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Hindi News ›   Haryana ›   Kurukshetra News ›   Rain and strong winds brought down 20 electricity poles and more than 30 trees, disrupting power supply in several areas for three hours.

Kurukshetra News: बारिश और तेज हवाओं से 20 बिजली पोल व 30 से अधिक पेड़ गिरे, कई क्षेत्रों में तीन घंटे बाधित रही बिजली

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 31 May 2026 01:55 AM IST
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Rain and strong winds brought down 20 electricity poles and more than 30 trees, disrupting power supply in several areas for three hours.
कुरुक्षेत्र। ब्रह्मसरोवर के पास बारिश से बचने के लिए वट वृक्ष के नीचे खड़े राहगीर। संवाद
कुरुक्षेत्र। शनिवार दोपहर बाद मौसम में आए अचानक बदलाव ने जहां लोगों को भीषण गर्मी से राहत दी, वहीं तेज हवाओं और बारिश ने बिजली व्यवस्था तथा मंडियों में चल रही सूरजमुखी खरीद को प्रभावित कर दिया। जिलेभर में करीब 20 बिजली पोल और 30 से अधिक पेड़ गिरने से कई क्षेत्रों में लगभग तीन घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रही। दूसरी ओर बारिश के कारण मंडियों में सूरजमुखी खरीद कार्य दोपहर बाद रोकना पड़ा और खुले में रखी उपज भीग गई।
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जानकारी के अनुसार तेज हवाओं के साथ हुई बारिश के दौरान कई स्थानों पर पेड़ बिजली लाइनों और पोलों पर गिर गए, जिससे बिजली आपूर्ति ठप हो गई। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के अनेक उपभोक्ताओं को दोपहर बाद बिजली कटौती का सामना करना पड़ा। बिजली निगम के पास करीब 300 से ज्यादा शिकायतें इस दौरान पहुंची। वहीं निगम की टीमों ने मौके पर पहुंचकर क्षतिग्रस्त पोल और तारों की मरम्मत शुरू की, जिसके बाद देर शाम तक अधिकांश क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई।
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वहीं मौसम के अचानक बदले मिजाज का असर कृषि मंडियों में भी देखने को मिला। बारिश शुरू होते ही किसान, आढ़ती और मजदूर खुले में रखी सूरजमुखी और मक्के की फसल को बचाने के लिए जुट गए। इसके बावजूद बड़ी मात्रा में उपज बारिश में भीग गई। बारिश के कारण जिले की सभी मंडियों में दोपहर बाद सूरजमुखी की खरीद रोकनी पड़ी।
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420.94 एमटी सूरजमुखी की खरीद, बड़ी मात्रा में उपज मंडियों में फंसी

जिले के सात खरीद केंद्रों पर शनिवार तक कुल 420.94 मीट्रिक टन सूरजमुखी की खरीद की जा चुकी थी। इनमें से केवल 39 मीट्रिक टन उपज का उठान हो पाया, जबकि 381.74 मीट्रिक टन सूरजमुखी मंडियों में पड़ी रही और बारिश की चपेट में आ गई। सबसे अधिक खरीद शाहाबाद मंडी में 344.94 मीट्रिक टन दर्ज की गई। इसके अलावा बाबैन में 64 मीट्रिक टन, इस्माईलाबाद में सात मीट्रिक टन तथा लाडवा में पांच मीट्रिक टन सूरजमुखी की खरीद हुई। थानेसर, ठोल और झांसा मंडियों में अभी तक सूरजमुखी की खरीद शुरू नहीं हो सकी है।



मई महीने में पहली बार बदला मौसम

मई माह के दौरान अब तक जिले में बारिश नहीं हुई थी। लगातार सूखे और तेज गर्मी के कारण लोगों को मानसून पूर्व राहत का इंतजार था। शनिवार को हुई बारिश भले ही अधिक नहीं थी, लेकिन इसने मौसम को काफी हद तक बदल दिया। किसानों और आम नागरिकों ने भी इस बदलाव का स्वागत किया है। हालांकि कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि फसलों के लिए अच्छी वर्षा की अभी भी आवश्यकता बनी हुई है।






अगले दिनों में भी राहत की उम्मीद

आईएमडी के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम परिवर्तन देखने को मिल रहा है। आने वाले दिनों में बादल छाए रहने और कहीं-कहीं हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना बनी हुई है। यदि मौसम का यह रुख जारी रहता है तो लोगों को भीषण गर्मी से और अधिक राहत मिल सकती है। फिलहाल तापमान में आई गिरावट और शनिवार की बूंदाबांदी ने मई के अंतिम दिनों में मौसम को सुहावना बना दिया है।

कुरुक्षेत्र। ब्रह्मसरोवर के पास बारिश से बचने के लिए वट वृक्ष के नीचे खड़े राहगीर। संवाद

कुरुक्षेत्र। ब्रह्मसरोवर के पास बारिश से बचने के लिए वट वृक्ष के नीचे खड़े राहगीर। संवाद

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