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मन में हारने का डर था लेकिन जीत का विश्वास भी : नवजोत

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 04 Nov 2019 02:30 AM IST
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भारतीय महिला हॉकी टीम को ओलंपिक टोक्यो का टिकट दिलाने वाली भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तान रानी रामपाल ने फोन पर बातचीत में कहा कि यह टीम व देशवासियों के लिए बड़ी उपलब्धि है कि भारतीय महिला हॉकी टीम व पुरुष टीम दोनों को ही ओलंपिक जाने का टिकट मिल गया है। रानी रामपाल ने कहा कि अमेरिका टीम के साथ एक नवंबर को पहले मैच में भारतीय टीम की खिलाड़ियों ने उम्दा प्रदर्शन किया और टीम 5-1 से आगे रही, लेकिन दो नवंबर को दूसरे मैच में टीम उसी जोश के साथ मैदान में उतरी थी, लेकिन सामने वाली टीम ने भी बेहतर प्रदर्शन करते हुए कड़ी टक्कर दी। टीम की प्रमुख खिलाड़ी ओलंपियन नवजोत कौर ने कहा कि जब टीम दूसरे मैच में मैदान के लिए उतरी थी तो मन में कहीं न कहीं डर था लेकिन जीत का आत्मविश्वास भी साथ ही था।
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रानी रामपाल ने कहा कि प्रत्येक खिलाड़ी ने हौसला छोड़े बिना अंतिम क्षणों में लाजवाब प्रदर्शन किया। रानी ने बताया कि अंतिम क्षणों में बॉल बढिय़ां पास के रूप में उनके पास आई और उन्होंने उसे गोल में तबदील कर दिया। रानी ने कहा कि यह वह क्षण थे और वह गोल था जिस भारतीय टीम कभी भी भुला नहीं पाएगी। रानी ने कहा कि इस विजयी गोल की बदौलत भारतीय टीम को ओलंपिक का टिकट मिल गया है। रानी ने कहा कि भारतीय महिला हॉकी टीम का प्रयास होगा कि ओलंपिक में टीम इसी तरह से उम्दा प्रदर्शन करके ओलंपिक का गोल्ड देश की झोली में डालेंगे। नवजोत ने कहा कि एक दिन पहले एक नंवबर को भारतीय टीम ने जिस तरह से 5-1 से बढ़त बनाई तो यही सोच थी कि दूसरे मैच में भी भारतीय टीम बढ़त हासिल करेगी लेकिन दूसरे मैच में यूएसए की टीम हावी रही। लेकिन अंतिम समय में भारतीय टीम ने जादुई वापसी की और कप्तान रानी रामपाल के सशक्त गोल ने टीम को ओलंपिक का टिकट दिला दिया।
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किस्मत नहीं दे रही थी साथ : नवनीत
फारवर्ड खिलाड़ी नवनीत कौर ने कहा कि टीम कहा कि भारतीय टीम लगातार गोल करने का प्रयास कर रही थी। लेकिन शायद किस्मत साथ नहीं दे रही थी जिस कारण गोल तबदील नहीं हो पा रहा था। लेकिन खिलाड़ियों का हौसला अडिग था और खिलाड़ी मेहनत करते रहे। अंतिम क्षणों में कप्तान रानी रामपाल ने बेहतरीन ढंग से गोल दाग कर टीम को ओलंपिक का टिकट दिलवाया।
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उल्लेखनीय है कि कप्तानी रानी रामपाल, नवजोत कौर व नवनीत कौर तीनों ही खिलाड़ी शाहाबाद की बेटियां हैं और कोच बलदेव सिंह से प्रशिक्षित हैं। रानी रामपाल व नवजोत कौर पहले ओलंपिक खेल चुकी हैं। यह तीनों खिलाड़ी लंबे समय में देश की टीम के लिए खेल रही हैं और रानी रामपाल काफी समय से भारतीय टीम की कप्तानी कर रही हैं। तीनों खिलाड़ियों ने जीत का श्रेय कोच बलदेव सिंह को दिया है।
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