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Kurukshetra News: श्री अखंड पाठ साहिब के श्रवण के लिए उमड़ी संगत

Tue, 18 Jun 2024 05:29 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र Updated Tue, 18 Jun 2024 05:29 AM IST
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Sangat gathered to listen to Sri Akhand Path Sahib
कुरुक्षेत्र। मीरी-पीरी के मालिक श्री गुरु हरगोबिंद साहिब जी महाराज के प्रकाश पर्व पर समागम का आयोजन किया गया। दूसरे दिन सैकड़ों लोगों ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के समक्ष शीश नवाया और पहली लड़ी में किए जा रहे श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी महाराज के श्री अखंड पाठ साहिब का श्रवण भी किया। हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमैंट कमेटी की ओर से यहां पहुंच रही संगत को अपने-अपने घरों में गुरमुखी (मातृभाषा पंजाबी) का अधिक से अधिक प्रयोग करने के लिए प्रेरित किया गया। इस दौरान गुरुद्वारा साहिब में संगत ने ठंडे पानी एवं जलजीरे की छबील भी लगाई।
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सात दिवसीय इस समागम के दूसरे दिन भी लगाए गए शिविर में बच्चों को दस्तार बांधने के लिए प्रशिक्षण दिया गया। इस दौरान सिमरनजीत सिंह, परमिंदर सिंह, महताब सिंह, गुरदेव सिंह, रशप्रीत सिंह ने बच्चों व युवाओं को दस्तार सजाने का प्रशिक्षण दिया। उन्होंने बच्चों को सिख धर्म में दस्तार के महत्व की जानकारी दी और बच्चों ने सेल्फी भी ली। संगत के लिए मॉडर्न पैथ लैब की ओर से निशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर भी लगाया गया। शिविर में चिकित्सकों की टीम ने मरीजों का निरीक्षण करने के साथ उन्हें निशुल्क दवाइयां भी वितरित की।
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कनिष्ठ उपप्रधान बीबी रविंदर कौर अजराना ने संगत से आह्वान किया कि वे घरों में केवल मातृभाषा पंजाबी का प्रयोग करें। मां को बच्चों का पहला गुरु माना जाता है, महिलाओं का फर्ज है वे समय निकाल कर बच्चों को पंजाबी सिखाएं। इससे बच्चे के प्रति अपने फर्ज के साथ-साथ महिला कौम के प्रति भी अपना कर्तव्य निभा सकेंगी। प्रवक्ता कवलजीत सिंह अजराना ने कहा कि वर्तमान में युवा पीढ़ी पश्चिमी सभ्याचार के प्रति ज्यादा आकर्षित हो रही है और उनकी देखादेखी बच्चे का झुकाव भी बाहरी संस्कृति की ओर हो रहा है। इस सब से अपने बच्चों को बचाना अनिवार्य है नहीं तो कौम की भावी पीढ़ी पथ भ्रष्ट हो जाएगी। अपनी मातृभाषा को अधिक से अधिक प्रचलित करने के लिए यह बहुत अनिवार्य है। इस मौके पर अतिरिक्त सचिव सतपाल सिंह डाचर, उप सचिव अमरिंदर सिंह धंतौड़ी, गुरुद्वारा साहिब पातशाही पहली व दसवीं कपाल मोचन बिलासपुर के मैनेजर हरकीरत सिंह, सहायक सुपरवाइजर गुरलाल सिंह, वजिंदर सिंह, मैनेजर हरमीत सिंह, खजांची सुखविंदर सिंह, आर्डर क्लर्क युद्धवीर सिंह विर्क सहित अन्य कर्मचारी व संगत मौजूद रही।
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