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Kurukshetra News: समग्र व्यक्तित्व विकास और चरित्र निर्माण पर किया चिंतन
Sun, 31 Aug 2025 03:40 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
Updated Sun, 31 Aug 2025 03:40 AM IST
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कुरुक्षेत्र। एनआईटी में आयोजित कार्यशाला में हिस्सा लेते विभिन्न प्रदेशों से पहुंचे शिक्षाविद
कुरुक्षेत्र। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) कुरुक्षेत्र एवं शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास हरियाणा प्रांत के संयुक्त तत्वावधान में दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।
इसमें व्यक्तित्व का समग्र विकास एवं चरित्र निर्माण : राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 विषय पर गहन मंथन किया गया। कार्यशाला में शिक्षाविद्वों ने एनईपी को भारत को विकसित बनाए जाने का आधार बताया।
मुख्य अतिथि शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास नई दिल्ली के राष्ट्रीय सचिव डॉ. अतुल कोठारी ने कहा कि चरित्र निर्माण ही राष्ट्र निर्माण का आधार है। पंचकोश की भारतीय अवधारणा हमें बताती है कि शरीर, प्राण, मन, बुद्धि और आत्मा के विकास के बिना शिक्षा अधूरी है। नई शिक्षा नीति का मूल उद्देश्य भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़कर विद्यार्थियों का बहुआयामी विकास करना है। विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान के महासचिव देशराज ने कहा कि जब शिक्षा का संबंध आचार-व्यवहार से जुड़ता है तभी वास्तविक संस्कार उत्पन्न होते हैं। संवाद
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इसमें व्यक्तित्व का समग्र विकास एवं चरित्र निर्माण : राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 विषय पर गहन मंथन किया गया। कार्यशाला में शिक्षाविद्वों ने एनईपी को भारत को विकसित बनाए जाने का आधार बताया।
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मुख्य अतिथि शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास नई दिल्ली के राष्ट्रीय सचिव डॉ. अतुल कोठारी ने कहा कि चरित्र निर्माण ही राष्ट्र निर्माण का आधार है। पंचकोश की भारतीय अवधारणा हमें बताती है कि शरीर, प्राण, मन, बुद्धि और आत्मा के विकास के बिना शिक्षा अधूरी है। नई शिक्षा नीति का मूल उद्देश्य भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़कर विद्यार्थियों का बहुआयामी विकास करना है। विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान के महासचिव देशराज ने कहा कि जब शिक्षा का संबंध आचार-व्यवहार से जुड़ता है तभी वास्तविक संस्कार उत्पन्न होते हैं। संवाद

कुरुक्षेत्र। एनआईटी में आयोजित कार्यशाला में हिस्सा लेते विभिन्न प्रदेशों से पहुंचे शिक्षाविद
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