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Kurukshetra News: एचएसजीपीसी की कमान के लिए फिर खींचतान
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कुरुक्षेत्र। हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी के बनने के दौरान ही प्रधानगी को लेकर शुरू हुआ विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। भले ही अब स्थायी कमेटी के चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, लेकिन एडहॉक कमेटी की प्रधानगी पर अभी खींचतान जारी है।
रविवार को जैसे ही प्रधान पद से महंत करमजीत सिंह व महासचिव पद से गुरविंद्र सिंह धमीजा द्वारा त्यागपत्र दिए जाने की सूचना आई तो नए प्रधान व महासचिव को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई। वहीं करीब 20 दिन पहले एसजीपीसी सदस्य से इस्तीफा दे चुके एवं हरियाणा कमेटी में वरिष्ठ उपाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह असंध तथा मुख्यमंत्री के मीडिया कोर्डिनेटर रमणीक मान के नाम की प्रधानगी के लिए दावेदारी की चर्चाएं तेज होने लगी हैं। माना जा रहा है कि जहां रमणीक सिंह मान को मुख्यमंत्री के नजदीक होने का फायदा हो सकता है तो उनकी पैरवी समाज से जुड़े एक आयोग के चेयरमैन भी कर सकते हैं। वहीं भूपेंद्र सिंह असंध के लिए एक सांसद द्वारा पैरवी किए जाने को लेकर चर्चाएं हैं।
मैने प्रधानगी के लिए नहीं छोड़ी एसजीपीसी : भूपेंद्र
प्रधान पद को लेकर चर्चा में आए रमणीक सिंह मान से हालांकि संपर्क नहीं हो सका, लेकिन भूपेंद्र सिंह असंध का कहना है कि उन्होंने प्रधानगी के लिए एसजीपीसी को नहीं छोड़ा है। उन पर दोनों ओर से सदस्यता थी और एचएसजीपीसी में उन्हें उपप्रधान की जिम्मेदारी भी दी गई। ऐसे में उन्होंने यह इस्तीफा देना सही लगा। अब प्रधान कौन रहेगा और कौन नहीं, वे कुछ कह नहीं सकते।
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महंत की ओर से पुष्टि नहीं, धमीजा बोले- मुझे प्रधानगी का लालच नहीं
देर रात तक भी महंत करमजीत सिंह की ओर से त्यागपत्र की पुष्टि नहीं की गई, लेकिन माना जा रहा है कि इस विवाद के चलते ही उन्होंने यह कदम उठाया है। वही गुरविंद्र सिंह धमीजा का कहना है कि उन्हें प्रधानगी का कोई लालच नहीं, लेकिन 14 अगस्त को हुए विवाद का मामला श्री अकालतख्त पहुंचा हुआ है और जांच के लिए कमेटी भी बनी है। यह जांच सही हो सके, इसी के लिए ही त्यागपत्र दिया है।
विवाद ने एसजीपीसी की राह बनाई आसान
जहां विवाद के चलते जहां एचएसजीपीसी के पदाधिकारी आपसी खींचतान में उलझे हैं तो वहीं इसी बीच एसजीपीसी की राह आसान हो गई है। नई स्थायी कमेटी के लिए चुनाव प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, जिसके लिए इस माह के अंत तक तक वोट बनाए जाएंगे। अधिक से अधिक वोट बनवाने के लिए एसजीपीसी वार्ड अनुसार अभियान चला चुकी है तो खुद कमेटी के अध्यक्ष हरजिंद्र सिंह धामी भी यहां आकर बैठक ले चुके हैं। इस बैठक में बनाई गई रणनीति के अनुसार जत्थे समाज के लोगों को वोट बनवाने के लिए जागरूक करने में जुटे हैं जबकि एचएसजीपीसी के बीच चल रहा विवाद भी इसी दौरान बड़े प्रचार का कारण बन रहा है। उधर इस चुनाव पर एचएसजीपीसी के विवाद का क्या असर हो सकता है, यह आने वाला समय ही बताएगा।
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रविवार को जैसे ही प्रधान पद से महंत करमजीत सिंह व महासचिव पद से गुरविंद्र सिंह धमीजा द्वारा त्यागपत्र दिए जाने की सूचना आई तो नए प्रधान व महासचिव को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई। वहीं करीब 20 दिन पहले एसजीपीसी सदस्य से इस्तीफा दे चुके एवं हरियाणा कमेटी में वरिष्ठ उपाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह असंध तथा मुख्यमंत्री के मीडिया कोर्डिनेटर रमणीक मान के नाम की प्रधानगी के लिए दावेदारी की चर्चाएं तेज होने लगी हैं। माना जा रहा है कि जहां रमणीक सिंह मान को मुख्यमंत्री के नजदीक होने का फायदा हो सकता है तो उनकी पैरवी समाज से जुड़े एक आयोग के चेयरमैन भी कर सकते हैं। वहीं भूपेंद्र सिंह असंध के लिए एक सांसद द्वारा पैरवी किए जाने को लेकर चर्चाएं हैं।
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मैने प्रधानगी के लिए नहीं छोड़ी एसजीपीसी : भूपेंद्र
प्रधान पद को लेकर चर्चा में आए रमणीक सिंह मान से हालांकि संपर्क नहीं हो सका, लेकिन भूपेंद्र सिंह असंध का कहना है कि उन्होंने प्रधानगी के लिए एसजीपीसी को नहीं छोड़ा है। उन पर दोनों ओर से सदस्यता थी और एचएसजीपीसी में उन्हें उपप्रधान की जिम्मेदारी भी दी गई। ऐसे में उन्होंने यह इस्तीफा देना सही लगा। अब प्रधान कौन रहेगा और कौन नहीं, वे कुछ कह नहीं सकते।
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महंत की ओर से पुष्टि नहीं, धमीजा बोले- मुझे प्रधानगी का लालच नहीं
देर रात तक भी महंत करमजीत सिंह की ओर से त्यागपत्र की पुष्टि नहीं की गई, लेकिन माना जा रहा है कि इस विवाद के चलते ही उन्होंने यह कदम उठाया है। वही गुरविंद्र सिंह धमीजा का कहना है कि उन्हें प्रधानगी का कोई लालच नहीं, लेकिन 14 अगस्त को हुए विवाद का मामला श्री अकालतख्त पहुंचा हुआ है और जांच के लिए कमेटी भी बनी है। यह जांच सही हो सके, इसी के लिए ही त्यागपत्र दिया है।
विवाद ने एसजीपीसी की राह बनाई आसान
जहां विवाद के चलते जहां एचएसजीपीसी के पदाधिकारी आपसी खींचतान में उलझे हैं तो वहीं इसी बीच एसजीपीसी की राह आसान हो गई है। नई स्थायी कमेटी के लिए चुनाव प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, जिसके लिए इस माह के अंत तक तक वोट बनाए जाएंगे। अधिक से अधिक वोट बनवाने के लिए एसजीपीसी वार्ड अनुसार अभियान चला चुकी है तो खुद कमेटी के अध्यक्ष हरजिंद्र सिंह धामी भी यहां आकर बैठक ले चुके हैं। इस बैठक में बनाई गई रणनीति के अनुसार जत्थे समाज के लोगों को वोट बनवाने के लिए जागरूक करने में जुटे हैं जबकि एचएसजीपीसी के बीच चल रहा विवाद भी इसी दौरान बड़े प्रचार का कारण बन रहा है। उधर इस चुनाव पर एचएसजीपीसी के विवाद का क्या असर हो सकता है, यह आने वाला समय ही बताएगा।