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सिखों के धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं करेगी सिख संगत : अजराना
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कुरुक्षेत्र। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को सिखों के धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। ऐसे प्रयासों को सिख संगत बर्दाश्त नहीं करेगी। यह कहना है एचएसजीपीसी प्रवक्ता कंवलजीत अजराना का।
यहां जारी बयान में उन्होंने कहा कि भगवंत सिंह मान की सोच सराहनीय है मगर उस सोच को अंजाम देने का तरीका पूरी तरह से असंवैधानिक है। बता दें कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का कहना है कि श्री दरबार साहिब अमृतसर से पवित्र गुरबाणी का प्रसारण सभी टीवी चैनलों पर मुफ्त होना चाहिए और इसके लिए वे ‘आल इंडिया सिख गुरुद्वारा एक्ट 1925’ में संशोधन करना चाहते हैं। अजराना ने बताया कि ‘आल इंडिया सिख गुरुद्वारा एक्ट- 1925’ हमारे बुजुर्गों की काफी कुर्बानियों के बाद बना था। इस एक्ट को बनाते समय केंद्र सरकार से समझौता हुआ था कि इसमें कोई भी राज्य सरकार तो क्या केंद्र सरकार भी न तो किसी प्रकार छेड़छाड़ कर सकती है और न ही इसमें संशोधन कर सकती है।
सिर्फ एसजीपीसी अमृतसर द्वारा पारित किसी प्रस्ताव के बाद की संसद इसमें कोई संशोधन कर सकती हैं। इससे पहले भी भगवंत मान ने श्री दरबार साहिब से पवित्र गुरबाणी के प्रसारण का अधिकार सिर्फ एक टीवी चैनल को दिए जाने की आलोचना करते हुए सभी चैनलों पर इसके प्रसारण का सारा खर्च पंजाब सरकार से मुफ्त देने की पेशकश की थी। मान की इस पेशकश पर एसजीपीसी अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने कड़ा ऐतराज जताया था।
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यहां जारी बयान में उन्होंने कहा कि भगवंत सिंह मान की सोच सराहनीय है मगर उस सोच को अंजाम देने का तरीका पूरी तरह से असंवैधानिक है। बता दें कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का कहना है कि श्री दरबार साहिब अमृतसर से पवित्र गुरबाणी का प्रसारण सभी टीवी चैनलों पर मुफ्त होना चाहिए और इसके लिए वे ‘आल इंडिया सिख गुरुद्वारा एक्ट 1925’ में संशोधन करना चाहते हैं। अजराना ने बताया कि ‘आल इंडिया सिख गुरुद्वारा एक्ट- 1925’ हमारे बुजुर्गों की काफी कुर्बानियों के बाद बना था। इस एक्ट को बनाते समय केंद्र सरकार से समझौता हुआ था कि इसमें कोई भी राज्य सरकार तो क्या केंद्र सरकार भी न तो किसी प्रकार छेड़छाड़ कर सकती है और न ही इसमें संशोधन कर सकती है।
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सिर्फ एसजीपीसी अमृतसर द्वारा पारित किसी प्रस्ताव के बाद की संसद इसमें कोई संशोधन कर सकती हैं। इससे पहले भी भगवंत मान ने श्री दरबार साहिब से पवित्र गुरबाणी के प्रसारण का अधिकार सिर्फ एक टीवी चैनल को दिए जाने की आलोचना करते हुए सभी चैनलों पर इसके प्रसारण का सारा खर्च पंजाब सरकार से मुफ्त देने की पेशकश की थी। मान की इस पेशकश पर एसजीपीसी अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने कड़ा ऐतराज जताया था।
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