{"_id":"68e6c4382ffca52eca071b73","slug":"rain-accompanied-by-strong-winds-damages-paddy-crop-kurukshetra-news-c-45-1-knl1024-143499-2025-10-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kurukshetra News: तेज हवा के साथ आई बारिश से धान की फसल को नुकसान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kurukshetra News: तेज हवा के साथ आई बारिश से धान की फसल को नुकसान
विज्ञापन
कुरुक्षेत्र। बारिश के तीन घंटे बाद भी सेक्टर 17 में इस तरह रहा जलभराव । संवाद
कुरुक्षेत्र/इस्माईलाबाद। पिछले तीन दिनों से किसानों पर लगातार मौसम की मार पड़ रही है। बुधवार को भी सुबह हल्की धूप खिलने के बाद दोपहर को जमकर बारिश हुई। जहां लाडवा, बाबैन को छोड़कर जिलेभर में औसतन 20 एमएम बारिश हुई।
वहीं थानेसर में इससे भी ज्यादा बारिश से अधिकतर शहर ने तालाब का रूप ले लिया। बारिश से अनाज मंडियों में करीब 20 लाख क्विंटल धान भीगा जिसके चलते खरीद कार्य प्रभावित हो गया तो खेतों में कटाई भी ठप हो गई। करीब एक घंटे तक चली बारिश के साथ हल्की ओलावृष्टि भी हुई लेकिन कुछ देर बाद ही थम गई।
पिछले तीन दिनों से मौसम खराब चलने व बारिश होने से पहले ही कई क्षेत्राें में धान की फसल खेतों में बिछी हुई है। वहीं बुधवार को बारिश से पकी धान के खेत भी पानी से लबालब हो गए। ऐसे में जहां कई दिनों तक कटाई कार्य नहीं हो पाएगा और धान गिरने से नुकसान की भी आशंका है। अनाज मंडियों में धान के स्टैग व ढेरियों को तिरपाल से ढकने का प्रयास किया गया लेकिन अधिकतर ढेरियां खुले आसमान के नीचे भीगती रहीं। हालांकि थानेसर अनाज मंडी में बारिश हल्की रही लेकिन ब्रह्मसरोवर के आसपास जोरदार बारिश से धान पानी के साथ बहने लगी। ये हालात देख किसानों में मायूसी छा गई। किसान बलदेव शर्मा, विष्णुदत्त, सौरव, अश्वनी आदि ने बताया कि दोपहर समय मौसम साफ था जिसके चलते मंडियों में धान को सूखाने का काम शुरू हुआ था। सुबह से दोपहर तक मौसम साफ होने से किसान अब मौसम साफ रहने की उम्मीद लगा रहे थे। लेकिन दोपहर के समय एकदम से हुई बारिश के चलते मंडी में अपनी फसल को इकट्ठा करने का समय भी नहीं मिला। कामकाज ठप होने पल्लेदारों व मजदूरों के सामने संकट खड़ा हो गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
वहीं थानेसर में इससे भी ज्यादा बारिश से अधिकतर शहर ने तालाब का रूप ले लिया। बारिश से अनाज मंडियों में करीब 20 लाख क्विंटल धान भीगा जिसके चलते खरीद कार्य प्रभावित हो गया तो खेतों में कटाई भी ठप हो गई। करीब एक घंटे तक चली बारिश के साथ हल्की ओलावृष्टि भी हुई लेकिन कुछ देर बाद ही थम गई।
विज्ञापन
पिछले तीन दिनों से मौसम खराब चलने व बारिश होने से पहले ही कई क्षेत्राें में धान की फसल खेतों में बिछी हुई है। वहीं बुधवार को बारिश से पकी धान के खेत भी पानी से लबालब हो गए। ऐसे में जहां कई दिनों तक कटाई कार्य नहीं हो पाएगा और धान गिरने से नुकसान की भी आशंका है। अनाज मंडियों में धान के स्टैग व ढेरियों को तिरपाल से ढकने का प्रयास किया गया लेकिन अधिकतर ढेरियां खुले आसमान के नीचे भीगती रहीं। हालांकि थानेसर अनाज मंडी में बारिश हल्की रही लेकिन ब्रह्मसरोवर के आसपास जोरदार बारिश से धान पानी के साथ बहने लगी। ये हालात देख किसानों में मायूसी छा गई। किसान बलदेव शर्मा, विष्णुदत्त, सौरव, अश्वनी आदि ने बताया कि दोपहर समय मौसम साफ था जिसके चलते मंडियों में धान को सूखाने का काम शुरू हुआ था। सुबह से दोपहर तक मौसम साफ होने से किसान अब मौसम साफ रहने की उम्मीद लगा रहे थे। लेकिन दोपहर के समय एकदम से हुई बारिश के चलते मंडी में अपनी फसल को इकट्ठा करने का समय भी नहीं मिला। कामकाज ठप होने पल्लेदारों व मजदूरों के सामने संकट खड़ा हो गया है।

कुरुक्षेत्र। बारिश के तीन घंटे बाद भी सेक्टर 17 में इस तरह रहा जलभराव । संवाद

कुरुक्षेत्र। बारिश के तीन घंटे बाद भी सेक्टर 17 में इस तरह रहा जलभराव । संवाद
विज्ञापन