा की अंतिम घोषणा के समय वे बाहर दूसरे कमरे में चले गए। जब उन्हें फांसी की सजा की जानकारी मिली तो उनकी आंखें नम हो गईं। उन्होंने कहा कि विनीता की भरपाई तो नहीं हो सकती लेकिन अदालत के इस फैसले से उनके दिल को सुकून जरूर मिला है।
उन्हें कानून पर पूरा भरोसा था और अब यह और भी बढ़ गया है। यह जिला अदालत के इतिहास में पहला मौका है जब एक ही मामले में एक साथ पांच आरोपियों को मृत्युदंड की सजा सुनाई गई हो। शनिवार को फांसी की सजा सुनते ही अदालत कक्ष में सन्नाटा छा गया और दोषियों के चेहरों पर गहरी मायूसी दिखाई देने लगी। एक आरोपी पूनम की आंखों से आंसू छलक पड़े।
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न्यायाधीश हेमराज की अदालत ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि दोषियों को तब तक फंदे पर लटकाया जाए जब तक उनकी मौत नहीं हो जाती।
सजा सुनाए जाने के तुरंत बाद पांचों दोषियों को कड़ी सुरक्षा के बीच वैन से कुरुक्षेत्र जेल भेजा गया। इससे पहले चार दोषी कैथल जेल में बंद थे, जबकि पूनम पहले से ही कुरुक्षेत्र जेल में थी। साथ ही जिला अदालत ने फांसी की पुष्टि करने के लिए तुरंत फैसले की कॉपी हाईकोर्ट को भेज दी। फांसी की सजा को हाईकोर्ट ही पुष्ट करेगा।
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डॉ. विनीता अरोड़ा के पति डॉ. अतुल अरोड़ा शनिवार को सजा सुनाने के दौरान पूरे दिन अदालत परिसर में मौजूद रहे, लेकिन सजा की अंतिम घोषणा के समय वे बाहर दूसरे कमरे में चले गए। जब उन्हें फांसी की सजा की जानकारी मिली तो उनकी आंखें नम हो गईं। उन्होंने कहा कि विनीता की भरपाई तो नहीं हो सकती लेकिन अदालत के इस फैसले से उनके दिल को सुकून जरूर मिला है।
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उन्हें कानून पर पूरा भरोसा था और अब यह और भी बढ़ गया है। यह जिला अदालत के इतिहास में पहला मौका है जब एक ही मामले में एक साथ पांच आरोपियों को मृत्युदंड की सजा सुनाई गई हो। शनिवार को फांसी की सजा सुनते ही अदालत कक्ष में सन्नाटा छा गया और दोषियों के चेहरों पर गहरी मायूसी दिखाई देने लगी। एक आरोपी पूनम की आंखों से आंसू छलक पड़े।
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न्यायाधीश हेमराज की अदालत ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि दोषियों को तब तक फंदे पर लटकाया जाए जब तक उनकी मौत नहीं हो जाती।
सजा सुनाए जाने के तुरंत बाद पांचों दोषियों को कड़ी सुरक्षा के बीच वैन से कुरुक्षेत्र जेल भेजा गया। इससे पहले चार दोषी कैथल जेल में बंद थे, जबकि पूनम पहले से ही कुरुक्षेत्र जेल में थी। साथ ही जिला अदालत ने फांसी की पुष्टि करने के लिए तुरंत फैसले की कॉपी हाईकोर्ट को भेज दी। फांसी की सजा को हाईकोर्ट ही पुष्ट करेगा।