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Kurukshetra News: एचएसजीएमसी की वोट सूची में सहजधारियों की वोट बनाने पर संगत ने जताया रोष
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कुरुक्षेत्र। हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी के चुनाव को लेकर जारी मतदाता सूची पर संस्था के महासचिव रमणीक सिंह मान ने ऐतराज जताया है। उन्होंने कहा कि कमेटी प्रदेश के सिखों की मिनी संसद है और इसके प्रतिनिधियों का चयन करने का अधिकार केवल अमृतधारी गुरु सिख व साबत सूरत सिखों को ही है। महासचिव ने बताया कि इस बाबत हरियाणा के चुनाव आयुक्त एचएस भल्ला को उन्होंने एक पत्र भी लिखा है, जिसमें हाल ही में जारी की गई मतदाता सूची में कुछ लोगों (पुरुष व महिलाओं) की फोटो में केश नहीं है, इसलिए संस्था को ऐसी वोट पर कड़ा ऐतराज है।
उन्होंने कहा कि हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी एक्ट 2014 के अनुसार प्रदेश में एचएसजीएमसी के प्रतिनिधियों के चुनाव का अधिकार केवल अमृतधारी गुरु सिख व साबत सूरत सिखों को ही है, लेकिन वोट बनाने में अधिकारियों द्वारा लापरवाही बरतते हुए नियमों को अनदेखा किया गया है। इस वजह से न केवल हरियाणा की सिख संगत, बल्कि समूह सिख जगत में रोष है। उन्होंने मांग की कि वोट बनाने में मानकों पर ध्यान न देने व लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
महासचिव ने कहा कि 2014 के एक्ट की मंशा अनुसार एचएसजीएमसी के चुनाव में वोट बनाने के लिए पंजीकरण फार्म एवं स्वयं घोषणा पत्र में स्पष्ट किया गया था कि केवल अमृतधारी गुरु सिख व साबत सूरत सिखों की ही वोट बनाई जा सकती है। सरकार ने जब वोट बनाने के लिए आदेश दिए हैं, तो कुछ मानक तय किए गए थे, जिनमें अमृतधारी गुरु सिखों व साबत सूरत सिख को ही चुनाव लड़ने एवं वोट बनाने का अधिकार दिए गए थे। मगर चिंता का विषय है कि अधिकारियों द्वारा वोट पंजीकरण के आवेदन लेते समय इस मानक पर ध्यान नहीं दिया गया है।
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उन्होंने कहा कि हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी एक्ट 2014 के अनुसार प्रदेश में एचएसजीएमसी के प्रतिनिधियों के चुनाव का अधिकार केवल अमृतधारी गुरु सिख व साबत सूरत सिखों को ही है, लेकिन वोट बनाने में अधिकारियों द्वारा लापरवाही बरतते हुए नियमों को अनदेखा किया गया है। इस वजह से न केवल हरियाणा की सिख संगत, बल्कि समूह सिख जगत में रोष है। उन्होंने मांग की कि वोट बनाने में मानकों पर ध्यान न देने व लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
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महासचिव ने कहा कि 2014 के एक्ट की मंशा अनुसार एचएसजीएमसी के चुनाव में वोट बनाने के लिए पंजीकरण फार्म एवं स्वयं घोषणा पत्र में स्पष्ट किया गया था कि केवल अमृतधारी गुरु सिख व साबत सूरत सिखों की ही वोट बनाई जा सकती है। सरकार ने जब वोट बनाने के लिए आदेश दिए हैं, तो कुछ मानक तय किए गए थे, जिनमें अमृतधारी गुरु सिखों व साबत सूरत सिख को ही चुनाव लड़ने एवं वोट बनाने का अधिकार दिए गए थे। मगर चिंता का विषय है कि अधिकारियों द्वारा वोट पंजीकरण के आवेदन लेते समय इस मानक पर ध्यान नहीं दिया गया है।
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