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छह माह से पेंशन की टेंशन
अमर उजाला, कुरुक्षेत्र
Updated Tue, 15 Jul 2014 12:23 AM IST
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कुरुक्षेत्र। पिछले छह माह विधवा, विकलांग और बुढ़ापा पेंशन के पात्र अपने इलाके के पार्षदों और नगर परिषद के चक्कर पर चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन इस अवधि में नई पेंशन का कोई केस नहीं तैयार हुआ।
परेशान बुजुर्ग, विधवा और निशक्त जिला समाज कल्याण विभाग की इस लापरवाही से बेहद खफा हैं। वहीं पार्षदों ने भी विभाग पर आरोप लगाया कि विभाग के अधिकारियों और स्टाफ की अनदेखी के चलते पेंशन पात्रों को सरकार की योजनाओं का लाभ नहीं दिया जा रहा।
पता ये भी लगा है कि विभाग द्वारा नए पेंशन पात्रों के नाम कंप्यूटर डाटा में डालने में विलंब हो रहा है, इसी वजह से पात्रों का काम पिछले छह माह से अधिक से अटका है। विधवा, निशक्त और बुढ़ापा पेंशन के पात्रों का आरोप है कि वे अपने सभी दस्तावेज जमा कर चुके हैं, बावजूद इसके अभी तक उनकी पेंशन शुरू नहीं हुई।
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इन पेंशन पात्रों में ऐसे कई लोग हैं, जो कि एक या दो बार नहीं, बल्कि आधा दर्जन बार पेंशन के लिए फार्म भर चुके हैं। वहीं संबंधित विभाग का कहना है कि विलंब लापरवाही के कारण नहीं, बल्कि दस्तावेजों की जांच प्रक्रिया के चलते हो रहा है।
चनारथल कॉलोनी निवासी सुलोचना ने बताया कि उनकी उम्र 67 वर्ष है और वह अब तक पांच बार पेंशन फार्म भर चुकी हैं। उन्होंने कहा कि इस उम्र में कभी पेंशन ऑफिस और कभी नगर परिषद के चक्कर लगाकर वे थक चुकी हैं, लेकिन अभी तक पेंशन शुरू नहीं हो पाई। उन्होेंने मांग की है कि बुजुर्ग हित में जल्द पेंशन शुरू की जाए।
न्यू कॉलोनी निवासी सत्या (60) ने कहा कि वे अब तक चार बार पेंशन फार्म जमा करा चुकी हैं, लेकिन पेंशन शुरू होने के अभी भी कोई आसार नजर नहीं आ रहे। उन्होंने बताया कि पेंशन ऑफिस अधिकारी न तो फार्म में किसी प्रकार की कमी बताते हैं, जिसे पूरा किया जा सके और न ही पेंशन शुरू कर रहे हैं।
गांव सुंदरपुर निवासी बाल किशन (65) के अनुसार वे पेंशन बनवाने के लिए पिछले पांच साल से पेंशन ऑफिस और नगर परिषद कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं और अब तक चार-पांच बार फार्म दे चुके हैं। लेकिन समय बर्बाद करने के अलावा अब तक कुछ हासिल नहीं हुआ।
सेक्टर-3 निवासी शशि (62) का कहना है कि वे पिछले चार महीने से कई बार फार्म भर चुकीं हैं, लेकिन पेंशन नहीं लग रही है और इन हालात को देखकर भविष्य में पेंशन शुरू होने की कोई संभावना भी नजर नहीं आ रही है।
वार्ड चार से पार्षद नरेंद्र शर्मा निंदी ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि पेंशन ऑफिस के ढुलमुल रवैये के कारण पेंशन लाभार्थियों को पेंशन लाभ लेेने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। उन्होंने बताया कि पेंशन ऑफिस की ओर से पिछले छह महीने से नई पेंशन नहीं बनाई, जबकि पेंशन फार्म हर महीने ले जाते हैं।
थानेसर परिषद एरिया के विधवा, निशक्त और बुढ़ापा पेंशन के सैकड़ों केस लटके होने के सवाल पर जिला समाज कल्याण विभाग की अधिकारी सुरजीत कौर का कहना है कि मार्च तक के पेंशन केस ऑनलाइन के डाटा में एंट्री किए जा चुके हैं, जबकि उसके बाद के करीब 150 केस अभी एंट्री नहीं हुए। उन्होंने बताया कि मार्च तक के केस मंजूर हो चुके हैं, लेकिन 28 मार्च 2014 से उनके विभाग के एसओ, असिस्टेंट और डाटा आपरेटर को सरकार के आदेशानुसार पर करनाल का काम सौंपा है, जिसकी वजह से उपरोक्त कार्रवाई में देरी हो रही है।
जिला समाज कल्याण विभाग के सहायक पद पर कार्यरत सतपाल का कहना है कि उनकी तरफ से कोई ढील नहीं बरती जा रही, जरूरी प्रक्रिया पूरी करने में थोड़ा समय तो लगता ही है। उन्होंने बताया कि जो फार्म उनके पास आए हैं, उनके असली कागजात जांचने का कार्य चल रहा है और इसके बाद जल्द ही पेंशन शुरू कर दी जाएगी।
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परेशान बुजुर्ग, विधवा और निशक्त जिला समाज कल्याण विभाग की इस लापरवाही से बेहद खफा हैं। वहीं पार्षदों ने भी विभाग पर आरोप लगाया कि विभाग के अधिकारियों और स्टाफ की अनदेखी के चलते पेंशन पात्रों को सरकार की योजनाओं का लाभ नहीं दिया जा रहा।
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पता ये भी लगा है कि विभाग द्वारा नए पेंशन पात्रों के नाम कंप्यूटर डाटा में डालने में विलंब हो रहा है, इसी वजह से पात्रों का काम पिछले छह माह से अधिक से अटका है। विधवा, निशक्त और बुढ़ापा पेंशन के पात्रों का आरोप है कि वे अपने सभी दस्तावेज जमा कर चुके हैं, बावजूद इसके अभी तक उनकी पेंशन शुरू नहीं हुई।
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इन पेंशन पात्रों में ऐसे कई लोग हैं, जो कि एक या दो बार नहीं, बल्कि आधा दर्जन बार पेंशन के लिए फार्म भर चुके हैं। वहीं संबंधित विभाग का कहना है कि विलंब लापरवाही के कारण नहीं, बल्कि दस्तावेजों की जांच प्रक्रिया के चलते हो रहा है।
चनारथल कॉलोनी निवासी सुलोचना ने बताया कि उनकी उम्र 67 वर्ष है और वह अब तक पांच बार पेंशन फार्म भर चुकी हैं। उन्होंने कहा कि इस उम्र में कभी पेंशन ऑफिस और कभी नगर परिषद के चक्कर लगाकर वे थक चुकी हैं, लेकिन अभी तक पेंशन शुरू नहीं हो पाई। उन्होेंने मांग की है कि बुजुर्ग हित में जल्द पेंशन शुरू की जाए।
न्यू कॉलोनी निवासी सत्या (60) ने कहा कि वे अब तक चार बार पेंशन फार्म जमा करा चुकी हैं, लेकिन पेंशन शुरू होने के अभी भी कोई आसार नजर नहीं आ रहे। उन्होंने बताया कि पेंशन ऑफिस अधिकारी न तो फार्म में किसी प्रकार की कमी बताते हैं, जिसे पूरा किया जा सके और न ही पेंशन शुरू कर रहे हैं।
गांव सुंदरपुर निवासी बाल किशन (65) के अनुसार वे पेंशन बनवाने के लिए पिछले पांच साल से पेंशन ऑफिस और नगर परिषद कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं और अब तक चार-पांच बार फार्म दे चुके हैं। लेकिन समय बर्बाद करने के अलावा अब तक कुछ हासिल नहीं हुआ।
सेक्टर-3 निवासी शशि (62) का कहना है कि वे पिछले चार महीने से कई बार फार्म भर चुकीं हैं, लेकिन पेंशन नहीं लग रही है और इन हालात को देखकर भविष्य में पेंशन शुरू होने की कोई संभावना भी नजर नहीं आ रही है।
वार्ड चार से पार्षद नरेंद्र शर्मा निंदी ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि पेंशन ऑफिस के ढुलमुल रवैये के कारण पेंशन लाभार्थियों को पेंशन लाभ लेेने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। उन्होंने बताया कि पेंशन ऑफिस की ओर से पिछले छह महीने से नई पेंशन नहीं बनाई, जबकि पेंशन फार्म हर महीने ले जाते हैं।
थानेसर परिषद एरिया के विधवा, निशक्त और बुढ़ापा पेंशन के सैकड़ों केस लटके होने के सवाल पर जिला समाज कल्याण विभाग की अधिकारी सुरजीत कौर का कहना है कि मार्च तक के पेंशन केस ऑनलाइन के डाटा में एंट्री किए जा चुके हैं, जबकि उसके बाद के करीब 150 केस अभी एंट्री नहीं हुए। उन्होंने बताया कि मार्च तक के केस मंजूर हो चुके हैं, लेकिन 28 मार्च 2014 से उनके विभाग के एसओ, असिस्टेंट और डाटा आपरेटर को सरकार के आदेशानुसार पर करनाल का काम सौंपा है, जिसकी वजह से उपरोक्त कार्रवाई में देरी हो रही है।
जिला समाज कल्याण विभाग के सहायक पद पर कार्यरत सतपाल का कहना है कि उनकी तरफ से कोई ढील नहीं बरती जा रही, जरूरी प्रक्रिया पूरी करने में थोड़ा समय तो लगता ही है। उन्होंने बताया कि जो फार्म उनके पास आए हैं, उनके असली कागजात जांचने का कार्य चल रहा है और इसके बाद जल्द ही पेंशन शुरू कर दी जाएगी।