{"_id":"634b137d343e1f0adf191b82","slug":"solar-eclipse-fair-near-preparations-incomplete-kurukshetra-kurukshetra-news-knl1246024138","type":"story","status":"publish","title_hn":"सूर्यग्रहण मेला नजदीक, तैयारियां अधूरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सूर्यग्रहण मेला नजदीक, तैयारियां अधूरी
विज्ञापन
ब्रह्मसरोवर तट पर टूटे पड़े घाटों के पत्थर।
- फोटो : Kurukshetra
संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। सूर्यग्रहण मेले में महज नौ दिन शेष हैं। अभी तक प्रशासन की ओर से की जा रही तैयारियां अधूरी है। अधिकारी अभी भी बैठकों तक ही उलझे हुए हैं। न तो घाटों के टूटे पत्थर ही बदले जा सके हैं और न ही सफाई व्यवस्था ही मुक्कमल हो सकी है। यहां तक कि वीआईपी घाटों के शौचालय तक बदहाल है। अभी तक ब्रह्मसरोवर व सन्निहित सरोवर में पानी तक पूरी तरह से नहीं भरा जा सका है।
सूर्यग्रहण मेले में पांच लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है, लेकिन ब्रह्मसरोवर व सन्निहित सरोवर के हालात देख अभी भी हर कोई दंग है। हालांकि प्रशासन की ओर से दावा किया जा रहा है कि मेले तक तैयारी पूरी कर ली जाएगी, लेकिन हालात देख यह दावे वास्तविकता से कोसों दूर दिखाई दे रहे हैं।
ब्रह्मसरोवर पर रेलिंग से आगे गहरे पानी को लेकर चेतावनी के वर्षों पुराने बोर्ड लगाए हैं, लेकिन इनके पास से ही अनेकों जगह रेलिंग टूटी रही। हालांकि अनेकों जगहों पर चेतावनी बोर्ड पेंट कर छोड़े गए हैं, लेकिन इन पर चेतावनी आज तक नहीं लिखी जा सकी है। कई जगहों से बोर्ड ही गायब है। सन्निहित सरोवर पर भी यही हालात बने हुए हैं। ऐसे में स्नान करते समय भीड़ में कोई भी हादसा होने की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता।
विज्ञापन
ब्रह्सरोवर के वीआइपी घाट की भी अभी तक सुध नहीं ली जा सकी है। यहां सफाई व्यवस्था चरमराई हुई है और डीलक्स शौचालय बदहाल है। हालांकि इन पर लगाए गए ताले बदहाली को छिपा रहे हैं। इन घाटों पर भी टाइलों की मरम्मत पूरी तरह से नहीं की जा सकी है तो वहीं लटके बिजली के तारे भी लापरवाही को दर्शा रही है।
गुरुग्राम से आए राजविंद्र क्वात्रा का कहना था कि उन्होंने ब्रह्मसरोवर व सन्निहित सरोवर के बारे में बहुत सुना था। आज पहली बार कुरुक्षेत्र पहुंचा तो ये सरोवर देखने की भी लालसा जागी, लेकिन वह इनकी हालत देखकर हैरान रह गया। यहां हालात देख नहीं लग रहा कि इनकी कोई सुध भी ले रहा होगा। अब यहां 25 अक्तूबर को सूर्यग्रहण मेला लगेगा, लेकिन यहां के हालात देख पता चलता है कि श्रद्धालुओं को अव्यवस्था के बीच ही स्नान कर लौटना होगा
श्रद्धालुओं को परेशानी नहीं आने दी जाएगी : कटारिया
केडीबी सीइओ चंद्रकांत कटारिया का कहना है कि मेले से पहले सभी तैयारी पूरी कर ली जाएंगी। इसके लिए पूरे प्रयास किए जा रहे हैं। श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी नहीं आने दी जाएगी।
विज्ञापन
कुरुक्षेत्र। सूर्यग्रहण मेले में महज नौ दिन शेष हैं। अभी तक प्रशासन की ओर से की जा रही तैयारियां अधूरी है। अधिकारी अभी भी बैठकों तक ही उलझे हुए हैं। न तो घाटों के टूटे पत्थर ही बदले जा सके हैं और न ही सफाई व्यवस्था ही मुक्कमल हो सकी है। यहां तक कि वीआईपी घाटों के शौचालय तक बदहाल है। अभी तक ब्रह्मसरोवर व सन्निहित सरोवर में पानी तक पूरी तरह से नहीं भरा जा सका है।
सूर्यग्रहण मेले में पांच लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है, लेकिन ब्रह्मसरोवर व सन्निहित सरोवर के हालात देख अभी भी हर कोई दंग है। हालांकि प्रशासन की ओर से दावा किया जा रहा है कि मेले तक तैयारी पूरी कर ली जाएगी, लेकिन हालात देख यह दावे वास्तविकता से कोसों दूर दिखाई दे रहे हैं।
विज्ञापन
ब्रह्मसरोवर पर रेलिंग से आगे गहरे पानी को लेकर चेतावनी के वर्षों पुराने बोर्ड लगाए हैं, लेकिन इनके पास से ही अनेकों जगह रेलिंग टूटी रही। हालांकि अनेकों जगहों पर चेतावनी बोर्ड पेंट कर छोड़े गए हैं, लेकिन इन पर चेतावनी आज तक नहीं लिखी जा सकी है। कई जगहों से बोर्ड ही गायब है। सन्निहित सरोवर पर भी यही हालात बने हुए हैं। ऐसे में स्नान करते समय भीड़ में कोई भी हादसा होने की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता।
विज्ञापन
ब्रह्सरोवर के वीआइपी घाट की भी अभी तक सुध नहीं ली जा सकी है। यहां सफाई व्यवस्था चरमराई हुई है और डीलक्स शौचालय बदहाल है। हालांकि इन पर लगाए गए ताले बदहाली को छिपा रहे हैं। इन घाटों पर भी टाइलों की मरम्मत पूरी तरह से नहीं की जा सकी है तो वहीं लटके बिजली के तारे भी लापरवाही को दर्शा रही है।
गुरुग्राम से आए राजविंद्र क्वात्रा का कहना था कि उन्होंने ब्रह्मसरोवर व सन्निहित सरोवर के बारे में बहुत सुना था। आज पहली बार कुरुक्षेत्र पहुंचा तो ये सरोवर देखने की भी लालसा जागी, लेकिन वह इनकी हालत देखकर हैरान रह गया। यहां हालात देख नहीं लग रहा कि इनकी कोई सुध भी ले रहा होगा। अब यहां 25 अक्तूबर को सूर्यग्रहण मेला लगेगा, लेकिन यहां के हालात देख पता चलता है कि श्रद्धालुओं को अव्यवस्था के बीच ही स्नान कर लौटना होगा
श्रद्धालुओं को परेशानी नहीं आने दी जाएगी : कटारिया
केडीबी सीइओ चंद्रकांत कटारिया का कहना है कि मेले से पहले सभी तैयारी पूरी कर ली जाएंगी। इसके लिए पूरे प्रयास किए जा रहे हैं। श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी नहीं आने दी जाएगी।

वीआईपी घाट पर खस्ताहाल शौचालय। संवाद- फोटो : Kurukshetra