संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के प्राचीन भारतीय इतिहास, संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग की ओर से फैकल्टी लॉज में अनुसंधान क्रियाविधि विषय पर साप्ताहिक कार्यशाला का आयोजन किया गया। मुख्यातिति केयू के कुलसचिव डॉ. संजीव शर्मा ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शोध कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की विशिष्ट पहचान रही है। शोध के बल पर ही आज कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की गणना भारत के अग्रिम 10 विश्वविद्यालयों में होती है।
कुलसचिव ने कहा कि प्रतिस्पर्धा के दौर में उच्च गुणवत्तापूर्ण शोध वर्तमान समय की मांग है। शोधार्थी अपने शोध में उच्च गुणवत्ता लाएं। उन्होंने शोध संबंधी प्रश्नों के द्वारा शोधार्थियों को प्रोत्साहित किया व विश्वविद्यालय में चल रही शोध के बारे में भी प्रतिभागियों को अवगत कराया। मुख्य वक्ता डॉ. दिनेश कुमार गुप्ता ने शोधार्थियों को एमएस वर्ड के तकनीकी प्रयोग कर शोध में प्रयोग करने की जानकारी दी। इस मौके पर प्रो. सुखदेव सैनी, डॉ. भगत सिंह, डॉ. आरके देसवाल सहित अन्य मौजूद रहे।