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आज विजयदशमी पर रावण दहन के साथ होगा शहर व जिले की 10 प्रमुख समस्याओं का अंत
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आज विजयदशमी पर रावण दहन के साथ ही धर्मक्षेत्र कुरुक्षेत्र की 10 प्रमुख समस्या का भी अंत होगा। कुरुक्षेत्र को विश्व पटल पर चमकाने के लिए सरकार प्रयासरत है। इसके लिए सरकार की ओर से विभिन्न योजनाओं पर काम भी चल रहा है। जिलेभर में सिक्सलेन प्रोजेक्ट, सेक्टरों की खस्ताहाल सड़कें, बेसहारा गोवंश, सफाई व्यवस्था, शहर में अतिक्रमण, श्रीकृष्णा आयुष यूनिवर्सिटी निर्माण, पानी की निकासी, बाबैन व इस्माईलाबाद में बस स्टैंड निर्माण तथा पिहोवा में सरस्वती तीर्थ में जल की अविरल धारा जैसे समस्याएं सरकार के सामने रावण के अहंकार की तरह सिर उठाए खड़ी है, इन समस्याओं के निवारण के लिए सरकार प्रयासरत है।
कुुरुक्षेत्र। सिक्सलेन प्रोजेक्ट लोगों के लिए सबसे बड़ा सिरदर्द बन चुका है। ढाई साल में भी सिक्सलेन प्रोजेक्ट पूरा नहीं हो चुका। विधायक, मंत्री व सीएम तक को गुहार लगाने के बाद प्रोजेक्ट पूरा नहीं हुआ। हालांकि अब प्रोजेक्ट पर काम जरूर चल रहा है, मगर धीमी गति से काम चल रहा है। दिन भर उड़ती धूल और बिखरे पत्थरों की वजह से कोई न कोई हादसा होने का डर बना रहता है। ऑटो चालक रामकुमार का कहना है कि सिक्सलेन का निर्माण कार्य बड़ी ही धीमी गति से चल रहा है। निर्माण कार्य अटक-अटक के चलने की वजह से राहगीरों को बेहद परेशानी होती है। पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन अरुण भाटिया ने बताया कि प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है। जल्द ही निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा।
कुरुक्षेत्र। शहर में जगह-जगह लगे गंदगी के ढेर नगर परिषद के स्वच्छता दावों की पोल खोल रहे है। सब्जी मंडी के पीछे, अमीन रोड, सेक्टर-13, सेक्टर-17, राजेंद्र नगर कुटिया वाली रोड पर, सेक्टर-7 में गंदगी पसरी हुई। शहरवासी सुरेंद्र ने बताया कि प्रशासन को चाहिए कि सड़क किनारे गंदगी के ढेर लगाने वाले का चालान करके जुर्माना वसूल करें। वहीं जो सफाई कर्मचारी सड़क किनारे गंदगी डालकर उसे आग के हवाले करते पाया जाए उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाए। वहीं मामले को लेकर नगरपरिषद के कार्यकारी अधिकारी बलबीर रोहिला का कहना है कि शहर की सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए सफाई दरोगा के पास पहले एक ही वार्ड का जिम्मा था, मगर अब उसे दो - दो वार्ड का चार्ज दिया गया है। सफाई व्यवस्था की जिम्मेदारी उस वार्ड के दरोगा की होगी। यदि उस वार्ड में साफ - सफाई नहीं होती है तो उसकी शिकायत के नप के हेल्प डेस्क पर की जा सकती है। उसके बाद नप शिकायत पर कार्रवाई करेंगी।
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पिहोवा। सरस्वती तीर्थ पर करोड़ों रुपये पानी की बहाने के बाद भी तीर्थ में जल की अविरल धारा नहीं बही। अविरल धारा के लिए कांग्रेस और मौजूदा सरकार भाजपा ने प्रयास किया, मगर प्रोजेक्ट सिरे नहीं चढ़ पाया। हालांकि तीर्थ में पाइप लाइन के जरिए पानी छोड़ा जाता है, लेकिन बहते पानी की मांग आज तक पूरी नहीं हो पाई है। तीर्थ पुरोहित विनोद पचौली ने बताया कि वाल्मीकि घाट से ब्रह्मयोनी तक सरस्वती के घाट जोहड़ में तब्दील हो चुके है। मामले को सरस्वती हेरिटेज बोर्ड के उपाध्यक्ष धुम्मन सिंह किरमिच ने बताया कि सरस्वती तीर्थ से लेकर नदी का तक का निरीक्षण किया जाएगा। हालांकि अधिकारियों को निर्देश दिए है। परियोजना को लेकर भी काम चल रहा है। जल्द ही सरस्वती तीर्थ के लिए गुड न्यूज दी जाएगी।
कुरुक्षेत्र। हर बार जिला प्रशासन की ओर से शहर की सड़कों को कैटल फ्री करने के दावे किए जाते है। हाल ही में प्रशासन ने बैठक करके बेसहारा गोवंश को गोशाला बारना व मथाना में छोड़ने का प्लान बनाया था, मगर अभी तक उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। शहर की कॉलोनी, गलियां, सड़कें व हाईवे इन गोवंश की शरण स्थली बनी हुई है। इससे समय हादसे होने का खतरा भी बना रहता है। पर्जन्य शर्मा ने बताया कि दिन-रात बेसहारा गोवंश गलियों में घूमते रहते है। नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी बलबीर रोहिला ने बताया कि गांव बारना और मथाना में बैठक कर प्रधान नियुक्त किए गए है। बहुत जल्द गोवंश पकड़ने का काम शुरू किया जाएगा। गोवंश को पकड़कर बारना और मथाना की गौशाला में छोड़ा जाएगा।
शाहाबाद स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में ही करीब 10 करोड़ 17 लाख रुपये की लागत से नवनिर्मित सौ बेड का तीन मंजिला अस्पताल उद्घाटन का इंतजार कर रहा है। अस्पताल की यह इमारत सेंट्रल एसी तथा लिफ्ट के साथ-साथ मेडिकल ऑक्सीजन पाइप लाइन सुविधा से युक्त है। 13 सितंबर 2020 को हेल्पर्स के प्रधान तिलक राज अग्रवाल के नेतृत्व में कुछ समाजसेवियों का प्रतिनिधिमंडल ने पूर्व राज्यमंत्री कृष्ण बेदी से मुलाकात की थी और अस्पताल शीघ्र ही चालू कराने का अनुरोध किया था। आज तक अस्पताल की यह इमारत आमजन के लिए समर्पित नहीं की जा सकी। इस पर लोक निर्माण विभाग के एक्सईएन अरुण भाटिया ने बताया कि अस्पताल की इस इमारत को बनाने में करीब दो वर्ष का समय लगा था। वहीं शाहाबाद विधायक रामकरण काला ने कहा कि यह अस्पताल उनकी प्राथमिकताओं में है और विश्वास है कि आगामी दो माह तक अस्पताल की नई इमारत को जनता को समर्पित कर दिया जाएगा।
बाबैन। बस अड्डा न होने से 40 गांव के लोगों को काफी परेशानी होती है। साल 2000 में चौटाला सरकार ने बाबैन में छोटा बस अड्डा बनाने की घोषणा की थी तो ग्राम पंचायत की ओर दी गई डेढ़ एकड़ पंचायती जमीन बस अड्डा बनाया गया। उस समय कुछ दिनों के लिए इस बस अड्डे पर बसें भी रूकने लगी, मगर कुछ समय के बाद बस अड्डें पर बसें आनी बंद हो गई। अब यह बस अड्डा नहीं बल्कि गंदगी डालने का अड्डा बन चुुका है। समाजसेवी गुलशन चावला, राजीव गुढी, रामपाल सैनी ने सरकार से मांग करते हुए कहा कि सरकार या तो इस बस अड्डे का नवीनीकरण करें तथा यहां बसों का आना-जाना सुनिश्चित करें अन्यथा ग्राम पंचायत बाबैन की करोड़ों रुपयों की जमीन को दोबारा पंचायत को रिलीज करें ताकि जमीन पर मार्केट बनाई जा सकें। उधर, इस्माईलाबाद में बस अड्डा स्थाई बस न होने से यात्री परेशान रहते है। गौरव शर्मा ने बताया कि स्थाई बस स्टैंड न होने कारण यहां बस एक निश्चित स्थान पर न रुक कर आगे पीछे रुकती है। उन्हें बस पकड़ने में काफी मशक्कत करनी पड़ती है। प्रशासन द्वारा वैसे तो बसे रोकने के लिए एक निश्चित स्थान बनाया हुआ है. लेकिन बस स्टैंड न होने कारण बस चालक अपनी मनमर्जी के चलते आगे पीछे बसों को रोकते है।
गांव फतुहपुर में 500 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली जिस आयुष विश्वविद्यालय की आधारशिला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फरवरी 2019 में रखी थी, उसका अभी तक कॉन्ट्रैक्ट भी नहीं हुआ है। पिछले कई सालों से प्रदेश के एकमात्र राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज में आयुष विश्वविद्यालय चलाया जा रहा है। 94.5 एकड़ पंचायती जमीन पर बनने वाले देश के एकमात्र श्रीकृष्णा आयुष विश्वविद्यालय के लिए सरकार 500 करोड़ रुपये का बजट खर्च करेगी, लेकिन अभी तक निर्माण कार्य शुरू होना तो दूर, आज तक विश्वविद्यालय की चारदीवारी का निर्माण कार्य भी पूरा नहीं हो सका। आयुष विश्वविद्यालय की इमारत बनकर तैयार न होने के कारण खुद विश्वविद्यालय प्रशासन और भावी आयुर्वेदिक चिकित्सकों भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
कुरुक्षेत्र। अतिक्रमण के चलते शहरवासियों को जाम का सामना करना पड़ता है। दुकानदारों द्वारा अतिक्रमण किए जाने के चलते शहर में आने - जाने वाले लोगों को घंटों जाम का सामना करना पड़ रहा है। बता दें कि डेढ़ साल पहले तत्कालीन उपायुक्त धीरेंद्र खडगटा ने शहर में 40 साल पुराने कब्जे हटवाकर शहर को अतिक्रमण मुक्त किया था लेकिन अब शहर दोबारा अतिक्रमण की चपेट में आ गया है। शहरवासी राजू का कहना है किस शहर कुछ समय पहले पुलिस पुलिस प्रशासन द्वारा नाका लगाने के बावजूद बिना रोक टोक के वाहन शहर में प्रवेश कर जाते है। इसके चलते जाम लग जाता है प्रशासन को चाहिए की शहर में प्रवेश करने वाले वाहनों को प्रवेश करने से रोका जाना चाहिए। यातायात डीएसपी नरेंद्र बताया कि रेलवे रोड व आंबेडकर चौक से शहर की तरफ प्रवेश करने वाले भारी वाहनों पर भी रोक लगा दी गई है। चीता राइडर्स व डायल 112 द्वारा सड़क किनारे खड़े वाहन चालकों का चालान करते है। अब पुलिस ऐसे वाहनों को जब्त भी कर रही है।
बारिश के दिनों में शहर की कई कॉलोनी बिरला मंदिर रोड, छोटा बाजार, थानेसर बाजार, महाराणा प्रताप चौक, राजेंद्र नगर, सेक्टर-13, 7 व 5 जलमग्न हो गए थे। इससे कई लोगों के घरों व दुकानों में पानी घुस गया था और उनका काफी नुकसान हुआ था। उस समय अधिकारी से लेकर विधायक सुभाष सुधा निकासी के प्रबंध करने में जुटे हुए थे। स्थाई समाधान के लिए शहर में बरसाती नाले के निर्माण का प्रस्ताव रखा गया है। इस प्रस्ताव पर कार्य किया जाएगा।
कुरुक्षेत्र। सेक्टरों की खस्ताहाल सड़क होने के चलते सेक्टर वासियों सड़कों पर उतरना पड़ा। पिछले दिनों सेक्टर-29 व 30 के लोगों ने उमरी से सेक्टर को जोड़ने वाली खस्ताहाल सड़क के विरोध में जाम लगा दिया। आरोप लगाया कि खस्ताहाल सड़क के चलते एक युवती टांग में चोट लग गई थी। वहीं सेक्टर-3, 4, 5,7 व सेक्टर 13 डीसी कॉलोनी कैलाश नगर की कई सड़कें खस्ताहाल है। सेक्टर वासियों सड़क निर्माण को लेकर प्रशासन व स्थानीय विधायक को गुहार लगा चुकी है। इसमें पीडब्ल्यूडी विभाग अपनी सड़कों का निर्माण कर रहा है तथा नगर परिषद की ओर निर्माण को लेकर प्रस्ताव पास किया जाएगा।
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कुुरुक्षेत्र। सिक्सलेन प्रोजेक्ट लोगों के लिए सबसे बड़ा सिरदर्द बन चुका है। ढाई साल में भी सिक्सलेन प्रोजेक्ट पूरा नहीं हो चुका। विधायक, मंत्री व सीएम तक को गुहार लगाने के बाद प्रोजेक्ट पूरा नहीं हुआ। हालांकि अब प्रोजेक्ट पर काम जरूर चल रहा है, मगर धीमी गति से काम चल रहा है। दिन भर उड़ती धूल और बिखरे पत्थरों की वजह से कोई न कोई हादसा होने का डर बना रहता है। ऑटो चालक रामकुमार का कहना है कि सिक्सलेन का निर्माण कार्य बड़ी ही धीमी गति से चल रहा है। निर्माण कार्य अटक-अटक के चलने की वजह से राहगीरों को बेहद परेशानी होती है। पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन अरुण भाटिया ने बताया कि प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है। जल्द ही निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा।
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कुरुक्षेत्र। हर बार जिला प्रशासन की ओर से शहर की सड़कों को कैटल फ्री करने के दावे किए जाते है। हाल ही में प्रशासन ने बैठक करके बेसहारा गोवंश को गोशाला बारना व मथाना में छोड़ने का प्लान बनाया था, मगर अभी तक उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। शहर की कॉलोनी, गलियां, सड़कें व हाईवे इन गोवंश की शरण स्थली बनी हुई है। इससे समय हादसे होने का खतरा भी बना रहता है। पर्जन्य शर्मा ने बताया कि दिन-रात बेसहारा गोवंश गलियों में घूमते रहते है। नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी बलबीर रोहिला ने बताया कि गांव बारना और मथाना में बैठक कर प्रधान नियुक्त किए गए है। बहुत जल्द गोवंश पकड़ने का काम शुरू किया जाएगा। गोवंश को पकड़कर बारना और मथाना की गौशाला में छोड़ा जाएगा।
शाहाबाद स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में ही करीब 10 करोड़ 17 लाख रुपये की लागत से नवनिर्मित सौ बेड का तीन मंजिला अस्पताल उद्घाटन का इंतजार कर रहा है। अस्पताल की यह इमारत सेंट्रल एसी तथा लिफ्ट के साथ-साथ मेडिकल ऑक्सीजन पाइप लाइन सुविधा से युक्त है। 13 सितंबर 2020 को हेल्पर्स के प्रधान तिलक राज अग्रवाल के नेतृत्व में कुछ समाजसेवियों का प्रतिनिधिमंडल ने पूर्व राज्यमंत्री कृष्ण बेदी से मुलाकात की थी और अस्पताल शीघ्र ही चालू कराने का अनुरोध किया था। आज तक अस्पताल की यह इमारत आमजन के लिए समर्पित नहीं की जा सकी। इस पर लोक निर्माण विभाग के एक्सईएन अरुण भाटिया ने बताया कि अस्पताल की इस इमारत को बनाने में करीब दो वर्ष का समय लगा था। वहीं शाहाबाद विधायक रामकरण काला ने कहा कि यह अस्पताल उनकी प्राथमिकताओं में है और विश्वास है कि आगामी दो माह तक अस्पताल की नई इमारत को जनता को समर्पित कर दिया जाएगा।
बाबैन। बस अड्डा न होने से 40 गांव के लोगों को काफी परेशानी होती है। साल 2000 में चौटाला सरकार ने बाबैन में छोटा बस अड्डा बनाने की घोषणा की थी तो ग्राम पंचायत की ओर दी गई डेढ़ एकड़ पंचायती जमीन बस अड्डा बनाया गया। उस समय कुछ दिनों के लिए इस बस अड्डे पर बसें भी रूकने लगी, मगर कुछ समय के बाद बस अड्डें पर बसें आनी बंद हो गई। अब यह बस अड्डा नहीं बल्कि गंदगी डालने का अड्डा बन चुुका है। समाजसेवी गुलशन चावला, राजीव गुढी, रामपाल सैनी ने सरकार से मांग करते हुए कहा कि सरकार या तो इस बस अड्डे का नवीनीकरण करें तथा यहां बसों का आना-जाना सुनिश्चित करें अन्यथा ग्राम पंचायत बाबैन की करोड़ों रुपयों की जमीन को दोबारा पंचायत को रिलीज करें ताकि जमीन पर मार्केट बनाई जा सकें। उधर, इस्माईलाबाद में बस अड्डा स्थाई बस न होने से यात्री परेशान रहते है। गौरव शर्मा ने बताया कि स्थाई बस स्टैंड न होने कारण यहां बस एक निश्चित स्थान पर न रुक कर आगे पीछे रुकती है। उन्हें बस पकड़ने में काफी मशक्कत करनी पड़ती है। प्रशासन द्वारा वैसे तो बसे रोकने के लिए एक निश्चित स्थान बनाया हुआ है. लेकिन बस स्टैंड न होने कारण बस चालक अपनी मनमर्जी के चलते आगे पीछे बसों को रोकते है।
गांव फतुहपुर में 500 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली जिस आयुष विश्वविद्यालय की आधारशिला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फरवरी 2019 में रखी थी, उसका अभी तक कॉन्ट्रैक्ट भी नहीं हुआ है। पिछले कई सालों से प्रदेश के एकमात्र राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज में आयुष विश्वविद्यालय चलाया जा रहा है। 94.5 एकड़ पंचायती जमीन पर बनने वाले देश के एकमात्र श्रीकृष्णा आयुष विश्वविद्यालय के लिए सरकार 500 करोड़ रुपये का बजट खर्च करेगी, लेकिन अभी तक निर्माण कार्य शुरू होना तो दूर, आज तक विश्वविद्यालय की चारदीवारी का निर्माण कार्य भी पूरा नहीं हो सका। आयुष विश्वविद्यालय की इमारत बनकर तैयार न होने के कारण खुद विश्वविद्यालय प्रशासन और भावी आयुर्वेदिक चिकित्सकों भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
कुरुक्षेत्र। अतिक्रमण के चलते शहरवासियों को जाम का सामना करना पड़ता है। दुकानदारों द्वारा अतिक्रमण किए जाने के चलते शहर में आने - जाने वाले लोगों को घंटों जाम का सामना करना पड़ रहा है। बता दें कि डेढ़ साल पहले तत्कालीन उपायुक्त धीरेंद्र खडगटा ने शहर में 40 साल पुराने कब्जे हटवाकर शहर को अतिक्रमण मुक्त किया था लेकिन अब शहर दोबारा अतिक्रमण की चपेट में आ गया है। शहरवासी राजू का कहना है किस शहर कुछ समय पहले पुलिस पुलिस प्रशासन द्वारा नाका लगाने के बावजूद बिना रोक टोक के वाहन शहर में प्रवेश कर जाते है। इसके चलते जाम लग जाता है प्रशासन को चाहिए की शहर में प्रवेश करने वाले वाहनों को प्रवेश करने से रोका जाना चाहिए। यातायात डीएसपी नरेंद्र बताया कि रेलवे रोड व आंबेडकर चौक से शहर की तरफ प्रवेश करने वाले भारी वाहनों पर भी रोक लगा दी गई है। चीता राइडर्स व डायल 112 द्वारा सड़क किनारे खड़े वाहन चालकों का चालान करते है। अब पुलिस ऐसे वाहनों को जब्त भी कर रही है।
बारिश के दिनों में शहर की कई कॉलोनी बिरला मंदिर रोड, छोटा बाजार, थानेसर बाजार, महाराणा प्रताप चौक, राजेंद्र नगर, सेक्टर-13, 7 व 5 जलमग्न हो गए थे। इससे कई लोगों के घरों व दुकानों में पानी घुस गया था और उनका काफी नुकसान हुआ था। उस समय अधिकारी से लेकर विधायक सुभाष सुधा निकासी के प्रबंध करने में जुटे हुए थे। स्थाई समाधान के लिए शहर में बरसाती नाले के निर्माण का प्रस्ताव रखा गया है। इस प्रस्ताव पर कार्य किया जाएगा।
कुरुक्षेत्र। सेक्टरों की खस्ताहाल सड़क होने के चलते सेक्टर वासियों सड़कों पर उतरना पड़ा। पिछले दिनों सेक्टर-29 व 30 के लोगों ने उमरी से सेक्टर को जोड़ने वाली खस्ताहाल सड़क के विरोध में जाम लगा दिया। आरोप लगाया कि खस्ताहाल सड़क के चलते एक युवती टांग में चोट लग गई थी। वहीं सेक्टर-3, 4, 5,7 व सेक्टर 13 डीसी कॉलोनी कैलाश नगर की कई सड़कें खस्ताहाल है। सेक्टर वासियों सड़क निर्माण को लेकर प्रशासन व स्थानीय विधायक को गुहार लगा चुकी है। इसमें पीडब्ल्यूडी विभाग अपनी सड़कों का निर्माण कर रहा है तथा नगर परिषद की ओर निर्माण को लेकर प्रस्ताव पास किया जाएगा।