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Kurukshetra News: हिंदी विभाग में एचडी दाखिले में अनियमितता की छात्र संगठन ने की जांच की मांग
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कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग में पीएचडी दाखिले को लेकर एएसएपी छात्र संगठन ने गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं।
संगठन के अध्यक्ष भारत बराड़ के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने कुलपति को ज्ञापन सौंपते हुए दाखिला प्रक्रिया की तुरंत जांच और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की।
उन्होंने बताया कि पीएचडी. फॉर्म के समय विभाग ने कुल 17 सीटें घोषित की थीं, लेकिन 21 जुलाई को जारी पहली मेरिट सूची में केवल 14 विद्यार्थियों का चयन किया गया। शेष तीन सीटों को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई, जिससे चयन प्रक्रिया पर सवाल उठे हैं।
उन्होंने कहा कि एक डीएससी वर्ग की छात्रा, जिसकी योग्यता जेआरएफ के साथ 84.714 प्रतिशत है, को केवल उसकी श्रेणी में रखा गया, जबकि उससे कम अंक पाने वाले उम्मीदवारों को एचजीसी में स्थान मिला। इसी तरह एक ओएससी वर्ग का छात्र भी एचजीसी में योग्य होने के बावजूद केवल अपनी श्रेणी में रखा गया।
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एएसएपी ने डीन से मुलाकात कर चयन सूची की पुनः समीक्षा की मांग की, जिस पर डीन ने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि यदि शीघ्र उचित कदम नहीं उठाए गए, तो संगठन अनिश्चितकालीन धरने पर बैठने को मजबूर होगा।
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संगठन के अध्यक्ष भारत बराड़ के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने कुलपति को ज्ञापन सौंपते हुए दाखिला प्रक्रिया की तुरंत जांच और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की।
उन्होंने बताया कि पीएचडी. फॉर्म के समय विभाग ने कुल 17 सीटें घोषित की थीं, लेकिन 21 जुलाई को जारी पहली मेरिट सूची में केवल 14 विद्यार्थियों का चयन किया गया। शेष तीन सीटों को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई, जिससे चयन प्रक्रिया पर सवाल उठे हैं।
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उन्होंने कहा कि एक डीएससी वर्ग की छात्रा, जिसकी योग्यता जेआरएफ के साथ 84.714 प्रतिशत है, को केवल उसकी श्रेणी में रखा गया, जबकि उससे कम अंक पाने वाले उम्मीदवारों को एचजीसी में स्थान मिला। इसी तरह एक ओएससी वर्ग का छात्र भी एचजीसी में योग्य होने के बावजूद केवल अपनी श्रेणी में रखा गया।
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एएसएपी ने डीन से मुलाकात कर चयन सूची की पुनः समीक्षा की मांग की, जिस पर डीन ने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि यदि शीघ्र उचित कदम नहीं उठाए गए, तो संगठन अनिश्चितकालीन धरने पर बैठने को मजबूर होगा।