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संशोधित : मोतियाबिंद ऑपरेशन के लिए दो माह का इंतजार, मरीजों को झेलनी पड़ रही परेशानी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 28 Jan 2026 02:09 AM IST
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Revised: Two months wait for cataract surgery, patients facing problems
कुरुक्षेत्र। नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. गुंजन मेहता।
कुरुक्षेत्र। जिला नागरिक अस्पताल में मोतियाबिंद के ऑपरेशन के लिए मरीजों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। ऑपरेशन के लिए डेढ़ से दो माह बाद की तारीख दी जा रही है जिससे बुजुर्ग मरीजों को सबसे अधिक परेशानी हो रही है। सरकार की ओर से आयुष्मान कार्ड के तहत निजी अस्पतालों में मोतियाबिंद के ऑपरेशन बंद किए जाने से मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इसके कारण अब अधिकतर मरीज जिला नागरिक अस्पताल का रुख कर रहे हैं।
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सरकारी अस्पताल में डॉक्टरों और आधुनिक उपकरणों की कमी के कारण ऑपरेशन की रफ्तार सीमित है, जबकि हर माह करीब 250 मरीजों के ऑपरेशन किए जा रहे हैं। इनमें से 40-50 ऑपरेशन आयुष्मान के तहत होते हैं। प्राइवेट अस्पताल में मोतियाबिंद जैसे ऑपरेशन पर एक लाख रुपये तक खर्च होता है। इससे आम आदमी पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है। सरकारी अस्पताल में ये ऑपरेशन नि:शुल्क होते हैं।
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मोतियाबिंद के कारण



चिकित्सकों के अनुसार मोतियाबिंद होने का जोखिम कई कारणों से बढ़ सकता है। इनमें उम्र का बढ़ना प्रमुख कारण है। इसके अलावा डायबिटीज, अधिक मात्रा में शराब का सेवन, सूर्य के प्रकाश का अत्यधिक संपर्क, पारिवारिक इतिहास, उच्च रक्तचाप, मोटापा, आंखों में चोट या सूजन, पहले की आंखों की सर्जरी, लंबे समय तक कॉर्टिकोस्टेरॉइड दवाओं का उपयोग और धूम्रपान भी मोतियाबिंद के प्रमुख कारण माने जाते हैं।
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ये हैं मोतियाबिंद के लक्षण

चिकित्सकों के अनुसार मोतियाबिंद होने पर दृष्टि में धुंधलापन या अस्पष्टता आना, बुजुर्गों में पास की नजर का बार-बार बदलना, रंगों को पहचानने में बदलाव, रात के समय वाहन चलाने में परेशानी, दिन में तेज रोशनी से आंखों का चौंधियाना और दोहरी दृष्टि दिखाई देना इसके प्रमुख लक्षण हो सकते हैं।

40 साल के बाद नियमित आंखों की जांच जरूरी



नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. गुंजन का कहना है कि सूर्य की अल्ट्रावायलेट किरणें मोतियाबिंद को बढ़ावा दे सकती हैं। इसलिए धूप में निकलते समय सनग्लास पहनने चाहिए। डायबिटीज व अन्य बीमारियों को नियंत्रित रखना जरूरी है। उन्होंने शराब का सेवन कम करने और 40 वर्ष की उम्र के बाद नियमित रूप से आंखों की जांच कराने की सलाह दी।
मार्च माह की मिली ऑपरेशन की तारीख
शहर वासी सरोज ने बताया कि वे जिला अस्पताल में मोतियाबिंद का ऑपरेशन कराने गई थीं। चिकित्सक ने उन्हें मार्च माह की तारीख दी है। वहीं कविता ने बताया कि उन्होंने निजी अस्पताल में आंखों की जांच कराई। चिकित्सक ने ऑपरेशन बोला लेकिन पैसे न होने के कारण जिला अस्पताल में चिकित्सक को दिखाया। चिकित्सक ने उन्हें मार्च में ऑपरेशन की तारीख दी। ऐसे में अब उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।



हर माह 250 लोगों के हो रहे ऑपरेशन : डॉ. गुंजन मेहता

जिला नागरिक अस्पताल की नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. गुंजन मेहता ने बताया कि निजी अस्पतालों में आयुष्मान कार्ड पर मोतियाबिंद ऑपरेशन बंद होने के बाद जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या काफी बढ़ गई है। वर्तमान में हर माह करीब 250 मरीजों के ऑपरेशन किए जा रहे हैं। इसके कारण मरीजों को ऑपरेशन के लिए करीब दो माह का इंतजार करना पड़ रहा है।

आयुष्मान कार्ड पर हो रहे मरीजों के ऑपरेशन : डॉ. रमेश सभरवाल
आयुष्मान कार्ड इंचार्ज डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. रमेश सभरवाल ने कहा कि जिला नागरिक अस्पताल में मरीजों के आयुष्मान कार्ड पर ऑपरेशन हो रहे हैं। मरीजों की संख्या ज्यादा होने के कारण ऑपरेशन के लिए लंबी तारीख दी जा रही है।
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