अदालत ने ढाई साल पहले शादी की नीयत से नाबालिग को बहला फुसलाकर भगा ले जाने के दोषी को 10 साल कैद की सजा सुनाई है। आरोपी पर 10 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना न भरने पर दोषी को दो महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
जिला उप न्यायवादी भूपेंद्र कुमार ने बताया कि 3 जुलाई 2019 को थाना सादर थानेसर के तहत रहने वाले एक व्यक्ति ने थाना सदर थानेसर पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि उसके पास एक बेटा और बेटी है। एक जुलाई को उसकी नाबालिग बेटी को कोई व्यक्ति शादी करने की नीयत से घर से भगा ले गया। उसकी उन्होंने तलाश भी की, मगर उसका कोई सुराग नहीं लगा था। शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज करके जांच करते हुए 22 अगस्त को नाबालिग को बरामद कर लिया था। उपनिरीक्षक प्रवीन कौर ने मामले की जांच करते हुए नाबालिग के बयान धारा 164 सीआरपीसी के तहत अदालत में कराए थे। जांच के बाद मामले में आईपीसी के तहत 323, 343, 365 सहित पोक्सो एक्ट की धारा जोड़ी गई थी। पुलिस ने 23 अगस्त को मामले के आरोपी ऋषि पाल को गिरफ्तार करके अदालत में पेश उसे जेल भेज दिया था। फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट में मामले की नियमित सुनवाई करते हुए 27 जनवरी को अतिरिक्त जिला एवं सेशन न्यायाधीश मनीष दुआ की अदालत ने गवाहों व सबूतों के आधार पर आरोपी ऋषि पाल को दोषी करार देते हुए 10 साल कैद की सजा सुनाई है। आरोपी को 10 हजार रुपये जुर्माना भी भरना होगा।