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Kurukshetra News: श्रीकृष्ण आयुष विश्वविद्यालय के छात्रों ने मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन
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कुरुक्षेत्र। श्रीकृष्ण आयुष विश्वविद्यालय के छात्रों ने विश्वविद्यालय के स्थायी परिसर के निर्माण में हो रही देरी के लिए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नाम मुख्यमंत्री प्रतिनिधि कैलाश सैनी को ज्ञापन सौंपा। छात्रों ने वर्षों से लंबित निर्माण कार्य को शीघ्र शुरू करने की मांग की है।
आयुष विश्वविद्यालय की एबीवीपी इकाई अध्यक्ष विशाल चतुर्वेदी, डॉ. लक्ष्य, डॉ. प्रेरित गोयल, विभोर सेठी, अजय शर्मा, हिमांशु, नेहा, आरुषि व कोमल समेत अन्य छात्रों ने कहा कि साल 2017 में हरियाणा सरकार द्वारा विश्वविद्यालय की स्थापना की थी और 12 फरवरी 2019 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विश्वविद्यालय की आधारशिला रखी थी। इसके बाद पांच अगस्त 2024 को मुख्यमंत्री ने गांव फतुहपुर में विश्वविद्यालय के स्थाई भवन के लिए 500 करोड़ के बजट की घोषणा की गई थी। साथ ही 17 मार्च 2025 के बजट भाषण में यह आश्वासन भी दिया गया था कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
छात्र नेता विशाल चतुर्वेदी ने कहा कि क्या सरकार आयुष चिकित्सा पद्धति को इतना हल्के में ले रही है। ऐसे तो छात्रों का भविष्य सिर्फ कागजों में रह जाएगा। सरकार द्वारा बार-बार घोषणाओं और भारी-भरकम बजट आवंटन होने के बावजूद एक ईंट तक नहीं लगाई गई। छात्रों ने मुख्यमंत्री से अपील की है कि वह आयुष चिकित्सा पद्धतियों को प्राथमिकता देते हुए विश्वविद्यालय के निर्माण कार्य को शीघ्र प्रारंभ करवाएं, ताकि प्रधानमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट को मूर्त रूप दिया जा सके। छात्रों का कहना है कि सरकार ने इसके लिए कमेटी भी गठित की थी, लेकिन इसके बावजूद मई 2025 तक न तो कोई निर्माण कार्य धरातल पर दिखाई दे रहा है, न ही कोई प्रगति नजर आ रही है।
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आयुष विश्वविद्यालय की एबीवीपी इकाई अध्यक्ष विशाल चतुर्वेदी, डॉ. लक्ष्य, डॉ. प्रेरित गोयल, विभोर सेठी, अजय शर्मा, हिमांशु, नेहा, आरुषि व कोमल समेत अन्य छात्रों ने कहा कि साल 2017 में हरियाणा सरकार द्वारा विश्वविद्यालय की स्थापना की थी और 12 फरवरी 2019 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विश्वविद्यालय की आधारशिला रखी थी। इसके बाद पांच अगस्त 2024 को मुख्यमंत्री ने गांव फतुहपुर में विश्वविद्यालय के स्थाई भवन के लिए 500 करोड़ के बजट की घोषणा की गई थी। साथ ही 17 मार्च 2025 के बजट भाषण में यह आश्वासन भी दिया गया था कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
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छात्र नेता विशाल चतुर्वेदी ने कहा कि क्या सरकार आयुष चिकित्सा पद्धति को इतना हल्के में ले रही है। ऐसे तो छात्रों का भविष्य सिर्फ कागजों में रह जाएगा। सरकार द्वारा बार-बार घोषणाओं और भारी-भरकम बजट आवंटन होने के बावजूद एक ईंट तक नहीं लगाई गई। छात्रों ने मुख्यमंत्री से अपील की है कि वह आयुष चिकित्सा पद्धतियों को प्राथमिकता देते हुए विश्वविद्यालय के निर्माण कार्य को शीघ्र प्रारंभ करवाएं, ताकि प्रधानमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट को मूर्त रूप दिया जा सके। छात्रों का कहना है कि सरकार ने इसके लिए कमेटी भी गठित की थी, लेकिन इसके बावजूद मई 2025 तक न तो कोई निर्माण कार्य धरातल पर दिखाई दे रहा है, न ही कोई प्रगति नजर आ रही है।
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