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गुरु परंपरा और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन को बढ़ा रही प्रदेश सरकार : मुख्यमंत्री
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कुरुक्षेत्र। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सोमवार को पतंग उड़ाकर केडीबी ग्राउंड में दो दिवसीय वैसाखी महोत्सव का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि गुरु साहिबानों के सिद्धांतों और शिक्षाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए देश व प्रदेश की सरकार निरंतर काम कर रही हैं। इसके साथ ही वैसाखी महोत्सव जैसे आयोजन कर गुरु परंपरा और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन को बढ़ाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि वैसाखी का यह उत्सव नई फसलों और नई उम्मीदों का त्योहार है। यह त्योहार हमारी आस्था, परंपरा और इतिहास का जीवंत प्रतीक है। वैसाखी का पर्व हमें प्रकृति के साथ जुड़ने, श्रम के सम्मान को समझने और समृद्धि का उत्सव मनाने की प्रेरणा देता है। यह दिन किसानों के परिश्रम का उत्सव है, उनकी मेहनत का सम्मान है और उनकी खुशहाली का प्रतीक है। जब खेतों में लहराती फसलें पक कर तैयार होती हैं, तो किसान का हृदय गर्व और आनंद से भर उठता है और खुशी से सब मिलकर वैसाखी के रूप में मनाते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा की धरा का सिख इतिहास और गुरुओं की परंपरा से गहरा संबंध रहा है। प्रदेश के लोगों ने हमेशा सिख गुरुओं के आदर्शों को अपनाया है और उनके संघर्षों में बढ़-चढ़कर भाग लिया है।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सभी को मिलकर ऐसा समाज बनाना होगा, जहां सभी को समान अवसर मिले, जहां कोई भेदभाव न हो और जहां हर व्यक्ति को सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अधिकार हो। उन्होंने कहा कि इन सभी प्रयासों का उद्देश्य केवल विकास करना नहीं है बल्कि अपनी जड़ों से जुड़े रहना, अपनी संस्कृति को संजोना और आने वाली पीढ़ियों को अपने गौरवशाली इतिहास से परिचित कराना है। जब हम अपने अतीत से प्रेरणा लेते हैं, तभी हम एक उज्ज्वल भविष्य का निर्माण कर सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने महोत्सव में सिख इतिहास पर आधारित प्रदर्शनी व दंगल प्रतियोगिता का शुभारंभ किया। उन्होंने हरियाणा विरासत पवेलियन का निरीक्षण भी किया। इस दौरान गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद, पूर्व राज्यमंत्री सुभाष सुधा, डॉ. प्रभलीन सिंह, तिजेंद्र सिंह गोल्डी, धर्मवीर डागर, धर्मवीर मिर्जापुर, धूमन सिंह किरमच और जयभगवान शर्मा सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
जलियांवाला बाग के शहीदों को दी श्रद्धांजलि
मुख्यमंत्री ने 13 अप्रैल 1919 के दिन जलियांवाला बाग नरसंहार के बलिदानियों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि उनका बलिदान व्यर्थ नहीं गया। उसी बलिदान ने स्वतंत्रता संग्राम को नई ऊर्जा दी और देशवासियों के मन में आजादी की ज्वाला को और प्रज्वलित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के तहत 5 मई को कुरुक्षेत्र से श्री नांदेड़ साहिब के लिए ट्रेन रवाना की जाएगी।
जल्द शुरू होगा सिख संग्रहालय का निर्माण
मुख्यमंत्री ने कहा कि पांच एकड़ भूमि पर उमरी में सिख संग्रहालय विकसित किया जाएगा। इसके लिए 124 करोड़ के टेंडर जारी किए गए हैं। इसका निर्माण कार्य जल्द शुरू होगा।
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उन्होंने कहा कि वैसाखी का यह उत्सव नई फसलों और नई उम्मीदों का त्योहार है। यह त्योहार हमारी आस्था, परंपरा और इतिहास का जीवंत प्रतीक है। वैसाखी का पर्व हमें प्रकृति के साथ जुड़ने, श्रम के सम्मान को समझने और समृद्धि का उत्सव मनाने की प्रेरणा देता है। यह दिन किसानों के परिश्रम का उत्सव है, उनकी मेहनत का सम्मान है और उनकी खुशहाली का प्रतीक है। जब खेतों में लहराती फसलें पक कर तैयार होती हैं, तो किसान का हृदय गर्व और आनंद से भर उठता है और खुशी से सब मिलकर वैसाखी के रूप में मनाते हैं।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा की धरा का सिख इतिहास और गुरुओं की परंपरा से गहरा संबंध रहा है। प्रदेश के लोगों ने हमेशा सिख गुरुओं के आदर्शों को अपनाया है और उनके संघर्षों में बढ़-चढ़कर भाग लिया है।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सभी को मिलकर ऐसा समाज बनाना होगा, जहां सभी को समान अवसर मिले, जहां कोई भेदभाव न हो और जहां हर व्यक्ति को सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अधिकार हो। उन्होंने कहा कि इन सभी प्रयासों का उद्देश्य केवल विकास करना नहीं है बल्कि अपनी जड़ों से जुड़े रहना, अपनी संस्कृति को संजोना और आने वाली पीढ़ियों को अपने गौरवशाली इतिहास से परिचित कराना है। जब हम अपने अतीत से प्रेरणा लेते हैं, तभी हम एक उज्ज्वल भविष्य का निर्माण कर सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने महोत्सव में सिख इतिहास पर आधारित प्रदर्शनी व दंगल प्रतियोगिता का शुभारंभ किया। उन्होंने हरियाणा विरासत पवेलियन का निरीक्षण भी किया। इस दौरान गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद, पूर्व राज्यमंत्री सुभाष सुधा, डॉ. प्रभलीन सिंह, तिजेंद्र सिंह गोल्डी, धर्मवीर डागर, धर्मवीर मिर्जापुर, धूमन सिंह किरमच और जयभगवान शर्मा सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
जलियांवाला बाग के शहीदों को दी श्रद्धांजलि
मुख्यमंत्री ने 13 अप्रैल 1919 के दिन जलियांवाला बाग नरसंहार के बलिदानियों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि उनका बलिदान व्यर्थ नहीं गया। उसी बलिदान ने स्वतंत्रता संग्राम को नई ऊर्जा दी और देशवासियों के मन में आजादी की ज्वाला को और प्रज्वलित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के तहत 5 मई को कुरुक्षेत्र से श्री नांदेड़ साहिब के लिए ट्रेन रवाना की जाएगी।
जल्द शुरू होगा सिख संग्रहालय का निर्माण
मुख्यमंत्री ने कहा कि पांच एकड़ भूमि पर उमरी में सिख संग्रहालय विकसित किया जाएगा। इसके लिए 124 करोड़ के टेंडर जारी किए गए हैं। इसका निर्माण कार्य जल्द शुरू होगा।