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धान खरीद पर संघर्ष : पहले लट्ठ खाने की हामी भरवाई फिर हाईवे जाम करने का एलान
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शाहाबाद। पानी की बौछारों से बचने का प्रयास करते किसान। संवाद
- फोटो : Samvad
कुरुक्षेत्र/शाहाबाद। धान खरीद शुरू कराने के लिए मंगलवार को शाहाबाद में जमकर संघर्ष हुआ, जिसके बाद भी स्पष्ट नहीं हो पाया कि खरीद कब से शुरू होगी। किसानों ने खरीद शुरू कराने को लेकर आंदोलन जारी रखने का एलान कर दिया है। इससे पहले सुबह से ही हाईवे जाम होने की आशंका बनने लगी थी, जिसके चलते ही पुलिस ने पुख्ता बंदोबस्त कर लिए थे।किसान भी खरीद शुरू न होने के चलते हर हालत में हाईवे जाम करने की तैयारी में थे।
भाकियू नेता गुरनाम चढूनी ने सोशल मीडिया के जरिए भी किसानों को आगाह कर दिया था कि वे किसी भी परिस्थिति को झेलने की तैयारी में ही पहुंचें। यही नहीं शहीदी स्मारक हॉल में भी उन्होंने पहले किसानों से हाईवे जाम पर चर्चा की और कहा कि लड़ाई का मुंह काला होता है लेकिन इसके सिवाय कोई विकल्प भी नहीं बचा है। यही नहीं चढूनी ने पहले मौजूद किसानों से बार-बार राय ली कि हाईवे जाम करें या नहीं। किसानों ने हां की तो चढूनी ने स्पष्ट किया कि पुलिस लट्ठ मारे या जो भी कार्रवाई करे, हमें पलटकर जवाब नहीं देना बल्कि सहन करना है। यही आंदोलन होता है। जब किसान पूरी तरह से तैयार हुए तो चढूनी ने हाईवे जाम के लिए कूच करने का एलान किया।
किसानों और पुलिस प्रशासन के बीच जमकर टकराव हुआ। भारतीय किसान यूनियन चढ़ूनी के आह्वान पर किसान राष्ट्रीय राजमार्ग-44 की ओर बढ़े लेकिन पुलिस ने भारी बैरिकेडिंग और सुरक्षा व्यवस्था के जरिए उन्हें हाईवे पर पहुंचने से रोकने का प्रयास किया। किसानों की संख्या अपेक्षाकृत कम रहने के कारण पुलिस प्रशासन की तैयारी भारी दिखाई दीं। कुछ किसान बैरिकेडिंग पार कर जीटी रोड तक पहुंच गए, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें पीछे हटाने के लिए बल प्रयोग किया। किसानों के अनुसार, नेशनल हाईवे पर पहुंचने वाले किसानों को पीछे हटाने के लिए पुलिस करीब एक किलोमीटर तक उनके पीछे दौड़ी और लाठीचार्ज भी किया। किसानों ने करीब 10 मिनट तक जाम लगाया लेकिन करीब 15 मिनट के दौरान हाईवे को खाली करवा दिया और यातायात सुचारू किया।
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आंसू गैस और वाटर कैनन झेलते रहे किसान
हाईवे जाम करने पर अड़े किसान आंसू गैस व वाटर कैनन की बौछारें झेलते रहे। कोई गिर पड़ा तो किसी के सिर से पगड़ी उतर गई। यहां तक कि भाकियू के अध्यक्ष गुरनाम चढूनी व वरिष्ठ किसान नेता जसबीर सिंह मामू माजरा की पगड़ी उतर गई। प्रदर्शनकारियों के मुताबिक गैस का असर काफी देर तक रहा और कई लोगों को आंखों में जलन तथा सांस लेने में परेशानी का सामना करना पड़ा। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने के लिए बसों की भी व्यवस्था की थी। किसानों ने गिरफ्तारी देने से इनकार कर दिया।
जसबीर मामू माजरा और राकेश बैंस हिरासत में लिए
किसान नेता जसबीर सिंह मामू माजरा और यूनियन प्रवक्ता राकेश बैंस को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। किसानों में जोश उस समय भर गया जब यूनियन के अध्यक्ष चढ़ूनी की तबीयत खराब होने के बावजूद आंदोलन को आगे बढ़ाते रहे। दोनों नेताओं को हिरासत में लेने के बाद चढ़ूनी के नेतृत्व में किसान शाहाबाद-बराड़ा रोड पर पहुंचकर धरने पर बैठ गए ।
इस तरह थी पुलिस की तैयारी
पुलिस की ओर से शाहाबाद-बराड़ा रोड और राष्ट्रीय राजमार्ग की तरफ जाने वाले रास्तों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। मुख्य मार्ग पर पांच स्तरों की बैरिकेडिंग की गई थी। वाटर कैनन, फायर ब्रिगेड, एंबुलेंस और आंसू गैस के इस्तेमाल के लिए पुलिस बल तैनात रहा। डीएसपी रणधीर सिंह और निर्मल सिंह नेतृत्व करते रहे। एसपी चंद्रमोहन भी मौके पर पहुंचे।
आज बनेगी नई रणनीति
देर शाम गुरनाम चढ़ूनी ने कहा कि 23 सितंबर दोपहर तक बराड़ा रोड पर धरना रहेगा, उसके बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी। चढ़ूनी ने प्रदेश के किसानों को बुधवार को और भी ज्यादा संख्या में शाहाबाद पहुंचने का आह्वान किया।
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भाकियू नेता गुरनाम चढूनी ने सोशल मीडिया के जरिए भी किसानों को आगाह कर दिया था कि वे किसी भी परिस्थिति को झेलने की तैयारी में ही पहुंचें। यही नहीं शहीदी स्मारक हॉल में भी उन्होंने पहले किसानों से हाईवे जाम पर चर्चा की और कहा कि लड़ाई का मुंह काला होता है लेकिन इसके सिवाय कोई विकल्प भी नहीं बचा है। यही नहीं चढूनी ने पहले मौजूद किसानों से बार-बार राय ली कि हाईवे जाम करें या नहीं। किसानों ने हां की तो चढूनी ने स्पष्ट किया कि पुलिस लट्ठ मारे या जो भी कार्रवाई करे, हमें पलटकर जवाब नहीं देना बल्कि सहन करना है। यही आंदोलन होता है। जब किसान पूरी तरह से तैयार हुए तो चढूनी ने हाईवे जाम के लिए कूच करने का एलान किया।
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किसानों और पुलिस प्रशासन के बीच जमकर टकराव हुआ। भारतीय किसान यूनियन चढ़ूनी के आह्वान पर किसान राष्ट्रीय राजमार्ग-44 की ओर बढ़े लेकिन पुलिस ने भारी बैरिकेडिंग और सुरक्षा व्यवस्था के जरिए उन्हें हाईवे पर पहुंचने से रोकने का प्रयास किया। किसानों की संख्या अपेक्षाकृत कम रहने के कारण पुलिस प्रशासन की तैयारी भारी दिखाई दीं। कुछ किसान बैरिकेडिंग पार कर जीटी रोड तक पहुंच गए, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें पीछे हटाने के लिए बल प्रयोग किया। किसानों के अनुसार, नेशनल हाईवे पर पहुंचने वाले किसानों को पीछे हटाने के लिए पुलिस करीब एक किलोमीटर तक उनके पीछे दौड़ी और लाठीचार्ज भी किया। किसानों ने करीब 10 मिनट तक जाम लगाया लेकिन करीब 15 मिनट के दौरान हाईवे को खाली करवा दिया और यातायात सुचारू किया।
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आंसू गैस और वाटर कैनन झेलते रहे किसान
हाईवे जाम करने पर अड़े किसान आंसू गैस व वाटर कैनन की बौछारें झेलते रहे। कोई गिर पड़ा तो किसी के सिर से पगड़ी उतर गई। यहां तक कि भाकियू के अध्यक्ष गुरनाम चढूनी व वरिष्ठ किसान नेता जसबीर सिंह मामू माजरा की पगड़ी उतर गई। प्रदर्शनकारियों के मुताबिक गैस का असर काफी देर तक रहा और कई लोगों को आंखों में जलन तथा सांस लेने में परेशानी का सामना करना पड़ा। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने के लिए बसों की भी व्यवस्था की थी। किसानों ने गिरफ्तारी देने से इनकार कर दिया।
जसबीर मामू माजरा और राकेश बैंस हिरासत में लिए
किसान नेता जसबीर सिंह मामू माजरा और यूनियन प्रवक्ता राकेश बैंस को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। किसानों में जोश उस समय भर गया जब यूनियन के अध्यक्ष चढ़ूनी की तबीयत खराब होने के बावजूद आंदोलन को आगे बढ़ाते रहे। दोनों नेताओं को हिरासत में लेने के बाद चढ़ूनी के नेतृत्व में किसान शाहाबाद-बराड़ा रोड पर पहुंचकर धरने पर बैठ गए ।
इस तरह थी पुलिस की तैयारी
पुलिस की ओर से शाहाबाद-बराड़ा रोड और राष्ट्रीय राजमार्ग की तरफ जाने वाले रास्तों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। मुख्य मार्ग पर पांच स्तरों की बैरिकेडिंग की गई थी। वाटर कैनन, फायर ब्रिगेड, एंबुलेंस और आंसू गैस के इस्तेमाल के लिए पुलिस बल तैनात रहा। डीएसपी रणधीर सिंह और निर्मल सिंह नेतृत्व करते रहे। एसपी चंद्रमोहन भी मौके पर पहुंचे।
आज बनेगी नई रणनीति
देर शाम गुरनाम चढ़ूनी ने कहा कि 23 सितंबर दोपहर तक बराड़ा रोड पर धरना रहेगा, उसके बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी। चढ़ूनी ने प्रदेश के किसानों को बुधवार को और भी ज्यादा संख्या में शाहाबाद पहुंचने का आह्वान किया।

शाहाबाद। पानी की बौछारों से बचने का प्रयास करते किसान। संवाद- फोटो : Samvad