{"_id":"695589f4b9cafd300106564f","slug":"students-will-be-connected-with-the-spirit-of-service-discipline-and-nation-building-kurukshetra-news-c-45-1-knl1024-147826-2026-01-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kurukshetra News: सेवा, अनुशासन और राष्ट्रनिर्माण की भावना से जुड़ेंगे विद्यार्थी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kurukshetra News: सेवा, अनुशासन और राष्ट्रनिर्माण की भावना से जुड़ेंगे विद्यार्थी
विज्ञापन
कुरुक्षेत्र। शपथ लेते स्वयंसेवक। स्वयं
कुरुक्षेत्र। श्रीमद्भगवद्गीता वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कुरुक्षेत्र में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के सात दिवसीय विशेष शिविर का आयोजन किया गया जिसका शुभारंभ बुधवार को किया। शिविर का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में सामाजिक चेतना का विकास करना और उन्हें सेवा और राष्ट्रनिर्माण की भावना से जोड़ना है।
शिविर का औपचारिक उद्घाटन हिंदी आचार्य रासबिहारी पांडेय, शारीरिक आचार्य भुपेंद्र गोस्वामी और एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी पुनीत डोडा के नेतृत्व में एनएसएस गीत के सामूहिक गायन के साथ हुआ। शिविर स्थल पर स्वयंसेवकों में विशेष उत्साह देखने को मिला और सभी ने अनुशासन व समर्पण के साथ कार्यक्रम में भाग लिया। उद्घाटन सत्र में हिंदी आचार्य रासबिहारी पांडेय ने स्वयंसेवकों को एनएसएस के मूल मंत्र नॉट मी, बट यू की महत्ता समझाई। उन्होंने कहा कि एनएसएस केवल एक गतिविधि नहीं बल्कि समाज सेवा से जुड़ी एक सकारात्मक सोच है। ऐसे शिविर विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, सहयोग, अनुशासन और सामाजिक उत्तरदायित्व जैसे मूल्यों का विकास करते हैं।
इसके बाद इतिहास विषय की आचार्य दीदी गीता और कार्यक्रम अधिकारी पुनीत डोडा ने स्वयंसेवकों को नशा मुक्ति की शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि नशा आज की युवा पीढ़ी को भीतर से कमजोर कर रहा है, इसलिए इससे जितना हो सके दूर रहना आवश्यक है।
विज्ञापन
कार्यक्रम अधिकारी पुनीत डोडा ने बताया कि शिविर के दौरान स्वच्छता अभियान, स्वास्थ्य एवं पर्यावरण जागरूकता, वृक्षारोपण, सामाजिक कुरीतियों पर जागरूकता, योग, ध्यान, व्यक्तित्व विकास और सामुदायिक सेवा जैसी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
विज्ञापन
शिविर का औपचारिक उद्घाटन हिंदी आचार्य रासबिहारी पांडेय, शारीरिक आचार्य भुपेंद्र गोस्वामी और एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी पुनीत डोडा के नेतृत्व में एनएसएस गीत के सामूहिक गायन के साथ हुआ। शिविर स्थल पर स्वयंसेवकों में विशेष उत्साह देखने को मिला और सभी ने अनुशासन व समर्पण के साथ कार्यक्रम में भाग लिया। उद्घाटन सत्र में हिंदी आचार्य रासबिहारी पांडेय ने स्वयंसेवकों को एनएसएस के मूल मंत्र नॉट मी, बट यू की महत्ता समझाई। उन्होंने कहा कि एनएसएस केवल एक गतिविधि नहीं बल्कि समाज सेवा से जुड़ी एक सकारात्मक सोच है। ऐसे शिविर विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, सहयोग, अनुशासन और सामाजिक उत्तरदायित्व जैसे मूल्यों का विकास करते हैं।
विज्ञापन
इसके बाद इतिहास विषय की आचार्य दीदी गीता और कार्यक्रम अधिकारी पुनीत डोडा ने स्वयंसेवकों को नशा मुक्ति की शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि नशा आज की युवा पीढ़ी को भीतर से कमजोर कर रहा है, इसलिए इससे जितना हो सके दूर रहना आवश्यक है।
विज्ञापन
कार्यक्रम अधिकारी पुनीत डोडा ने बताया कि शिविर के दौरान स्वच्छता अभियान, स्वास्थ्य एवं पर्यावरण जागरूकता, वृक्षारोपण, सामाजिक कुरीतियों पर जागरूकता, योग, ध्यान, व्यक्तित्व विकास और सामुदायिक सेवा जैसी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।