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Kurukshetra News: 60 फीसदी अंक वाले सभी विद्यार्थियों का सुपर-100 के लिए पंजीकरण होगा अनिवार्य
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कुरुक्षेत्र। शिक्षा विभाग ने सुपर-100 में प्रवेश के लिए एक नई व्यवस्था लागू की है। अब कक्षा 10 की छमाही परीक्षा में 60 फीसदी या इससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले हर विद्यार्थी का पंजीकरण अनिवार्य होगा। इसका मुख्य उद्देश्य यह है कि कोई भी पात्र विद्यार्थी जानकारी के अभाव में सुपर-100 की चयन प्रक्रिया से वंचित न रह जाए।
सुपर-100 में विद्यार्थियों का चयन एक साथ नहीं किया जाएगा। बल्कि पूरी प्रक्रिया तीन चरणों में संपन्न होगी। पहले चरण में एक परीक्षा आयोजित की जाएगी। इसमें सफल विद्यार्थियों को अगले चरण में भेजा जाएगा। दूसरे चरण में लिखित परीक्षा के माध्यम से विद्यार्थियों की तैयारी और समझ को परखा जाएगा। इसके बाद जिले समेत प्रदेश से 1500 विद्यार्थियों का चयन तीसरे चरण के लिए होगा।
तीसरे चरण में विद्यार्थियों की काउंसिलिंग और आकलन भी होगा। यह प्रक्रिया दो चरणों में आयोजित की जाएगी। प्रत्येक चरण में करीब 750 विद्यार्थियों को शामिल किया जाएगा। पूरी प्रक्रिया लगभग 15 दिन तक चलेगी, इसके बाद प्रदर्शन और मेरिट के आधार पर अंतिम रूप से 500 विद्यार्थियों को सुपर-100 में प्रवेश दिया जाएगा।
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स्कूल मुखिया की होगी जिम्मेदारी
विभाग ने स्कूलों को साफ निर्देश दिए हैं कि 60 प्रतिशत या इससे अधिक अंक लेने वाले सभी विद्यार्थियों को सुपर-100 की जानकारी दी जाए और उनका पंजीकरण कराया जाए। स्कूल मुखिया को इसकी लिखित पुष्टि भी देनी होगी कि उनके स्कूल का कोई पात्र विद्यार्थी पंजीकरण से तो नहीं छूटा है।
हर महीने अभिभावक भी मिल सकेंगे
जिला शिक्षा अधिकारी विनोद कौशिक ने कहा है कि इस बार कुछ बदलाव किए है जिसमें सबसे खास सुपर-100 में चयन के बाद भी विद्यार्थियों की पढ़ाई और व्यवस्था को लेकर नियम तय किए गए हैं। अभिभावक-विद्यार्थी बैठक हर महीने रविवार को होगी। लड़कों और लड़कियों के लिए बैठक अलग-अलग रविवार को रखी जाएगी। निर्धारित रविवार को अभिभावक सुबह नौ बजे से शाम पांच बजे तक अपने बच्चे से मिल सकेंगे।
छात्राओं के भागने के बाद से सुपर 100 आया था चर्चा में
सुपर 100 में हाल ही में कई छात्राओं के भागने के बाद से चर्चा का विषय बना था, जिसके बाद अभिभावकों ने सड़क पर जाम लगाकर अपने बच्चों से मिलने की जिद की थी। इसी को लेकर इस साल नए नियम बनाए गए है जिसमें माता पिता छात्रों से मिल सकेंगे।
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सुपर-100 में विद्यार्थियों का चयन एक साथ नहीं किया जाएगा। बल्कि पूरी प्रक्रिया तीन चरणों में संपन्न होगी। पहले चरण में एक परीक्षा आयोजित की जाएगी। इसमें सफल विद्यार्थियों को अगले चरण में भेजा जाएगा। दूसरे चरण में लिखित परीक्षा के माध्यम से विद्यार्थियों की तैयारी और समझ को परखा जाएगा। इसके बाद जिले समेत प्रदेश से 1500 विद्यार्थियों का चयन तीसरे चरण के लिए होगा।
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तीसरे चरण में विद्यार्थियों की काउंसिलिंग और आकलन भी होगा। यह प्रक्रिया दो चरणों में आयोजित की जाएगी। प्रत्येक चरण में करीब 750 विद्यार्थियों को शामिल किया जाएगा। पूरी प्रक्रिया लगभग 15 दिन तक चलेगी, इसके बाद प्रदर्शन और मेरिट के आधार पर अंतिम रूप से 500 विद्यार्थियों को सुपर-100 में प्रवेश दिया जाएगा।
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स्कूल मुखिया की होगी जिम्मेदारी
विभाग ने स्कूलों को साफ निर्देश दिए हैं कि 60 प्रतिशत या इससे अधिक अंक लेने वाले सभी विद्यार्थियों को सुपर-100 की जानकारी दी जाए और उनका पंजीकरण कराया जाए। स्कूल मुखिया को इसकी लिखित पुष्टि भी देनी होगी कि उनके स्कूल का कोई पात्र विद्यार्थी पंजीकरण से तो नहीं छूटा है।
हर महीने अभिभावक भी मिल सकेंगे
जिला शिक्षा अधिकारी विनोद कौशिक ने कहा है कि इस बार कुछ बदलाव किए है जिसमें सबसे खास सुपर-100 में चयन के बाद भी विद्यार्थियों की पढ़ाई और व्यवस्था को लेकर नियम तय किए गए हैं। अभिभावक-विद्यार्थी बैठक हर महीने रविवार को होगी। लड़कों और लड़कियों के लिए बैठक अलग-अलग रविवार को रखी जाएगी। निर्धारित रविवार को अभिभावक सुबह नौ बजे से शाम पांच बजे तक अपने बच्चे से मिल सकेंगे।
छात्राओं के भागने के बाद से सुपर 100 आया था चर्चा में
सुपर 100 में हाल ही में कई छात्राओं के भागने के बाद से चर्चा का विषय बना था, जिसके बाद अभिभावकों ने सड़क पर जाम लगाकर अपने बच्चों से मिलने की जिद की थी। इसी को लेकर इस साल नए नियम बनाए गए है जिसमें माता पिता छात्रों से मिल सकेंगे।