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विद्यार्थियों को व्यक्तित्व विकास के गुर बताए
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संवाद न्यूज एजेंसी
पिहोवा। राजकीय महाविद्यालय भेरियां में प्लेसमेंट सेल की ओर से विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास के लिए व्याख्यान आयोजित किया गया। इसमें न्याय और कानून क्षेत्र में कॅरियर निर्माण की अपार संभावनाओं व पर्यावरण संरक्षण, अवधारणा, इतिहास, भारतीय परिप्रेक्ष्य एवं पहचान की कला विषयों पर विद्यार्थियों को जानकारी दी गई।
वाइस प्रिंसिपल डॉ. सुशील कुमार ने बताया कि रिसोर्स पर्सन के तौर पर जिला न्यायालय कुरुक्षेत्र के डिप्टी डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी डॉ. भूपेंद्र कुमार व कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के लोक संपर्क विभाग के प्रमुख डॉ. दीपक राय बब्बर चेयरमैन प्राणी शास्त्र विभाग ने हिस्सा लिया। डॉ. भूपेंद्र कुमार ने शिक्षा, न्याय, खेल व संगीत आदि किसी भी क्षेत्र में सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करते हुए विद्यार्थियों के कानूनी अधिकारों पर सवालों के उत्तर दिए।
डॉ. दीपक राय बब्बर ने पर्यावरण संरक्षण अधिनियमों, भारत की जैविक विविधता एवं उसके भौगोलिक क्षेत्र, हॉटस्पॉट क्षेत्र, वन्य जीवन, लुप्तप्राय प्रजातियों, पर्यावरण की समस्याओं के समाधान के बारे में पीपीटी के माध्यम से विस्तृत जानकारी दी। इस मौके पर डॉ. रविंद्र, डॉ. प्रशांत, डॉ. सुखबीर सिंह, प्रो. मुकेश, प्रो. रिंकू, प्रो. प्रीति छोकर, प्रो. प्रेरणा, प्रो. जितेंद्र, प्रो. अलका, प्रो. गीता, वनिता स्कॉलर, पीयूष स्कॉलर एवं नॉन टीचिंग स्टाफ उपस्थित रहा।
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उधर, डीएवी कॉलेज में आर्य समाज के संस्थापक स्वामी दयानंद सरस्वती की जयंती पर हिंदी विभाग की ओर से कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें छात्रों को स्वामी दयानंद की रचना सत्यार्थ प्रकाश के बारे में जानकारी दी गई। संस्कृत विभाग के प्रोफेसर डॉ. प्रवीण कुमार ने बताया कि सत्यार्थ प्रकाश आर्य समाज का मुख्य ग्रंथ है। अंग्रेजी विभाग के प्रोफेसर मनोज ने हिंदी के मध्यकालीन काव्य और कवियों की वाणी के अर्थ को आज के संदर्भ में विद्यार्थियों को समझाया।
प्रो. रविंद्र ने कहा कि स्वामी दयानंद द्वारा किए गए समाज सुधारों के बारे में छात्रों को बताया। हिंदी विभाग की अध्यक्षा डॉ. सुमन सिरोही ने बताया कि कार्यक्रम में भक्ति कालीन कवियों से संबंधित प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। उन्होंने कहा कि स्वामी दयानंद ने सामाजिक कुरीतियों को दूर करने के साथ-साथ कई महत्वपूर्ण अभियान चलाए दिन के सकारात्मक परिणाम देखने को मिले। इस मौके पर रूपा, मोनिका, सुनीता, नवदीप, मीनू, शिवानी, मनप्रीत और छात्र तरसेम, हर्ष, ध्रुव व प्रिंस सहित कई लोग मौजूद रहे।
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पिहोवा। राजकीय महाविद्यालय भेरियां में प्लेसमेंट सेल की ओर से विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास के लिए व्याख्यान आयोजित किया गया। इसमें न्याय और कानून क्षेत्र में कॅरियर निर्माण की अपार संभावनाओं व पर्यावरण संरक्षण, अवधारणा, इतिहास, भारतीय परिप्रेक्ष्य एवं पहचान की कला विषयों पर विद्यार्थियों को जानकारी दी गई।
वाइस प्रिंसिपल डॉ. सुशील कुमार ने बताया कि रिसोर्स पर्सन के तौर पर जिला न्यायालय कुरुक्षेत्र के डिप्टी डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी डॉ. भूपेंद्र कुमार व कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के लोक संपर्क विभाग के प्रमुख डॉ. दीपक राय बब्बर चेयरमैन प्राणी शास्त्र विभाग ने हिस्सा लिया। डॉ. भूपेंद्र कुमार ने शिक्षा, न्याय, खेल व संगीत आदि किसी भी क्षेत्र में सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करते हुए विद्यार्थियों के कानूनी अधिकारों पर सवालों के उत्तर दिए।
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डॉ. दीपक राय बब्बर ने पर्यावरण संरक्षण अधिनियमों, भारत की जैविक विविधता एवं उसके भौगोलिक क्षेत्र, हॉटस्पॉट क्षेत्र, वन्य जीवन, लुप्तप्राय प्रजातियों, पर्यावरण की समस्याओं के समाधान के बारे में पीपीटी के माध्यम से विस्तृत जानकारी दी। इस मौके पर डॉ. रविंद्र, डॉ. प्रशांत, डॉ. सुखबीर सिंह, प्रो. मुकेश, प्रो. रिंकू, प्रो. प्रीति छोकर, प्रो. प्रेरणा, प्रो. जितेंद्र, प्रो. अलका, प्रो. गीता, वनिता स्कॉलर, पीयूष स्कॉलर एवं नॉन टीचिंग स्टाफ उपस्थित रहा।
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उधर, डीएवी कॉलेज में आर्य समाज के संस्थापक स्वामी दयानंद सरस्वती की जयंती पर हिंदी विभाग की ओर से कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें छात्रों को स्वामी दयानंद की रचना सत्यार्थ प्रकाश के बारे में जानकारी दी गई। संस्कृत विभाग के प्रोफेसर डॉ. प्रवीण कुमार ने बताया कि सत्यार्थ प्रकाश आर्य समाज का मुख्य ग्रंथ है। अंग्रेजी विभाग के प्रोफेसर मनोज ने हिंदी के मध्यकालीन काव्य और कवियों की वाणी के अर्थ को आज के संदर्भ में विद्यार्थियों को समझाया।
प्रो. रविंद्र ने कहा कि स्वामी दयानंद द्वारा किए गए समाज सुधारों के बारे में छात्रों को बताया। हिंदी विभाग की अध्यक्षा डॉ. सुमन सिरोही ने बताया कि कार्यक्रम में भक्ति कालीन कवियों से संबंधित प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। उन्होंने कहा कि स्वामी दयानंद ने सामाजिक कुरीतियों को दूर करने के साथ-साथ कई महत्वपूर्ण अभियान चलाए दिन के सकारात्मक परिणाम देखने को मिले। इस मौके पर रूपा, मोनिका, सुनीता, नवदीप, मीनू, शिवानी, मनप्रीत और छात्र तरसेम, हर्ष, ध्रुव व प्रिंस सहित कई लोग मौजूद रहे।