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चार घंटे के हाईवोल्टेज ड्रामे के बाद अनाजमंडी में हुई रैली
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पहले किसान रैली पर रोक, फिर नाकाबंदी, लाठीचार्ज, गिरफ्तारी और चार घंटे के इस हाई वोल्टेज ड्रामे के बाद रैली उसी अनाज मंडी में हुई। वो भी कोरोनाकाल के दिशा निर्देशों के बीच। इसके साथ ही लंबे समय से ठंडी पड़ी हरियाणा में किसान आंदोलन की आंच कुरुक्षेत्र की किसान रैली पर रोक ने और भड़का दी। बहरहाल लंबे अर्से के बाद हरियाणा में किसान आंदोलन की गूंज चौतरफा सुनाई दे रही है। यानी एक बार फिर कुरुक्षेत्र की भूमि से शंखनाद की गूंज का असर कुरुक्षेत्र के अलावा हरियाणा के अधिकांश जिलों पर दिखा। रैली को रोकने के लिये पूरे जिला में 56 से ज्यादा नाके लगाए गए थे। इसके अलावा जिले के बार्डर पर किसानों की आवाजाही पर रोक लगाई गई थी।
कोरोनाकाल के दौरान किसान बचाओ रैली को 10 सितंबर के दिन कुरुक्षेत्र की पिपली अनाज मंडी में करने की घोषणा के बाद पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया था। कोरोनाकाल की वजह से राज्य सरकार और जिला प्रशासन की चिंता रैली के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग के लिहाज से वाजिब थी। वहीं पिछले महीनों में सत्तारुढ़ दल के कार्यक्रमों के कारण किसानों को रैली से रोकने की कवायद पर पानी फिर गया। इसका बड़ा कारण विपक्षी दलों के नेताओं की बयानबाजी और समर्थन की पेशकश को भी माना जा रहा है। जैसे ही पुलिस प्रशासन द्वारा पिपली में प्रस्तावित 10 सितंबर की रैली पर रोक लगाने जानकारी सामने आई। विपक्षी दलों के नेताओं ने हाथों हाथ लिया और भाजपा और जजपा के कार्यक्रमों का हवाला देते हुए किसान रैली पर रोक लगाने पर प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी। कांग्रेस के नेताओं ने किसानों के इस मुद्दे को हाथों हाथ लेकर भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा। रैली को समर्थन भी ऐलान कर दिया था। इसके बाद रही सही कसर लाठीचार्ज की घटना और कुछ किसानों के लहूलुहान होने के बाद पूरी हो गई। पिपली में करीब चार घंटे के हाई वोल्टेज ड्रामा के बाद उसी पिपली अनाज मंडी में रैली हुई,
थ्री टायर, 54 नाके, 600 पुलिस, फिर भी व्यवस्था फेल
किसान बचाओ-मंडी बचाओ रैली में किसान को पहुंचने से रोकने के लिए प्रशासन द्वारा किए गए प्रबंध फेल साबित हुए। थ्री टायर सुरक्षा, 54 नाके, 600 पुलिस व धारा-144 लगे होने के बावजूद भी रैली में शामिल होने के लिए प्रदेश भर से तीन हजार से ज्यादा किसान पिपली पहुंच गए। इस दौरान उन्हें मंडी में जाने से रोकने के लिए बेरिकेडिग की गई। इसके अलावा प्रशासन द्वारा लाठी चार्ज कर किसानों को खदेड़ने की कोशिश की गई।
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बाक्स
सबसे ज्यादा चर्चा जींस टीशर्ट वाले पुलिस मैन की...
अपनी सुरक्षा के लिये हेलमेट पहने पुलिस का एक जवान फिल्मी स्टाइल में जींस टीशर्ट पहन कर सरपट लाठी भांजते दिखाई दिया। उसकी यह फोटो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुई। इस पर जो संदेश आ रहे थे वो भी काफी रोचक थे। लोग पूछ रहे थे कि पुलिस की वर्दी कब से जींस टीशर्ट हो गई भाई...। मगर पुलिस का जवान तो अपने वरिष्ठ अधिकारियों के आदेशों की पालना कर रहा था,उसे तो अंदाजा भी नहीं होगा कि यह फोटो इतना वायरल होगी।
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कोरोनाकाल के दौरान किसान बचाओ रैली को 10 सितंबर के दिन कुरुक्षेत्र की पिपली अनाज मंडी में करने की घोषणा के बाद पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया था। कोरोनाकाल की वजह से राज्य सरकार और जिला प्रशासन की चिंता रैली के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग के लिहाज से वाजिब थी। वहीं पिछले महीनों में सत्तारुढ़ दल के कार्यक्रमों के कारण किसानों को रैली से रोकने की कवायद पर पानी फिर गया। इसका बड़ा कारण विपक्षी दलों के नेताओं की बयानबाजी और समर्थन की पेशकश को भी माना जा रहा है। जैसे ही पुलिस प्रशासन द्वारा पिपली में प्रस्तावित 10 सितंबर की रैली पर रोक लगाने जानकारी सामने आई। विपक्षी दलों के नेताओं ने हाथों हाथ लिया और भाजपा और जजपा के कार्यक्रमों का हवाला देते हुए किसान रैली पर रोक लगाने पर प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी। कांग्रेस के नेताओं ने किसानों के इस मुद्दे को हाथों हाथ लेकर भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा। रैली को समर्थन भी ऐलान कर दिया था। इसके बाद रही सही कसर लाठीचार्ज की घटना और कुछ किसानों के लहूलुहान होने के बाद पूरी हो गई। पिपली में करीब चार घंटे के हाई वोल्टेज ड्रामा के बाद उसी पिपली अनाज मंडी में रैली हुई,
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थ्री टायर, 54 नाके, 600 पुलिस, फिर भी व्यवस्था फेल
किसान बचाओ-मंडी बचाओ रैली में किसान को पहुंचने से रोकने के लिए प्रशासन द्वारा किए गए प्रबंध फेल साबित हुए। थ्री टायर सुरक्षा, 54 नाके, 600 पुलिस व धारा-144 लगे होने के बावजूद भी रैली में शामिल होने के लिए प्रदेश भर से तीन हजार से ज्यादा किसान पिपली पहुंच गए। इस दौरान उन्हें मंडी में जाने से रोकने के लिए बेरिकेडिग की गई। इसके अलावा प्रशासन द्वारा लाठी चार्ज कर किसानों को खदेड़ने की कोशिश की गई।
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सबसे ज्यादा चर्चा जींस टीशर्ट वाले पुलिस मैन की...
अपनी सुरक्षा के लिये हेलमेट पहने पुलिस का एक जवान फिल्मी स्टाइल में जींस टीशर्ट पहन कर सरपट लाठी भांजते दिखाई दिया। उसकी यह फोटो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुई। इस पर जो संदेश आ रहे थे वो भी काफी रोचक थे। लोग पूछ रहे थे कि पुलिस की वर्दी कब से जींस टीशर्ट हो गई भाई...। मगर पुलिस का जवान तो अपने वरिष्ठ अधिकारियों के आदेशों की पालना कर रहा था,उसे तो अंदाजा भी नहीं होगा कि यह फोटो इतना वायरल होगी।