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Hindi News ›   Haryana ›   Kurukshetra News ›   The city could cut the power connection, Kurukshetra

शहर का कट सकता है बिजली कनेक्शन

Wed, 22 Feb 2017 11:44 PM IST
राजेश शांडिल्य/अमर उजाला, कुरूक्षेत्र
राजेश शांडिल्य/अमर उजाला, कुरूक्षेत्र Updated Wed, 22 Feb 2017 11:44 PM IST
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थानेसर नगर परिषद ही नहीं, बल्कि आने वाले दिनों में पूरे शहर की स्ट्रीट लाइटों का कनेक्शन बिजली निगम काट सकता है। ऐसा इसलिए कि पिछले कई वर्षों से परिषद ने बिजली का बिल नहीं भरा।

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नगर परिषद पर पांच करोड़ 67 लाख से अधिक का बिल भुगतान बकाया है। रोचक पहलू यह है कि प्रदेश सरकार बिजली निगम पर रिकवरी का डंडा चला रही है और उसकी महकमे करोड़ों के बिल ना भरने के कारण डिफाल्टर की श्रेणी में खड़े हैं।
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बता दें कि जिले के तमाम विभागों की ओर 9 करोड़ 99 लाख 45 हजार रुपये बिलों की रिकवरी है, लेकिन इस राशि में से अकेले थानेसर नगर परिषद की ओर बिजली निगम सब डिवीजन नंबर के एक करोड़ 50 लाख 58 हजार रुपये और सब डिवीजन नंबर दो के 4 करोड़ 16 लाख 82 हजार रुपये बकाया हैं। जिले की अन्य तीन पालिकाओं में सबसे बेहतर स्थिति लाडवा नगर पालिका की है, यहां बिजली बिल का शून्य भुगतान है। शाहाबाद नगर पालिका महज 74 हजार और
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पिहोवा नगर पालिका के बिजली बिल की रिकवरी 15 लाख छह हजार रुपये है।

बिजली निगम के अधीक्षण अभियंता वीएस मान ने कहा कि उन्होंने चेतावनी के तौर पर थानेसर नगर परिषद का शुक्रवार को बिजली कनेक्शन काटा था। इसके बाद विधायक सुुभाष सुधा के जल्द भुगतान का आश्वासन मिलने के बाद सोमवार को बिजली कनेक्शन जोड़ा गया था। हालांकि कनेक्शन जोड़ने के समय नगर परिषद के ईओ ने 10 लाख रुपये का चेक लगाने की बात कही, लेकिन यह 10 लाख रुपये का भुगतान भी आज तक नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि स्ट्रीट लाइटों का कनेक्शन कटने से जनता परेशान ना हो, इसलिए सबसे पहले परिषद का कनेक्शन काटा गया था। यदि बिजली बिल का भुगतान नहीं हुआ तो परिषद के दफ्तर और स्ट्रीट लाइटों के कनेक्शन काटे जाएंगे।             

बिल में गड़बड़ की शंका है तो करें बात : एसई            
अधीक्षण अभियंता वीएस मान के मुताबिक यदि परिषद के बिजली बिल में किसी प्रकार की गड़बड़ की शंका हो तो परिषद के अधिकारी टेबल पर आएं और इसे चेक कर सकते हैं। यह दुर्भाग्यपूर्ण यह है कि नप अधिकारी फेस ही नहीं कर रहे। मान ने कहा कि ऐसा कितने दिन चल सकता है। बिजली निगम ने फरवरी और मार्च 2017 में रिकवरी और चोरी रोकने के लिए विशेष अभियान चलाया है। ऐसे में यदि नगर परिषद भी बिजली बिल नहीं भरेगी तो जनता से क्या उम्मीद की जा सकती है।

एसडीओ बोले कई वर्षों से खड़ा है बकाया            
एसडीओ मेहताब सिंह के अनुसार थानेसर नगर परिषद पर एक या दो महीने नहीं, बल्कि दोनों सब डिवीजनों का पिछले कई साल का बकाया खड़ा है। सोमवार को 10 लाख रुपये भरने के लिए कहा गया था,आज तक वह राशि भी निगम में जमा नहीं हो सकी। उन्होंने बताया कि परिषद के अधिकारी लोड संबंधित शंका थी, उसे भी निगम ठीक ढंग से टैली करा चुकी है। एसडीओ ने सवाल उठाया कि पांच करोड़ 67 लाख मे अधिक के बिजली बिल भुगतान में कितना कम हो सकता है।             

विधायक बोले, जल्द होगा हल            
इस बारे में जब थानेसर नगर परिषद की अध्यक्ष उमा सुधा से संपर्क करना चाहा तो वे फोन पर उपलब्ध नहीं हुईं। हालांकि थानेसर के विधायक सुभाष सुधा ने कहा कि बिजली निगम के उच्चाधिकारियों से बात की है। जल्द ही बिजली बिल संबंधित समस्या का हल कराया जाएगा। उन्होंने परिषद और निगम के स्थानीय अधिकारियों से भी बात की है। परिषद के अधिकारियों ने लोड और बिलों में शंका व्यक्त की है।


बिजली निगम ने साढ़े पांच करोड़ रुपये से अधिक का बिजली बिल भेजा था। इसका भुगतान नहीं हो सका। नगर परिषद की करीब 12 हजार यूनिट तक बिजली खर्च होती है, लेकिन बिल 50 हजार यूनिट का भेजा गया है।               
- बीएन भारती, ईओ, थानेसर परिषद

जिला सरकारी डिफाल्टर एजेंसी    बकाया            
थानेसर नगर परिषद    पांच करोड़ 37 लाख 40 हजार            
पीडब्ल्यूडी    3 तीन करोड़ 9 लाख 48 रुपये            
सिंचाई विभाग    27 लाख 42 हजार            
पंचायत विभाग    दो लाख नौ हजार            
जिले के अन्य विभागों पर    35 लाख 37 हजार

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