{"_id":"5831ec744f1c1bb604b39d3f","slug":"sacrifice-of-sikh-guru-nobody-dev-vrat","type":"story","status":"publish","title_hn":"इतिहास में सिख गुरुओं की कुर्बानी का कोई सानी नहीं : देवव्रत ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
इतिहास में सिख गुरुओं की कुर्बानी का कोई सानी नहीं : देवव्रत
अमर उजाला/ब्यूरो/कुरुक्षेत्र
Updated Mon, 21 Nov 2016 12:03 AM IST
विज्ञापन
काय्रक्रम के दौरान राज्यपाल आचार्य देव्रत
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल आचार्य डॉ. देवव्रत ने कहा कि दसवें गुरु गोबिंद सिंह ने अपने सारे परिवार को देश की संस्कृति, परंपरा, सभ्यता और हिंदू कौम को बचाने पर न्यौछावर कर दिया। सिख गुरुओं के बलिदान को कभी भूलाया नहीं जा सकता और दुनिया के इतिहास में सिख गुरुओं की कुर्बानी का कोई सानी नहीं है।
राज्यपाल देवव्रत रविवार को देर सायं पिहोवा के गांव मांडी में बाबा श्री चंद महाराज के 522वें प्रकाशोत्सव पर उदासीन ब्रह्म अखाड़ा द्वारा आयोजित समागम में बतौर मुख्यातिथि के रुप में बोल रहे थे। इससे पहले राज्यपाल आचार्य देवव्रत, बाबा गुरविंद्र सिंह मांडी ने विशाल रक्तदान शिविर का शुभारंभ किया। इसके उपरांत राज्यपाल ने प्रकाशोत्सव पर गुरुग्रंथ साहिब को माथा टेका और दूर दराज से आए श्रृद्धालओं को बाबा श्री चंद जी महाराज के 522वें प्रकशोत्सव पर बधाई दी। इस दौरान बाबा गुरविंद्र सिंह मांडी ने राज्यपाल आचार्य देवव्रत, मुख्य संसदीय सचिव बख्शीश सिंह, हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के चेयरमैन भारत भूषण भारती सहित अन्य मेहमानों और संतों को सरोपा भेंटकर सम्मानित किया।
राज्यपाल ने कहा कि बाब श्री चंद महाराज भारतीय संस्कृति के पुरोधा थे। उन्होंने कहा कि दसवें गुरु गोबिंद सिंह ने पौंटा साहिब से बेटियों को बचाने का आह्वान किया था। बाबा श्री चंद जी महारज ने निर्मल और उदासीन सम्प्रदाय की शुरुआत की थी। इन दोनों मार्गों पर चलकर इंसानियत को जिंदा रखने और दूसरों की मदद करने का संदेश दिया गया था। इस परंपरा ने सीख दी कि मानव जीवन को धर्म, अर्थ और कर्म की राह पर चलते हुए परोपकार, सेवा, दूसरों के दुख को अपना समझना और देश की संस्कृति को बचाने का संदेश दिया।
विज्ञापन
संत समागम में हरियाणा के मुख्य संसदीय सचिव बख्शीश सिंह, हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के चेयरमैन भारत भूषण भारती ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
बाबा गुरविंद्र सिंह मांडी ने इस प्रकाशोत्सव पर पहुंचे सभी मेहमानों और संतों का आभार व्यक्त किया। इस प्रकाशोत्सव पर जत्थेदार अवतार सिंह, बाबा प्रेम सिंह, बाबा विधि चंद, संत गुरदेव सिंह, ज्ञानी सुखदेव सिंह, महंत संकोश मुनी, बाबा गुरबच्चन सिंह, महेश मुनी आदि ने गुरुबाणी का गुणगान करते हुए बाबा श्री चंदजी महारज के जीवन पर प्रकाश डाला। इस मौके पर बाबा जगतार सिंह, बाबा बंता सिंह, बाबा तरसेम सिंह, बाबा प्रेम सिंह, बाबा गुरदेव सिंह, पिहोवा विधायक जसविंद्र सिंह संधू, पूर्व मंत्री हरमोहिंद्र सिंह, एसडीएम अजय चोपड़ा, डीएसपी शीतल कुमार, नायब तहसीलदार चेतना चौहान आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
राज्यपाल देवव्रत रविवार को देर सायं पिहोवा के गांव मांडी में बाबा श्री चंद महाराज के 522वें प्रकाशोत्सव पर उदासीन ब्रह्म अखाड़ा द्वारा आयोजित समागम में बतौर मुख्यातिथि के रुप में बोल रहे थे। इससे पहले राज्यपाल आचार्य देवव्रत, बाबा गुरविंद्र सिंह मांडी ने विशाल रक्तदान शिविर का शुभारंभ किया। इसके उपरांत राज्यपाल ने प्रकाशोत्सव पर गुरुग्रंथ साहिब को माथा टेका और दूर दराज से आए श्रृद्धालओं को बाबा श्री चंद जी महाराज के 522वें प्रकशोत्सव पर बधाई दी। इस दौरान बाबा गुरविंद्र सिंह मांडी ने राज्यपाल आचार्य देवव्रत, मुख्य संसदीय सचिव बख्शीश सिंह, हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के चेयरमैन भारत भूषण भारती सहित अन्य मेहमानों और संतों को सरोपा भेंटकर सम्मानित किया।
विज्ञापन
राज्यपाल ने कहा कि बाब श्री चंद महाराज भारतीय संस्कृति के पुरोधा थे। उन्होंने कहा कि दसवें गुरु गोबिंद सिंह ने पौंटा साहिब से बेटियों को बचाने का आह्वान किया था। बाबा श्री चंद जी महारज ने निर्मल और उदासीन सम्प्रदाय की शुरुआत की थी। इन दोनों मार्गों पर चलकर इंसानियत को जिंदा रखने और दूसरों की मदद करने का संदेश दिया गया था। इस परंपरा ने सीख दी कि मानव जीवन को धर्म, अर्थ और कर्म की राह पर चलते हुए परोपकार, सेवा, दूसरों के दुख को अपना समझना और देश की संस्कृति को बचाने का संदेश दिया।
विज्ञापन
संत समागम में हरियाणा के मुख्य संसदीय सचिव बख्शीश सिंह, हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के चेयरमैन भारत भूषण भारती ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
बाबा गुरविंद्र सिंह मांडी ने इस प्रकाशोत्सव पर पहुंचे सभी मेहमानों और संतों का आभार व्यक्त किया। इस प्रकाशोत्सव पर जत्थेदार अवतार सिंह, बाबा प्रेम सिंह, बाबा विधि चंद, संत गुरदेव सिंह, ज्ञानी सुखदेव सिंह, महंत संकोश मुनी, बाबा गुरबच्चन सिंह, महेश मुनी आदि ने गुरुबाणी का गुणगान करते हुए बाबा श्री चंदजी महारज के जीवन पर प्रकाश डाला। इस मौके पर बाबा जगतार सिंह, बाबा बंता सिंह, बाबा तरसेम सिंह, बाबा प्रेम सिंह, बाबा गुरदेव सिंह, पिहोवा विधायक जसविंद्र सिंह संधू, पूर्व मंत्री हरमोहिंद्र सिंह, एसडीएम अजय चोपड़ा, डीएसपी शीतल कुमार, नायब तहसीलदार चेतना चौहान आदि मौजूद रहे।