{"_id":"658de945243b982af30dbeaf","slug":"technical-team-of-saraswati-board-took-sand-samples-in-sidhpur-gujarat-kurukshetra-news-c-45-1-kur1001-11129-2023-12-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kurukshetra News: सरस्वती बोर्ड की तकनीकी टीम ने गुजरात के सिद्धपुर में लिए रेत के सैंपल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kurukshetra News: सरस्वती बोर्ड की तकनीकी टीम ने गुजरात के सिद्धपुर में लिए रेत के सैंपल
Fri, 29 Dec 2023 03:01 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
Updated Fri, 29 Dec 2023 03:01 AM IST
विज्ञापन
कुरुक्षेत्र। गुजरात के सिद्धपुर में पहुंची सरस्वती हेरिटेज बोर्ड की टेक्निकल टीम ने सरस्वती नदी के क्षेत्र से रेत के सैंपल लिए हैं। इन सैंपल में देखने से पाया गया कि यह वैसे ही है जैसा हरियाणा और उत्तराखंड राजस्थान में है। पहले चैनल जो सरस्वती का इसरो द्वारा निर्धारित है और सरस्वती जहां से बहती रही है। सरस्वती बोर्ड की टीम इस ट्रैक पर पहुंची और सैंपल लिए। अब वे रेत को परीक्षण के लिए जयपुर इंस्टीट्यूट में भेजेंगे ताकि पूरे ट्रैक को तैयार किया जा सके। ये जानकारी बोर्ड के उपाध्यक्ष धुम्मन सिंह किरमिच ने दी।
उन्होंने बताया कि गुजरात में भी सरस्वती के प्रति उतनी ही श्रद्धा है जितनी अन्य प्रदेशों में है लोग वैसे ही पूजा पाठ और अंतिम यात्रा की अस्थि विसर्जन भी सरस्वती में ही करते हैं बहुत से ग्रंथों में यहां के इसका वर्णन भी आता है। इस तरह से यह जानकारी सरस्वती के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। सरस्वती बोर्ड की यात्रा में सभी अधिकारी बहुत ही जानकारी पाकर अचंभित भी हैं क्योंकि अभी तक सरस्वती का कार्य केवल हरियाणा तक सीमित था लेकिन मुख्यमंत्री मनोहर लाल की योजना से यह कार्य दूसरे प्रदेशों तक भी आगे बढ़ रहा है। इस कार्य से बहती आई सरस्वती का क्षेत्र ढूंढना और उसे पर पानी चलाने का एक बड़ी योजना के ऊपर हरियाणा सरकार कार्य कर रही है। ताकि हमारी इस धरोहर को दोबारा से जीवित किया जा सके और पानी की उपलब्धता के अनुसार सरस्वती का बहाव चलाया जाए।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि गुजरात में भी सरस्वती के प्रति उतनी ही श्रद्धा है जितनी अन्य प्रदेशों में है लोग वैसे ही पूजा पाठ और अंतिम यात्रा की अस्थि विसर्जन भी सरस्वती में ही करते हैं बहुत से ग्रंथों में यहां के इसका वर्णन भी आता है। इस तरह से यह जानकारी सरस्वती के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। सरस्वती बोर्ड की यात्रा में सभी अधिकारी बहुत ही जानकारी पाकर अचंभित भी हैं क्योंकि अभी तक सरस्वती का कार्य केवल हरियाणा तक सीमित था लेकिन मुख्यमंत्री मनोहर लाल की योजना से यह कार्य दूसरे प्रदेशों तक भी आगे बढ़ रहा है। इस कार्य से बहती आई सरस्वती का क्षेत्र ढूंढना और उसे पर पानी चलाने का एक बड़ी योजना के ऊपर हरियाणा सरकार कार्य कर रही है। ताकि हमारी इस धरोहर को दोबारा से जीवित किया जा सके और पानी की उपलब्धता के अनुसार सरस्वती का बहाव चलाया जाए।
विज्ञापन