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गीत, कविता और भजनों से किया आर्य समाज के संस्थापक को याद
ब्यूरो/कुरुक्षेत्र,अमर उजाला
Updated Wed, 22 Feb 2017 12:03 AM IST
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गीत, कविता और भजनों से किया आर्य समाज के संस्थापक को याद
- फोटो : अमर उजाला
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आर्यसमाज के संस्थापक महर्षि दयानंद सरस्वती का जन्मदिवस मंगलवार को गुरुकुल में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस दौरान विद्यार्थियों ने गीत, कविता और भजनों के माध्यम से आर्य समाज के संस्थापक को याद किया।
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जिम्नेजियम हॉल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्रधान कुलवंत सिंह सैनी मुख्य रूप से शामिल हुए। प्रधान कुलवंत सिंह सैनी ने विद्यार्थियों को पुरस्कार देकर सम्मानित भी किया। प्रधान ने कहा कि महर्षि दयानंद ने समाज में फैले पाखंड, अज्ञानता जैसी कुरीतियों को समाप्त कर एक नई दिशा दी। उनके दिखाए वेद मार्ग का अनुसरण करके एक आदर्श समाज की स्थापना करने की आवश्यकता है।
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वहीं गुरुकुल के भजनोपदेशक महाशय जयपाल आर्य, जगदीश आर्य और गुरुकुल मुख्य संरक्षक संजीव आर्य ने मधुर भजनों के माध्यम से स्वामी दयानंद सरस्वती के जीवन पर प्रकाश डाला और उनसे प्रेरणा लेने का आह्वान किया। इस अवसर पर प्राचार्य शमशेर सिंह, संस्कृत के प्राध्यापक नंदकिशोर आर्य, आचार्य दयाशंकर आदि शामिल रहे।
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