भर्ती के नाम पर सिर्फ औपचारिकता
पुलिस भर्ती प्रक्रिया पर अब लगातार सवाल उठने लगे हैं। भर्ती प्रक्रिया में मौजूदा व्यवस्था को लेकर एक पूर्व आईजी और एक पूर्व जिला पंचायत चेयरमैन ने अलग अलग मोर्चा खोल दिया है। पूर्व आईजी ने तो बकायदा प्रेसकांफ्रेंस करके एचएसएससी चेयरमैन को ही दोषी करार दे दिया और उनके खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग तक कर डाली है। दूसरी तरफ पूर्व जिप चेयरमैन ने भी ज्ञापन सौंप कर भर्ती स्थल के चयन और सुविधाओं के अभावों को लेकर सवाल उठाए हैं।
पूर्व आईपीएस अधिकारी और राष्ट्रीय लोक स्वराज पार्टी के प्रधान रणबीर सिंह शर्मा ने पिपली में पत्रकारों से चर्चा के दौरान आरोप लगाया कि पुलिस भर्ती के दौरान दो अभ्यर्थियों के मौत एचएसएससी की लापरवाही से हुई है। उन्होंने कहा कि इस मामले में हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के चेयरमैन और सदस्यों पर आपराधिक मामला दर्ज किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि दलितों को अपना बताने वाले नेताओं को चाहिए कि मृतकों के परिजनों को दस-दस लाख रुपये का मुआवजा और नौकरी दिलाएं।
पूर्व आईजी ने रणबीर सिंह शर्मा ने कहा है कि हरियाणा कर्मचारी आयोग द्वारा करवाई जा रही हरियाणा पुलिस भर्ती नियमों पर खरा नहीं उतर रही है। उन्होंने कहा कि भर्ती के लिए जो स्थान चुना गया है वह उचित नहीं है। ऐसा पहली बार देखा जा रहा है कि युवकों को सड़कों पर दौड़ाया जा रहा है। आयोग भर्ती के नाम पर सिर्फ औपचारिकता ही पूरी कर रहा है।
इधर पूर्व जिप चेयरमैन प्रवीण चौहान नेा कहा कि भर्ती के लिए रोजाना 500 से 700 लोगों को ही बुलाया जाना चाहिए। जबकि कुरुक्षेत्र में रोजाना 12-12 हजार युवाओं को बुुलाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि आयोग पुलिस भर्ती को लेकर गंभीर नहीं है। इस मौके पर जिप के पूर्व प्रधान प्रवीण चौधरी, संजय चौधरी व अन्य लोग मौजूद रहे। वहीं सभी ने भर्ती के दौरान मरने वाले दो युवकों की याद में दो मिनट का मौन भी रखा।
एसडीएम को दिया ज्ञापन
पूर्व जिप चेयरमैन प्रवीण चौधरी और पूर्व आईजी रणबीर शर्मा ने बाद में एक साथ मिलकर एसडीएम को ज्ञापन सौंपा है। जिसमें कहा गया कि भर्ती के दौरान युवकों की मौत की जांच कराई जाए। एसडीएम सतबीर कुंडू और थाना सदर पिपली प्रभारी दिलीप सिंह ने आश्वासन दिया कि उनकी शिकायत को सरकार तक पहुंचा दिया जाएगा। प्रवीण चौधरी ने कहा कि विभाग के गलत निर्णय के कारण अपने भविष्य को उज्जवल बनाने के उद्देश्य से भर्ती में आए दो युवाओं की मौत हो गई। जिसकी कभी भरपाई नही की जा सकती। इससे पहले युवाओं की मेडिकल करानी चाहिए, जिससे अनफिट युवाओं को दौड़ मे भाग लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी। उन्होंने प्रशासन से मांग रखी की भर्ती में आए युवाओं को सुविधाएं दी जाए।