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प्लास्टिक मुक्त हरियाणा बने, अन्नदाता हो मजबूत
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रत्नावली उत्सव में शनिवार को प्रतिभागियों ने युवाओं को प्लास्टिक मुक्त हरियाणा बनाने के लिए प्रेरित किया। उत्सव के पहले दिन सीनेट हॉल में आयोजित हरियाणवी भाषण प्रतियोगिता में प्रदेश व दूसरे राज्यों से आई 18 टीमों के प्रतिभागियों ने अन्नदाता की स्थिति, बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ, प्लास्टिक मुक्त हरियाणा व पेड़ बचाओ और हरियाणा की लुप्त होती संस्कृति पर विचार रखे और इन सामाजिक समस्याओं के प्रति युवाओं को जागरूक किया।
सबसे पहले गवर्नमेंट कालेज हांसी की छात्रा सोनिया ने किसान की समस्या के बारे में बताया कि आज किस तरह अन्नदाता मिट्टी के साथ मिट्टी हो रहा है। सारा दिन खेत में पसीना बहाने के बावजूद भी वे अपने परिवार का पालन-पोषण नहीं कर पाता। छोटू राम किसान कालेज जींद के छात्र दीपक ने बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ विषय पर अपने विचार रखे। डीएवी कालेज करनाल की छात्रा आशा शर्मा ने प्लास्टिक मुक्त हरियाणा पर अपने विचार रखे और सबकी अंतरात्मा को झकझोर दिया। भगवान परशुराम कालेज कुरुक्षेत्र के छात्र जयवीर ने हरियाणा की लुप्त होती संस्कृति पर चिंता व्यक्त करते हुए पाश्चात्य संस्कृति को त्यागने व अपनी संस्कृति को ग्रहण करने की बात की। गांधी आदर्श कालेज समालखा के प्रतिभागी जगदीप व एमएनएस कालेज भिवानी की छात्रा ज्योति ने पेड़ बचाओ, जिंदगी बचाओ पर अपने विचार रखे। हरियाणवी भाषण प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने देश व विदेश के ज्वलंत मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखी और वहां पर उपस्थिति दर्शकों की खूब तालिया बटोरी। हरियाणवी भाषण प्रतियोगिता में निर्णायक मंडल में प्रो. रोशन लाल श्योराण, प्रो. संतराम देसवाल, योगेन्द्र बुद्धगिल शामिल रहे।
दिल्ली यूनिवर्सिटी के शिवाजी कालेज के प्रतिभागियों ने रखे विचार
रत्नावली उत्सव में इस बार दिल्ली विश्वविद्यालय शिवाजी कालेज के प्रतिभागी अन्नु मलिक सारसा ने किसान को अन्नदाता व जय जवान व जय किसान के नारे के महत्व के बारे में बताया और कहा कि आज किस तरह से किसान खेत में कड़ी मेहनत करके लोगों के लिए अन्न पैदा करता है। उसी तरह जवान भी सीमा पर दिन रात देश की रक्षा करता है। दोनों की राष्ट्र की सेवा को समर्पित हैं।
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सबसे पहले गवर्नमेंट कालेज हांसी की छात्रा सोनिया ने किसान की समस्या के बारे में बताया कि आज किस तरह अन्नदाता मिट्टी के साथ मिट्टी हो रहा है। सारा दिन खेत में पसीना बहाने के बावजूद भी वे अपने परिवार का पालन-पोषण नहीं कर पाता। छोटू राम किसान कालेज जींद के छात्र दीपक ने बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ विषय पर अपने विचार रखे। डीएवी कालेज करनाल की छात्रा आशा शर्मा ने प्लास्टिक मुक्त हरियाणा पर अपने विचार रखे और सबकी अंतरात्मा को झकझोर दिया। भगवान परशुराम कालेज कुरुक्षेत्र के छात्र जयवीर ने हरियाणा की लुप्त होती संस्कृति पर चिंता व्यक्त करते हुए पाश्चात्य संस्कृति को त्यागने व अपनी संस्कृति को ग्रहण करने की बात की। गांधी आदर्श कालेज समालखा के प्रतिभागी जगदीप व एमएनएस कालेज भिवानी की छात्रा ज्योति ने पेड़ बचाओ, जिंदगी बचाओ पर अपने विचार रखे। हरियाणवी भाषण प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने देश व विदेश के ज्वलंत मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखी और वहां पर उपस्थिति दर्शकों की खूब तालिया बटोरी। हरियाणवी भाषण प्रतियोगिता में निर्णायक मंडल में प्रो. रोशन लाल श्योराण, प्रो. संतराम देसवाल, योगेन्द्र बुद्धगिल शामिल रहे।
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दिल्ली यूनिवर्सिटी के शिवाजी कालेज के प्रतिभागियों ने रखे विचार
रत्नावली उत्सव में इस बार दिल्ली विश्वविद्यालय शिवाजी कालेज के प्रतिभागी अन्नु मलिक सारसा ने किसान को अन्नदाता व जय जवान व जय किसान के नारे के महत्व के बारे में बताया और कहा कि आज किस तरह से किसान खेत में कड़ी मेहनत करके लोगों के लिए अन्न पैदा करता है। उसी तरह जवान भी सीमा पर दिन रात देश की रक्षा करता है। दोनों की राष्ट्र की सेवा को समर्पित हैं।
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