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Kurukshetra News: कैनवास पर उकेरे प्रकृति बचाने के संदेश
Sun, 30 Apr 2023 01:30 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
Updated Sun, 30 Apr 2023 01:30 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। कला भावनाओं को प्रदर्शित करने का आईना होता है। समाज को सही रास्ता दिखाने में भी कला का अहम योगदान हो सकता हैं। यहीं नहीं कई जगहों पर कला के माध्यम से लोगों को पानी को व्यर्थ न बहाने, पेड़ पौधों को बचाने, पृथ्वी का संरक्षण होने से बचाने और पक्षियों को बचाने का संदेश भी दिया जाता हैं। यह सब चित्रों के माध्यम से दर्शाया है श्रीलंका के रहने वाले एवं केयू ललित कला विभाग के छात्र अरूल संजीत ने।
विभाग में लगाई चित्रकला प्रदर्शनी में उनकी कला को देख हर कोई कायल हो जाता है। जिंदगी के अनेकों पहलुओं से उन्होंने अपनी कला के जरिए रूबरू कराया है। उन्होंने बताया है कि शिक्षा सबसे शक्तिशाली हथियार है और वह दुनिया को बदल सकती है, बचपन की शिक्षा जन्म से पहले ही शुरू हो जाती हैं।
श्रीलंका से केयू में पढ़ने आए अरुल संजीत ने जवाबदेही और न्याय, आर्थिक और सामाजिक अधिकार, महिलाओं और लड़कियों के अधिकारों को अपनी कला के माध्यम से प्रदर्शित किया हैं। श्रीलंका से पढ़ने आए अरूल संजीत श्रीलंका से ललित कला में स्नातक हैं और वर्तमान में केयू के ललित कला विभाग से स्नातकोत्तर कर रहे हैं। अरूल संजीत कला के छात्र तो है ही साथ में ग्राफिक डिजाइनर, कार्टूनिस्ट और फिल्म मेकर के तौर पर भी कार्य करते रहते हैं।
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अरूल संजीत का कहना है कि उनका दृष्टिकोण हमेशा नए तरीके से सोचने और उन्हें डिजाइन करने में रहता हैं। इसके लिए प्रयास किया जाता है कि ज्यादा से ज्यादा सादगी और स्पष्टता की ओर ध्यान देते हुए कला के माध्यम से उसे प्रदर्शित किया जाए। शिक्षक राजेश का कहना है कि अरूल संजीत 2021-22 सत्र के विद्यार्थी हैं। वे अपनी कलाकृतियों के माध्यम से प्रकृति की सुंदरता, शिक्षा हर बच्चे का अधिकार, डिजिटल फोटो मैनीपुलेशन, अपनी तीर्थ यात्रा आरंभ करे को प्रदर्शित कर चुके हैं जिसे खूब सराहा जा रहा हैं।
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कुरुक्षेत्र। कला भावनाओं को प्रदर्शित करने का आईना होता है। समाज को सही रास्ता दिखाने में भी कला का अहम योगदान हो सकता हैं। यहीं नहीं कई जगहों पर कला के माध्यम से लोगों को पानी को व्यर्थ न बहाने, पेड़ पौधों को बचाने, पृथ्वी का संरक्षण होने से बचाने और पक्षियों को बचाने का संदेश भी दिया जाता हैं। यह सब चित्रों के माध्यम से दर्शाया है श्रीलंका के रहने वाले एवं केयू ललित कला विभाग के छात्र अरूल संजीत ने।
विभाग में लगाई चित्रकला प्रदर्शनी में उनकी कला को देख हर कोई कायल हो जाता है। जिंदगी के अनेकों पहलुओं से उन्होंने अपनी कला के जरिए रूबरू कराया है। उन्होंने बताया है कि शिक्षा सबसे शक्तिशाली हथियार है और वह दुनिया को बदल सकती है, बचपन की शिक्षा जन्म से पहले ही शुरू हो जाती हैं।
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श्रीलंका से केयू में पढ़ने आए अरुल संजीत ने जवाबदेही और न्याय, आर्थिक और सामाजिक अधिकार, महिलाओं और लड़कियों के अधिकारों को अपनी कला के माध्यम से प्रदर्शित किया हैं। श्रीलंका से पढ़ने आए अरूल संजीत श्रीलंका से ललित कला में स्नातक हैं और वर्तमान में केयू के ललित कला विभाग से स्नातकोत्तर कर रहे हैं। अरूल संजीत कला के छात्र तो है ही साथ में ग्राफिक डिजाइनर, कार्टूनिस्ट और फिल्म मेकर के तौर पर भी कार्य करते रहते हैं।
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अरूल संजीत का कहना है कि उनका दृष्टिकोण हमेशा नए तरीके से सोचने और उन्हें डिजाइन करने में रहता हैं। इसके लिए प्रयास किया जाता है कि ज्यादा से ज्यादा सादगी और स्पष्टता की ओर ध्यान देते हुए कला के माध्यम से उसे प्रदर्शित किया जाए। शिक्षक राजेश का कहना है कि अरूल संजीत 2021-22 सत्र के विद्यार्थी हैं। वे अपनी कलाकृतियों के माध्यम से प्रकृति की सुंदरता, शिक्षा हर बच्चे का अधिकार, डिजिटल फोटो मैनीपुलेशन, अपनी तीर्थ यात्रा आरंभ करे को प्रदर्शित कर चुके हैं जिसे खूब सराहा जा रहा हैं।