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Kurukshetra News: चौथे दिन भी शुरू नहीं हो पाई सरसों की खरीद, किसानों में रोष
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इस्माईलाबाद। अनाज मंडी में बिकवाली के लिए आई सरसों की ढेरी। विज्ञप्ति
ईस्माइलाबाद। अनाज मंडी में बुधवार को भी सरसों की खरीद शुरू न होने से किसानों में मायूसी छाई रही। सरकार ने 15 मार्च से सरसों खरीद शुरू करने का एलान किया था लेकिन चार दिन बीत जाने के बाद भी सरसों खरीद का कार्य शुरू नहीं हो पाया है। इससे किसानों में रोष पनप रहा है। आए दिन मंडी में सरसों की आवक बढ़ती जा रही है लेकिन सरकारी खरीद शुरू न होने से किसानों को अपनी सरसों औने पौने दामों पर बेचने पर मजबूर होना पड़ रहा है। किसान राम रत्न, सौरव, अमनदीप सिंह, प्रदीप, मनदीप आदि ने बताया कि अनाज मंडी में करीब 100 क्विंटल सरसों बिकवाली के लिए पहुंची है लेकिन खरीद के लिए एजेंसी का कोई भी अधिकारी व कर्मचारी नहीं पहुंचा।
किसानों को मायूस ही घर लौटना पड़ रहा है या फिर औने पौने दामों में अपनी सरसों प्राइवेट खरीदारों को बेचनी पड़ रही है। उन्होंने बताया कि सरकार ने सरसों का समर्थन मूल्य 5950 रुपये निर्धारित किया हुआ है लेकिन प्राइवेट खरीदार 5200 से 5500 रुपये प्रति क्विंटल तक ही खरीद रहे हैं, जिससे किसानों को करीब 700 रुपये प्रति क्विंटल का नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा कि एक तरफ तो सरकार फसल चक्र अपनाने के लिए किसानों को जागरूक कर रही है वहीं दूसरी ओर समय पर फसलें न खरीद कर किसानों को परेशान करने पर लगी हुई है। किसानों ने सरकार से मांग रखी है कि जल्द से जल्द सरसों की खरीद का कार्य शुरू किया जाए।
एजेंसी को नहीं मिला अभी तक बारदाना
वेयर हाउस कारपोरेशन के इंस्पेक्टर अनिल से बात की तो उन्होंने बताया कि उन्हें 17 मार्च को ईस्माइलाबाद मंडी से सरसों खरीद के ऑर्डर प्राप्त हुए है। विभागीय औपचारिकताएं पूरी करने में कुछ समय लगता है इसके अलावा एजेंसी के पास अभी तक बारदाना नहीं पहुंचा है। उन्होंने बताया कि आज किसी भी समय बारदाना आ सकता है। बारदाना आते ही युद्ध स्तर पर खरीद का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
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किसानों को मायूस ही घर लौटना पड़ रहा है या फिर औने पौने दामों में अपनी सरसों प्राइवेट खरीदारों को बेचनी पड़ रही है। उन्होंने बताया कि सरकार ने सरसों का समर्थन मूल्य 5950 रुपये निर्धारित किया हुआ है लेकिन प्राइवेट खरीदार 5200 से 5500 रुपये प्रति क्विंटल तक ही खरीद रहे हैं, जिससे किसानों को करीब 700 रुपये प्रति क्विंटल का नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा कि एक तरफ तो सरकार फसल चक्र अपनाने के लिए किसानों को जागरूक कर रही है वहीं दूसरी ओर समय पर फसलें न खरीद कर किसानों को परेशान करने पर लगी हुई है। किसानों ने सरकार से मांग रखी है कि जल्द से जल्द सरसों की खरीद का कार्य शुरू किया जाए।
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एजेंसी को नहीं मिला अभी तक बारदाना
वेयर हाउस कारपोरेशन के इंस्पेक्टर अनिल से बात की तो उन्होंने बताया कि उन्हें 17 मार्च को ईस्माइलाबाद मंडी से सरसों खरीद के ऑर्डर प्राप्त हुए है। विभागीय औपचारिकताएं पूरी करने में कुछ समय लगता है इसके अलावा एजेंसी के पास अभी तक बारदाना नहीं पहुंचा है। उन्होंने बताया कि आज किसी भी समय बारदाना आ सकता है। बारदाना आते ही युद्ध स्तर पर खरीद का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
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