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Kurukshetra News: शीतलहर से गिरा तापमान, धूप खिलने से लोगों को मिली राहत
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कुरुक्षेत्र। धूप खिलने पर धूप का आनंद लेते लोग। संवाद
कुरुक्षेत्र। पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी के चलते शीतलहर का असर जारी है, जिसके चलते अभी भी मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। अल सुबह के समय तापमान में कमी के चलते कंपकंपी ठंड का असर बना हुआ है। हालांकि सुबह से ही धूप खिलने पर तापमान में बढ़ोतरी के चलते लोगों को दिन में ठंड से राहत भी मिल रही है। दिनभर तेज धूल भरी हवा के चलते सड़कों पर राहगीरों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
वहीं धूप खिलने से दोपहर के समय लोग धूप का आनंद लेने के लिए घरों की छतों और पार्कों में दिखाई दिए। साथ ही धूप खिलने पर पवित्र ब्रह्मसरोवर पर भी पर्यटक घूमते नजर आते हैं। वहीं मौसम में इस बदलाव के बाद बच्चों में खांसी और जुकाम और बुखार के मामले भी बढ़ रहे हैं। वीरवार को अधिकतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान छह डिग्री सेल्सियस रहा। जबकि शुक्रवार को अधिकतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान चार डिग्री सेल्सियस रहेगा।
मौसम बदलाव का असर बच्चों पर भी : डॉ. सतपाल बत्तरा
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सतपाल बत्तरा का कहना है कि बारिश के बाद मौसम में बदलाव होने के चलते छोटे बच्चों में खांसी, जुकाम और बुखार के मामले बढ़े हैं। मौसम में बदलाव के चलते 60 प्रतिशत केस खांसी, जुकाम और बुखार के ही आ रहे हैं। सर्दी के इस मौसम में लापरवाही घातक हो सकती है। बच्चों को ठंड लगने पर निमोनिया जैसी घातक बीमारी हो सकती है। सर्दी के मौसम में लापरवाही न करें, बच्चों को पौष्टिक आहार दें और दिन में कई बार गर्म पानी पिलाते रहे।
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वहीं धूप खिलने से दोपहर के समय लोग धूप का आनंद लेने के लिए घरों की छतों और पार्कों में दिखाई दिए। साथ ही धूप खिलने पर पवित्र ब्रह्मसरोवर पर भी पर्यटक घूमते नजर आते हैं। वहीं मौसम में इस बदलाव के बाद बच्चों में खांसी और जुकाम और बुखार के मामले भी बढ़ रहे हैं। वीरवार को अधिकतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान छह डिग्री सेल्सियस रहा। जबकि शुक्रवार को अधिकतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान चार डिग्री सेल्सियस रहेगा।
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मौसम बदलाव का असर बच्चों पर भी : डॉ. सतपाल बत्तरा
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सतपाल बत्तरा का कहना है कि बारिश के बाद मौसम में बदलाव होने के चलते छोटे बच्चों में खांसी, जुकाम और बुखार के मामले बढ़े हैं। मौसम में बदलाव के चलते 60 प्रतिशत केस खांसी, जुकाम और बुखार के ही आ रहे हैं। सर्दी के इस मौसम में लापरवाही घातक हो सकती है। बच्चों को ठंड लगने पर निमोनिया जैसी घातक बीमारी हो सकती है। सर्दी के मौसम में लापरवाही न करें, बच्चों को पौष्टिक आहार दें और दिन में कई बार गर्म पानी पिलाते रहे।

कुरुक्षेत्र। धूप खिलने पर धूप का आनंद लेते लोग। संवाद
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