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एसडीओ पर कच्चे कर्मी के साथ दुर्व्यवहार करने का आरोप
ब्यूरो/कुरुक्षेत्र,अमर उजाला
Updated Fri, 18 Nov 2016 12:20 AM IST
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एसडीओ पर कच्चे कर्मी के साथ दुर्व्यवहार करने का आरोप
- फोटो : अमर उजाला
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झांसा रोड पर सब डिवीजन नंबर-एक पर बिजली कर्मियों ने एसडीओ पर कच्चे कर्मचारी को धमकाने, नाजायज तरीके तंग करने तथा दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाते हुए विरोध में मोर्चा खोल दिया। इस बात को लेकर वीरवार को ऑल हरियाणा पावर कार्पोरेशन वर्कर यूनिट के आह्वान पर बिजली कर्मियों ने एसडीओ के खिलाफ जमकर नारेबाजी एवं रोष प्रदर्शन किया।
सब यूनिट नंबर-एक के प्रधान परमाल सिंह ने बताया एसडीओ ने एक कच्चे कर्मचारी को परेशान करते हुए बर्खास्त करने की धमकी दी जा रही है। इससे बिजली कर्मियों में काफी रोष है। कर्मचारी के साथ एसडीओ के ऐसे रवैये के विरोध में नारेबाजी की गई।
उन्होंने बताया कि ठेके के अंतर्गत डाटा एंट्री ऑपरेटर के पद पर नियुक्त किए गए कच्चे कर्मचारी धीरज को पिछले माह की सैलरी भी नहीं दी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि एसडीओ धीरज के स्थान पर किसी चहेते को इस पद पर नियुक्त करना चाहते हैं। बताया गया कि 9 नवंबर को उन्होंने इस संबंध में ज्ञापन सौंपा था, जिसका अधिकारी ने अभी तक कोई रिप्लाई नहीं दिया। बिजली कर्मियों ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि दो दिन तक कच्चे कर्मचारी बारे की गई मांग एवं अन्य समस्याओं पर संज्ञान नहीं लिया तो बड़े स्तर पर धरना-प्रदर्शन होगा, जिसकी जिम्मेदारी एसडीओ की होगी। प्रदर्शन में सचिव विजय कुमार, महेंद्र वर्मा, याद राम शर्मा, रजत महाजन, श्यामलाल शर्मा, सुशील शर्मा, रावल गुप्ता, विकास सैनी, प्यारे लाल, सुमेर चंद, राजीव शर्मा, रमेश कुमार, अजय अत्ती, कुलदीप सिंह तथा राजकुमार सहित अन्य बिजली कर्मी मौजूद रहे।
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पुराना कर्मी लौटा ड्यूटी पर : एसडीओ मेहताब
झांसा रोड बिजली सब डिवीजन के एसडीओ मेेहताब सिंह ने कहा कि बिजली कर्मियों ने उनपर जो आरोप लगाए जा रहे हैं, वे बिल्कुल निराधार हैं। किसी भी कर्मी से दुर्व्यवहार करने का सवाल ही नहीं उठता। उन्होंने अपने स्तर पर न तो किसी कच्चे कर्मी को लगाया है और न हटाया। बताया कि जो कर्मचारी कुछ समय पहले हड़ताल में शामिल हुए थे, उन्हें उच्चाधिकारियों के निर्देश पर हटा दिया गया था। इसके बाद नए कर्मियों को छह माह की सेंक्शन पर लगाया गया था। उच्चाधिकारियों ने सहानुभूति दिखाते हुए समझौते के तहत पुराने कच्चे कर्मियों को वापस उसी पद पर बुला लिया था। इनमें से ज्यादातर ने ड्यूटी ज्वाइन कर ली थी, जबकि कुछ किसी कारणवश नहीं कर पाए थे। एक्सइएन के निर्देश पर पुराना कर्मचारी वर्तमान कच्चे कर्मचारी की जगह वापस पद पर आ चुका है। इसीलिए निर्देशों की पालना करना जरूरी है। फिलहाल छह माह की सेंक्शन समाप्त हो चुकी है, इसीलिए उक्त कच्चे कर्मी को सैलरी नहीं दी जा रही। बिजली कर्मी यूनियन के दम पर जबरदस्ती पर उतर आए हैं।
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सब यूनिट नंबर-एक के प्रधान परमाल सिंह ने बताया एसडीओ ने एक कच्चे कर्मचारी को परेशान करते हुए बर्खास्त करने की धमकी दी जा रही है। इससे बिजली कर्मियों में काफी रोष है। कर्मचारी के साथ एसडीओ के ऐसे रवैये के विरोध में नारेबाजी की गई।
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उन्होंने बताया कि ठेके के अंतर्गत डाटा एंट्री ऑपरेटर के पद पर नियुक्त किए गए कच्चे कर्मचारी धीरज को पिछले माह की सैलरी भी नहीं दी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि एसडीओ धीरज के स्थान पर किसी चहेते को इस पद पर नियुक्त करना चाहते हैं। बताया गया कि 9 नवंबर को उन्होंने इस संबंध में ज्ञापन सौंपा था, जिसका अधिकारी ने अभी तक कोई रिप्लाई नहीं दिया। बिजली कर्मियों ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि दो दिन तक कच्चे कर्मचारी बारे की गई मांग एवं अन्य समस्याओं पर संज्ञान नहीं लिया तो बड़े स्तर पर धरना-प्रदर्शन होगा, जिसकी जिम्मेदारी एसडीओ की होगी। प्रदर्शन में सचिव विजय कुमार, महेंद्र वर्मा, याद राम शर्मा, रजत महाजन, श्यामलाल शर्मा, सुशील शर्मा, रावल गुप्ता, विकास सैनी, प्यारे लाल, सुमेर चंद, राजीव शर्मा, रमेश कुमार, अजय अत्ती, कुलदीप सिंह तथा राजकुमार सहित अन्य बिजली कर्मी मौजूद रहे।
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पुराना कर्मी लौटा ड्यूटी पर : एसडीओ मेहताब
झांसा रोड बिजली सब डिवीजन के एसडीओ मेेहताब सिंह ने कहा कि बिजली कर्मियों ने उनपर जो आरोप लगाए जा रहे हैं, वे बिल्कुल निराधार हैं। किसी भी कर्मी से दुर्व्यवहार करने का सवाल ही नहीं उठता। उन्होंने अपने स्तर पर न तो किसी कच्चे कर्मी को लगाया है और न हटाया। बताया कि जो कर्मचारी कुछ समय पहले हड़ताल में शामिल हुए थे, उन्हें उच्चाधिकारियों के निर्देश पर हटा दिया गया था। इसके बाद नए कर्मियों को छह माह की सेंक्शन पर लगाया गया था। उच्चाधिकारियों ने सहानुभूति दिखाते हुए समझौते के तहत पुराने कच्चे कर्मियों को वापस उसी पद पर बुला लिया था। इनमें से ज्यादातर ने ड्यूटी ज्वाइन कर ली थी, जबकि कुछ किसी कारणवश नहीं कर पाए थे। एक्सइएन के निर्देश पर पुराना कर्मचारी वर्तमान कच्चे कर्मचारी की जगह वापस पद पर आ चुका है। इसीलिए निर्देशों की पालना करना जरूरी है। फिलहाल छह माह की सेंक्शन समाप्त हो चुकी है, इसीलिए उक्त कच्चे कर्मी को सैलरी नहीं दी जा रही। बिजली कर्मी यूनियन के दम पर जबरदस्ती पर उतर आए हैं।