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नप का क्षेत्र बढ़ा, सफाईकर्मी नहीं
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देवीलाल चौक के पास गंदगी उठाते सफाई कर्मचारी। संवाद
- फोटो : Kurukshetra
संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। शहर को साफ सुथरा बनाने को लेकर नगर परिषद के अधिकारी लगातार दावे करते आ रहे हैं। वहीं हकीकत यह है कि नगर परिषद का क्षेत्र बढ़ा है और क्षेत्र के साथ सफाई कर्मचारियोें की संख्या में इजाफा नहीं नहीं हुआ है। इससे सफाई व्यवस्था बनाए रखने में समस्या हो रही है। सफाई दरोगा भी बैठक के दौरान एसडीएम के समक्ष कर्मचारियों की कमी मुद्दा उठा चुके हैं।
हाल ही में हाईवे से सटे पिपली को वहां की पंचायत भंग कर नगर परिषद में शामिल कर लिया गया, ताकि शहर से इस मुख्य क्षेत्र का विकास भी बाकी के क्षेत्रों की तरह से हो सके, लेकिन सफाई कर्मचारियों का टोटा इस क्षेत्र के विकास में बाधा बन गया है। पिपली जैसे बड़े एरिया की सफाई का जिम्मा सिर्फ चार कर्मचारियों के ऊपर है।
वहीं अन्य क्षेत्र की बात करें तो शहर के 31 वार्डों में सफाई व्यवस्था दुरुस्त रखने के लिए कुल 386 सफाई कर्मचारी हैं, जबकि जरूरत 500 कर्मचारियों की है। मौजूदा कर्मचारियों में 80 तो पक्के हैं, जबकि 306 पे रोल पर हैं। शहर की 60 हजार इकाइयों से रोजाना करीब 80 टन कूड़ा जनरेट होता है, जिसे 386 सफाई कर्मचारियों की ओर से रोजाना उठाना बड़ी चुनौती है।
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वहीं कर्मचारियों की कमी का मुद्दा सफाई दरोगा एसडीएम थानेसर नरेंद्र पाल मलिक के सामने भी उठा चुके हैं। सोमवार को सफाई दरोगाओं के साथ हुई बैठक में सामने निकलकर आया था कि कई के पास एरिया बड़ा है और उसके अनुरूप उसके पास कर्मचारी कम हैं। उन्होंने बैठक में मौजूद मुख्य सफाई निरीक्षक रूप रविंद्र बिश्नोई व नप अधिकारी केएल बठला को एरिया के अनुसार कर्मचारियों की संख्या निर्धारित करने के आदेश दिए थे।
कई कर्मचारी अफसरों की कोठियों पर तैनात
नगर परिषद के कई सफाई कर्मचारी अफसरों की कोठियों पर तैनात हैं। वहीं 15 से ज्यादा कर्मचारी नगर परिषद कार्यालय की अलग-अलग ब्रांचों में काम कर रहे हैं। यदि इन कर्मचारियों को भी फील्ड में उतार दिया जाए तो काफी हद तक समस्या का हल हो सकता है।
कर्मचारियों की संख्या कर रहे रिव्यू : ममता शर्मा
डीएमसी ममता शर्मा ने कहा कि कर्मचारियों का रिव्यू किया जा रहा है। जो भी सफाई कर्मचारी इधर-उधर ड्यूटी दे रहे हैं, उनकी भी लिस्ट बनाई जा रही है। सभी सफाई कर्मचारियों को फील्ड में उतारा जाएगा और कर्मचारियों की कमी को पूरा करने का प्रयास किया जाएगा।
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कुरुक्षेत्र। शहर को साफ सुथरा बनाने को लेकर नगर परिषद के अधिकारी लगातार दावे करते आ रहे हैं। वहीं हकीकत यह है कि नगर परिषद का क्षेत्र बढ़ा है और क्षेत्र के साथ सफाई कर्मचारियोें की संख्या में इजाफा नहीं नहीं हुआ है। इससे सफाई व्यवस्था बनाए रखने में समस्या हो रही है। सफाई दरोगा भी बैठक के दौरान एसडीएम के समक्ष कर्मचारियों की कमी मुद्दा उठा चुके हैं।
हाल ही में हाईवे से सटे पिपली को वहां की पंचायत भंग कर नगर परिषद में शामिल कर लिया गया, ताकि शहर से इस मुख्य क्षेत्र का विकास भी बाकी के क्षेत्रों की तरह से हो सके, लेकिन सफाई कर्मचारियों का टोटा इस क्षेत्र के विकास में बाधा बन गया है। पिपली जैसे बड़े एरिया की सफाई का जिम्मा सिर्फ चार कर्मचारियों के ऊपर है।
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वहीं अन्य क्षेत्र की बात करें तो शहर के 31 वार्डों में सफाई व्यवस्था दुरुस्त रखने के लिए कुल 386 सफाई कर्मचारी हैं, जबकि जरूरत 500 कर्मचारियों की है। मौजूदा कर्मचारियों में 80 तो पक्के हैं, जबकि 306 पे रोल पर हैं। शहर की 60 हजार इकाइयों से रोजाना करीब 80 टन कूड़ा जनरेट होता है, जिसे 386 सफाई कर्मचारियों की ओर से रोजाना उठाना बड़ी चुनौती है।
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वहीं कर्मचारियों की कमी का मुद्दा सफाई दरोगा एसडीएम थानेसर नरेंद्र पाल मलिक के सामने भी उठा चुके हैं। सोमवार को सफाई दरोगाओं के साथ हुई बैठक में सामने निकलकर आया था कि कई के पास एरिया बड़ा है और उसके अनुरूप उसके पास कर्मचारी कम हैं। उन्होंने बैठक में मौजूद मुख्य सफाई निरीक्षक रूप रविंद्र बिश्नोई व नप अधिकारी केएल बठला को एरिया के अनुसार कर्मचारियों की संख्या निर्धारित करने के आदेश दिए थे।
कई कर्मचारी अफसरों की कोठियों पर तैनात
नगर परिषद के कई सफाई कर्मचारी अफसरों की कोठियों पर तैनात हैं। वहीं 15 से ज्यादा कर्मचारी नगर परिषद कार्यालय की अलग-अलग ब्रांचों में काम कर रहे हैं। यदि इन कर्मचारियों को भी फील्ड में उतार दिया जाए तो काफी हद तक समस्या का हल हो सकता है।
कर्मचारियों की संख्या कर रहे रिव्यू : ममता शर्मा
डीएमसी ममता शर्मा ने कहा कि कर्मचारियों का रिव्यू किया जा रहा है। जो भी सफाई कर्मचारी इधर-उधर ड्यूटी दे रहे हैं, उनकी भी लिस्ट बनाई जा रही है। सभी सफाई कर्मचारियों को फील्ड में उतारा जाएगा और कर्मचारियों की कमी को पूरा करने का प्रयास किया जाएगा।