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ऊबड़-खाबड़ डगर, कैसे करें सफर
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पुरुषोत्तम नगर में सड़क निर्माण के चलते बिछाई गई मोटी बजरी। संवाद
- फोटो : Kurukshetra
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। पुरुषोत्तम नगर की खस्ताहाल मुख्य सड़क लोगों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। इस सड़क पर सफर करने में जहां लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है वहीं आए दिन यहां दुर्घटनाएं भी हो रही हैं। नगर वासियों नेा इस संदर्भ में प्रशासन को कई बार शिकायत भी दी लेकिन समस्या ज्यों की त्यों है।
इस सड़क पर करीब 20 दुकानें और शिक्षक संस्थान भी हैं, जहां पर रोजाना लोगों का आना जाना रहता है।सड़क की खराब हालत की वजह से उन्हें काफी परेशानी होती है। डीडी कॉलोनी के नाम पहचाने जाने वाले पुरुषोत्तम नगर के के वासियों का कहना है कि 2011 में इस सड़क को बनाया गया था, जोकि कुछ वर्षों में ही टूट गई थी। उसके बाद से सड़क आज तक वैसी ही है।
मुख्य सड़क के आधे हिस्से में पांच साल पहले ब्लॉक लगाए गए थे और आधा हिस्सा वैसा ही छोड़ दिया गया था। टूटी सड़क बारिश के दिनों में और भी ज्यादा खतरनाक हो जाती है। नगर वासियों का कहना है कि यहां सिर्फ सड़क ही नहीं, सीवरेज, लाइट व बेसहारा पशुओं की भी समस्या है।
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सड़क पर बेसहारा पशु डेरा जमाए बैठे रहते हैं, जिस कारण बच्चे ौर बुजुर्ग घर से बाहर नहीं निकल पाते। निवर्तमान सरपंच अंग्रेज ने बताया कि इस सड़क पर उन्होंने ब्लॉक लगवाए थे, लेकिन कोरोना महामारी के चलते निर्माण कार्य अधूरा रह गया और ग्रांट भी समय पर नहीं मिल पाई।
रामपाल ने बताया कि सड़क ऊबड़-खाबड़ होने से राहगीरों को काफी परेशानी होती है। यह एरिया पंचायत के अधीन है या नगरपालिका के इस बारे भी कुछ पता नहीं पता। विकास के नाम पर यहां आज तक कुछ नहीं हुआ। शिकायतों की अनदेखी की जा रही है।
मनु दत्त शर्मा ने बताया कि पुरुषोत्तम नगर में अनेक समस्याएं है। मुख्य समस्या नगर को जोड़ने वाली सड़क की है। सड़क आधी अधूरी बनी हुई है, जिस कारण आवागमन प्रभावित रहता है। यहां सीवरेज व्यवस्था का भी हालत खराब है।
ओमप्रकाश का कहना है कि सड़क पर सारा दिन धूल-मिट्टी उड़ती रहती है, जो कि घरों में भी आ जाती है। नगर वासी बहुत ज्यादा परेशान हैं। घर में रखे सामान को दिन में चार से पांच बार साफ करना पड़ता है।
ईश्वर सिंह ने बताया सड़क ऊंची-नीची होने से यहां अक्सर हादसे होते रहते हैं। इस मुख्य सड़क से भारी वाहन भी गुजरते हैं, जिस कारण यह और भी ज्यादा टूटती जा रही है। वह प्रशासन से मांग करते हैं कि जल्द से जल्द इस सड़क का निर्माण कराया जाए।
करियाना स्टोर संचालक अर्जुन देव भारद्वाज ने बताया कि सड़क के कारण अब तक कई वाहन चालक चोटिल हो चुके हैं। उसकी दुकान के समीप सड़क पर बने गड्ढे को भरने के लिए उसमें मलबा डाला गया था, जोकि अब बिखर चुका है और हादसों का कारण बन रहा है।
पालाराम ने कहा कि आम लोगों की कोई सुनने वाला नहीं है। शिकायतें भी कर ली और अधिकारियों से भी मिल लिए, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। लोगों ने लाखों रुपये खर्च कर आशीशान घर बनाए हैं। घरों के आगे टूटी सड़क सारी शोभा खराब कर रही है।
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कुरुक्षेत्र। पुरुषोत्तम नगर की खस्ताहाल मुख्य सड़क लोगों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। इस सड़क पर सफर करने में जहां लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है वहीं आए दिन यहां दुर्घटनाएं भी हो रही हैं। नगर वासियों नेा इस संदर्भ में प्रशासन को कई बार शिकायत भी दी लेकिन समस्या ज्यों की त्यों है।
इस सड़क पर करीब 20 दुकानें और शिक्षक संस्थान भी हैं, जहां पर रोजाना लोगों का आना जाना रहता है।सड़क की खराब हालत की वजह से उन्हें काफी परेशानी होती है। डीडी कॉलोनी के नाम पहचाने जाने वाले पुरुषोत्तम नगर के के वासियों का कहना है कि 2011 में इस सड़क को बनाया गया था, जोकि कुछ वर्षों में ही टूट गई थी। उसके बाद से सड़क आज तक वैसी ही है।
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मुख्य सड़क के आधे हिस्से में पांच साल पहले ब्लॉक लगाए गए थे और आधा हिस्सा वैसा ही छोड़ दिया गया था। टूटी सड़क बारिश के दिनों में और भी ज्यादा खतरनाक हो जाती है। नगर वासियों का कहना है कि यहां सिर्फ सड़क ही नहीं, सीवरेज, लाइट व बेसहारा पशुओं की भी समस्या है।
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सड़क पर बेसहारा पशु डेरा जमाए बैठे रहते हैं, जिस कारण बच्चे ौर बुजुर्ग घर से बाहर नहीं निकल पाते। निवर्तमान सरपंच अंग्रेज ने बताया कि इस सड़क पर उन्होंने ब्लॉक लगवाए थे, लेकिन कोरोना महामारी के चलते निर्माण कार्य अधूरा रह गया और ग्रांट भी समय पर नहीं मिल पाई।
रामपाल ने बताया कि सड़क ऊबड़-खाबड़ होने से राहगीरों को काफी परेशानी होती है। यह एरिया पंचायत के अधीन है या नगरपालिका के इस बारे भी कुछ पता नहीं पता। विकास के नाम पर यहां आज तक कुछ नहीं हुआ। शिकायतों की अनदेखी की जा रही है।
मनु दत्त शर्मा ने बताया कि पुरुषोत्तम नगर में अनेक समस्याएं है। मुख्य समस्या नगर को जोड़ने वाली सड़क की है। सड़क आधी अधूरी बनी हुई है, जिस कारण आवागमन प्रभावित रहता है। यहां सीवरेज व्यवस्था का भी हालत खराब है।
ओमप्रकाश का कहना है कि सड़क पर सारा दिन धूल-मिट्टी उड़ती रहती है, जो कि घरों में भी आ जाती है। नगर वासी बहुत ज्यादा परेशान हैं। घर में रखे सामान को दिन में चार से पांच बार साफ करना पड़ता है।
ईश्वर सिंह ने बताया सड़क ऊंची-नीची होने से यहां अक्सर हादसे होते रहते हैं। इस मुख्य सड़क से भारी वाहन भी गुजरते हैं, जिस कारण यह और भी ज्यादा टूटती जा रही है। वह प्रशासन से मांग करते हैं कि जल्द से जल्द इस सड़क का निर्माण कराया जाए।
करियाना स्टोर संचालक अर्जुन देव भारद्वाज ने बताया कि सड़क के कारण अब तक कई वाहन चालक चोटिल हो चुके हैं। उसकी दुकान के समीप सड़क पर बने गड्ढे को भरने के लिए उसमें मलबा डाला गया था, जोकि अब बिखर चुका है और हादसों का कारण बन रहा है।
पालाराम ने कहा कि आम लोगों की कोई सुनने वाला नहीं है। शिकायतें भी कर ली और अधिकारियों से भी मिल लिए, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। लोगों ने लाखों रुपये खर्च कर आशीशान घर बनाए हैं। घरों के आगे टूटी सड़क सारी शोभा खराब कर रही है।

पुरुषोत्तम नगर की खस्ता हाल सड़क। संवाद- फोटो : Kurukshetra