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नायब तहसीलदार के तबादले पर घमासान
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थाना प्रभारी देवेन्द्र कुमार को ज्ञापन सौंपते अनुसूचित समाज के लोग। संवाद
- फोटो : Kurukshetra
संवाद न्यूज एजेंसी
शाहाबाद। नायब तहसीलदार के तबादले की मांग को लेकर घमासान मच गया है। नायब तहसीलदार की हिमायत में अनुुसूचित समाज और भाकियू के लोग आमने-सामने हो गए हैं। अनुुसूचित समाज शुक्रवार को प्रदर्शन कर थाना प्रभारी देवेंद्र कुमार को ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि 10 अगस्त तक नायब तहसीलदार भारती की शिकायत के आधार पर किसान नेताओं पर कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन किया जाएगा।
प्रदर्शनकारी संदीप आंबेडकर व पार्षद नीरज मट्टू ने आरोप लगाया कि किसान नेता राकेश बैंस व जसबीर सिंह मामूमाजरा ने किसान यूनियन की आड़ में नायब तहसीलदार भारती पर बिना वजह का दबाव बनाया है। अब जानबूझकर नायब तहसीलदार का तबादला कराना चाहते हैं। दलित समाज यह तबादला कभी नहीं होने देगा।
उल्लेखनीय है कि 25 जुलाई को किसान यूनियन ने मांगों को लेकर प्रदर्शन किया था। तब नायब तहसीलदार पर ज्ञापन न लेने और अभद्र व्यवहार आरोप लगाते हुए तहसील कार्यालय में अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया था। इस पर विधायक रामकरण काला ने किसानों के बीच पहुंचकर अआश्वासन दिया था कि चार दिनों के अंदर नायब तहसीलदार का तबादला करा दिया जाएगा। भाकियू ने तबादला न होने पर विधायक आवास का घेराव करने की चेतावनी दी थी।
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उधर, नायब तहसीलदार भारती ने पुलिस को शिकायत देकर किसान नेता पर उन्हें जानबूझकर परेशान करने का आरोप लगाकर शिकायत दी थी, क्योंकि किसानों के प्रदर्शन व तहसील में आने की उनके पास कोई जानकारी नहीं थी। किसान तहसील में पहुंचे तो उस समय उनकी ड्यूटी पर कुरुक्षेत्र थी, लेकिन वह बाद में अपनी ड्यूटी पर किसानों के बीच पहुंची तो किसान नेता राकेश बैंस व जसबीर सिंह मामूमाजरा उनके साथ अभद्र व्यवहार किया था।
नायब तहसीलदार भारती ने कहा कि किसानों से उनकी बातचीत हुई तो उस समय थाना शाहाबाद के कमरे में एएसपी कर्ण गोयल, एसडीएम कपिल शर्मा और थाना प्रभारी देवेंद्र कुमार भी मौजूद थे। आरोप लगाया कि दलित समाज का होने के कारण उन्हें यहां पर नौकरी नहीं करनी दी जा रही है। करीब सवा माह पहले भी इन किसान नेताओं ने उन पर झूठे आरोप लगाकर बदनाम किया था। इस मौके पार्षद अमृतपाल, एडवोकेट बीरेंद्र बिंदा, सतीश, शुभम थंबड़, संदीप कुमार, राजेश राठी सहित समाज के लोग मौजूद रहे।
शिकायत उच्चाधिकारियों के पास भेजी : देवेंद्र कुमार
थाना प्रभारी देवेंद्र कुमार ने बताया कि नायब तहसीलदार की शिकायत को लीगल ओपिनियन के लिए आलाधिकारयिों के पास भेजा गया है। जैसे ही लीगल ओपिनियन मिलेगा उसी के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
मामले को दबाने के लिए जातिगत रंग : राकेश बैंस
भाकियू के प्रेस प्रवक्ता राकेश बैंस ने कहा कि उस दिन एएसपी कर्ण गोयल व एसडीएम कपिल शर्मा कमरे में मौजूद थे। किसानों ने नायब तहसीलदार से अभद्र व्यवहार किया होता तो पुलिस उसी समय कार्रवाई करती। अवैध कॉलोनियों की रजिस्ट्रियों के मामले को दबाने के लिए इसे जातिगत रूप दिया जा रहा है। एक अधिकारी किसी जाति विशेष का न होकर अपनी ड्यूटी का होता है। उस अधिकारी के पास कोई भी व्यक्ति काम के लिए जा सकता है।
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शाहाबाद। नायब तहसीलदार के तबादले की मांग को लेकर घमासान मच गया है। नायब तहसीलदार की हिमायत में अनुुसूचित समाज और भाकियू के लोग आमने-सामने हो गए हैं। अनुुसूचित समाज शुक्रवार को प्रदर्शन कर थाना प्रभारी देवेंद्र कुमार को ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि 10 अगस्त तक नायब तहसीलदार भारती की शिकायत के आधार पर किसान नेताओं पर कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन किया जाएगा।
प्रदर्शनकारी संदीप आंबेडकर व पार्षद नीरज मट्टू ने आरोप लगाया कि किसान नेता राकेश बैंस व जसबीर सिंह मामूमाजरा ने किसान यूनियन की आड़ में नायब तहसीलदार भारती पर बिना वजह का दबाव बनाया है। अब जानबूझकर नायब तहसीलदार का तबादला कराना चाहते हैं। दलित समाज यह तबादला कभी नहीं होने देगा।
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उल्लेखनीय है कि 25 जुलाई को किसान यूनियन ने मांगों को लेकर प्रदर्शन किया था। तब नायब तहसीलदार पर ज्ञापन न लेने और अभद्र व्यवहार आरोप लगाते हुए तहसील कार्यालय में अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया था। इस पर विधायक रामकरण काला ने किसानों के बीच पहुंचकर अआश्वासन दिया था कि चार दिनों के अंदर नायब तहसीलदार का तबादला करा दिया जाएगा। भाकियू ने तबादला न होने पर विधायक आवास का घेराव करने की चेतावनी दी थी।
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उधर, नायब तहसीलदार भारती ने पुलिस को शिकायत देकर किसान नेता पर उन्हें जानबूझकर परेशान करने का आरोप लगाकर शिकायत दी थी, क्योंकि किसानों के प्रदर्शन व तहसील में आने की उनके पास कोई जानकारी नहीं थी। किसान तहसील में पहुंचे तो उस समय उनकी ड्यूटी पर कुरुक्षेत्र थी, लेकिन वह बाद में अपनी ड्यूटी पर किसानों के बीच पहुंची तो किसान नेता राकेश बैंस व जसबीर सिंह मामूमाजरा उनके साथ अभद्र व्यवहार किया था।
नायब तहसीलदार भारती ने कहा कि किसानों से उनकी बातचीत हुई तो उस समय थाना शाहाबाद के कमरे में एएसपी कर्ण गोयल, एसडीएम कपिल शर्मा और थाना प्रभारी देवेंद्र कुमार भी मौजूद थे। आरोप लगाया कि दलित समाज का होने के कारण उन्हें यहां पर नौकरी नहीं करनी दी जा रही है। करीब सवा माह पहले भी इन किसान नेताओं ने उन पर झूठे आरोप लगाकर बदनाम किया था। इस मौके पार्षद अमृतपाल, एडवोकेट बीरेंद्र बिंदा, सतीश, शुभम थंबड़, संदीप कुमार, राजेश राठी सहित समाज के लोग मौजूद रहे।
शिकायत उच्चाधिकारियों के पास भेजी : देवेंद्र कुमार
थाना प्रभारी देवेंद्र कुमार ने बताया कि नायब तहसीलदार की शिकायत को लीगल ओपिनियन के लिए आलाधिकारयिों के पास भेजा गया है। जैसे ही लीगल ओपिनियन मिलेगा उसी के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
मामले को दबाने के लिए जातिगत रंग : राकेश बैंस
भाकियू के प्रेस प्रवक्ता राकेश बैंस ने कहा कि उस दिन एएसपी कर्ण गोयल व एसडीएम कपिल शर्मा कमरे में मौजूद थे। किसानों ने नायब तहसीलदार से अभद्र व्यवहार किया होता तो पुलिस उसी समय कार्रवाई करती। अवैध कॉलोनियों की रजिस्ट्रियों के मामले को दबाने के लिए इसे जातिगत रूप दिया जा रहा है। एक अधिकारी किसी जाति विशेष का न होकर अपनी ड्यूटी का होता है। उस अधिकारी के पास कोई भी व्यक्ति काम के लिए जा सकता है।