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Kurukshetra News: 29 गांवों में सुदृढ़ होगी स्वच्छता, स्वास्थ्य और डिजिटलीकरण की सुविधाएं, खर्च होंगे 20-20 लाख रुपये
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कुरुक्षेत्र। जिले के 29 गांवों में पीने के पानी, स्वच्छता, स्वास्थ्य और पोषण, ग्रामीण सड़कों और आवास, बिजली व स्वच्छ ईंधन और डिजिटलीकरण की सुविधाएं सुदृढ़ होंगी। इसके लिए हर गांव पर 20-20 लाख रुपये खर्च होंगे। गांवों का यह कायाकल्प प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना के तहत केंद्र सरकार की ओर से कराया जाएगा। चयनित किए गए गांवों में इस्माईलाबाद से चार गांव, लाडवा से तीन गांव, पिहोवा से चार गांव, शाहाबाद से छह गांव, पिपली से पांच गांव और थानेसर से सात गांव शामिल हैं।
जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विरेंद्र चौधरी ने शुक्रवार को पंचायत भवन में योजना के संंबंध में कार्य करवाए जाने के लिए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत केंद्र सरकार की ओर से प्रत्येक गांव को 20 लाख रुपये का बजट अलॉट किया जाएगा, संबंधित विभाग इस योजना के तहत पूरे तालमेल से कार्य करवाना सुनिश्चित करेंगे।
उन्होंने कहा कि यह स्कीम उन गांवों पर लागू होती है जिनकी जनसंख्या का 40 प्रतिशत भाग अनुसूचित जाति का है। उन्होंने बताया कि गांव का चयन होने के बाद ब्लॉक स्तर पर बेसलाइन सर्वे किया जाता है। सर्वे के बाद विकास कार्यों का प्लान तैयार किया जाता है और पंचायत की ग्राम सभा की ओर से दिए गए कार्यों को शामिल किया जाता है। बाद में वीडीपी को पोर्टल पर अपलोड किया जाता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना के तहत इन गांवों के लिए ग्रामीण विकास प्लान तैयार किया गया है। इस प्लान से गांवों में जरूरत के मुताबिक मुख्य विकास कार्यों का आकलन स्वच्छता, स्वास्थ्य और पोषण, ग्रामीण सड़कों और आवास, बिजली व स्वच्छ ईंधन और डिजिटलीकरण के आधार पर किया गया है।
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जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विरेंद्र चौधरी ने शुक्रवार को पंचायत भवन में योजना के संंबंध में कार्य करवाए जाने के लिए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत केंद्र सरकार की ओर से प्रत्येक गांव को 20 लाख रुपये का बजट अलॉट किया जाएगा, संबंधित विभाग इस योजना के तहत पूरे तालमेल से कार्य करवाना सुनिश्चित करेंगे।
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उन्होंने कहा कि यह स्कीम उन गांवों पर लागू होती है जिनकी जनसंख्या का 40 प्रतिशत भाग अनुसूचित जाति का है। उन्होंने बताया कि गांव का चयन होने के बाद ब्लॉक स्तर पर बेसलाइन सर्वे किया जाता है। सर्वे के बाद विकास कार्यों का प्लान तैयार किया जाता है और पंचायत की ग्राम सभा की ओर से दिए गए कार्यों को शामिल किया जाता है। बाद में वीडीपी को पोर्टल पर अपलोड किया जाता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना के तहत इन गांवों के लिए ग्रामीण विकास प्लान तैयार किया गया है। इस प्लान से गांवों में जरूरत के मुताबिक मुख्य विकास कार्यों का आकलन स्वच्छता, स्वास्थ्य और पोषण, ग्रामीण सड़कों और आवास, बिजली व स्वच्छ ईंधन और डिजिटलीकरण के आधार पर किया गया है।
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