हरियाणा के खेल मंत्री संदीप सिंह ने कहा है कि सरकार का विजन अब है अब ग्रामीण क्षेत्र से खिलाड़ियों को सामने लेकर आए, क्योंकि एक सर्वे के अनुसार 80 प्रतिशत से ज्यादा खिलाड़ी गांव से आते हैं। अगर हम गांव तक नहीं पहुंच पाते तो स्पोर्ट्स को ऊपर नहीं लाया जा सकेगा। इसलिए खेलों के लिए गांवों पर फोकस करना होगा। जो पैसा स्टेडियमों पर खर्च किया जाता है उसे अब बच्चों पर खर्च किया जाएगा और स्टेडियम वहीं, बनेंगे जहां आवश्यकता होगी। उन्होंने कहा कि विधानसभा में एक प्रश्न का उत्तर दिया था कि उन्हें ज्यादा से ज्यादा खेल मैदान बनाने हैं, ताकि बच्चे इन मैदानों में खेलते हुए सामने आ सके। 1966 से लेकर आज तक हरियाणा में चंद स्टेडियम ही इस्तेमाल हुए हैं इसलिए ज्यादा पैसा अब नये खिलाड़ियों पर खर्च किया जाएगा।
हरियाणा अगले वर्ष खेलों इंडिया को होस्ट करने जा रहा है और इस दौरान हरियाणा के कुछ ऐसे स्टेडियम भी होंगे जिन्हें पहली बार प्रयोग में लाया जाएगा। एक सर्वे के अनुसार कई नये खेल हैं जिसे केंद्र सरकार ने इंटोड्यूज किया है और हरियाणा पॉलिसी बदलाव ला रहा है। पुरानी पॉलिसी के साथ नयी पॉलिसी एडऑन की जा रही है। नई नीतियों से खिलाड़ियों की बढ़ोतरी होगी। उन्होंने कहा कि वह एक पॉलिसी लेकर चल रहे हैं अगर अगले 20 वर्ष तक उसका अनुसरण किया जाएगा तो हरियाणा खेलों में नया इतिहास लिखेगा और अन्य स्टेट यहां की पॉलिसी को फोलो करने में बेताब रहेंगे। इस अवसर पर बिक्रमजीत सिंह मोंटी, कोच मिनाक्षी, कोच हरजिंद्र कौर, कोच अमनदीप सिंह, कोच कुलविंद्र सिंह, कोच गुरप्रीत सिंह मौजूद रहे।