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दुष्कर्म के आरोपी को 10 साल कारावास, जुर्माना भी भरना होगा
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कुरुक्षेत्र। नाबालिग से दुष्कर्म करने के दोषी को अदालत ने 10 साल कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ दोषी पर 25 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना न भरने पर चार माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
जिला उप न्यायवादी भूपेंद्र कुमार ने बताया कि 26 जुलाई को थाना पिहोवा पुलिस के अंतर्गत रहने वाले एक व्यक्ति ने थाना पिहोवा पुलिस को दी शिकायत में बताया कि ओमप्रकाश वासी कैथल किसी संस्था की तरफ से उनके गांव में दान व अनाज लेने आता था। जब उसकी नाबालिग बहन घर पर अकेली होती थी तो वह उसके घर पर आता था। इस दौरान ओमप्रकाश ने बहला-फुसला कर शादी का झांसा देकर उसकी बहन के साथ दुष्कर्म किया था। शिकायत पर थाना सदर पिहोवा में पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज करके जांच महिला उप निरीक्षक दलीप कौर को सौंपी गई थी। कानूनी प्रक्रिया के तहत नाबालिग लड़की के बयान धारा 164 सीआरपीसी के तहत न्यायालय में दर्ज कराए थे।
26 जुलाई को मामले के आरोपी ओमप्रकाश को गिरफ्तार करके अदालत के आदेश से कारागार भेजा था। मामले की नियमित सुनवाई फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट में करते हुए 17 नवंबर को अतिरिक्त जिला एवं सेशन न्यायाधीश मनीष दुआ की अदालत ने गवाहों व सबूतों के आधार पर आरोपी ओमप्रकाश को दोषी करार देते हुए 10 साल कठोर कारावास व 25 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न भरने की सूरत में चार माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
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जिला उप न्यायवादी भूपेंद्र कुमार ने बताया कि 26 जुलाई को थाना पिहोवा पुलिस के अंतर्गत रहने वाले एक व्यक्ति ने थाना पिहोवा पुलिस को दी शिकायत में बताया कि ओमप्रकाश वासी कैथल किसी संस्था की तरफ से उनके गांव में दान व अनाज लेने आता था। जब उसकी नाबालिग बहन घर पर अकेली होती थी तो वह उसके घर पर आता था। इस दौरान ओमप्रकाश ने बहला-फुसला कर शादी का झांसा देकर उसकी बहन के साथ दुष्कर्म किया था। शिकायत पर थाना सदर पिहोवा में पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज करके जांच महिला उप निरीक्षक दलीप कौर को सौंपी गई थी। कानूनी प्रक्रिया के तहत नाबालिग लड़की के बयान धारा 164 सीआरपीसी के तहत न्यायालय में दर्ज कराए थे।
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26 जुलाई को मामले के आरोपी ओमप्रकाश को गिरफ्तार करके अदालत के आदेश से कारागार भेजा था। मामले की नियमित सुनवाई फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट में करते हुए 17 नवंबर को अतिरिक्त जिला एवं सेशन न्यायाधीश मनीष दुआ की अदालत ने गवाहों व सबूतों के आधार पर आरोपी ओमप्रकाश को दोषी करार देते हुए 10 साल कठोर कारावास व 25 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न भरने की सूरत में चार माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
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