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Kurukshetra News: चेक बाउंस मामले में सजा बरकरार
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कुरुक्षेत्र। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अनिल कुमार की अदालत ने चेक बाउंस के एक पुराने मामले में दोषसिद्धि और सजा को बरकरार रखते हुए किसान की आपराधिक अपील खारिज कर दी है।
यह मामला 2018 का है। इसके अनुसार बारना गांव निवासी 56 वर्षीय अपीलकर्ता कृष्ण कुमार और उनके 30 वर्षीय बेटे गियान चंद को नई अनाज मंडी के कमीशन एजेंट एमएस ओम प्रकाश एंड संस की ओर से नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट की धारा 138 के तहत दायर किए गए मुकदमे में अदालत ने उन्हें दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई थी। दोनों से इसी सजा के फैसले को सत्र न्यायालय में चुनौती दी थी।
13 मार्च 2018 को दोनों पर दोष सिद्ध हुआ था। 14 मार्च को दोनों को छह माह की सश्रम कारावास की सजा और संयुक्त रूप से 11 लाख रुपये चेक की राशि शिकायतकर्ता को देने का आदेश था। मुआवजे में चूक पर दो माह अतिरिक्त सजा का प्रावधान भी था। दाेषियों की ओर से सजा के खिलाफ डाली गई याचिका अब सत्र न्यायालय ने खारिज कर दी है।
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अदालत ने पाया कि अपीलकर्ताओं की ओर से जारी 11 लाख रुपये का चेक अपर्याप्त राशि के कारण बाउंस हो गया था। शिकायतकर्ता ने कानूनी नोटिस भेजा लेकिन भुगतान नहीं हुआ। धारा 118 और 139 के तहत वैधानिक अनुमान अपीलकर्ताओं की ओर से प्रभावी रूप से खंडित नहीं किए गए।
अपील के दौरान गियान चंद की मृत्यु हो जाने से उनके विरुद्ध कार्यवाही समाप्त कर दी गई। अपील केवल कृष्ण कुमार उर्फ कृष्ण के विरुद्ध ही विचारणीय रही। अदालत ने अपीलकर्ता की दलील दी की चेक केवल सुरक्षा के रूप में दिया गया था। कोई कानूनी दायित्व नहीं था और खाता बही एकतरफा थी जिसे खारिज कर दिया। कृष्ण कुमार को तत्काल हिरासत में लेकर जेल भेजने का आदेश दिया।
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यह मामला 2018 का है। इसके अनुसार बारना गांव निवासी 56 वर्षीय अपीलकर्ता कृष्ण कुमार और उनके 30 वर्षीय बेटे गियान चंद को नई अनाज मंडी के कमीशन एजेंट एमएस ओम प्रकाश एंड संस की ओर से नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट की धारा 138 के तहत दायर किए गए मुकदमे में अदालत ने उन्हें दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई थी। दोनों से इसी सजा के फैसले को सत्र न्यायालय में चुनौती दी थी।
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13 मार्च 2018 को दोनों पर दोष सिद्ध हुआ था। 14 मार्च को दोनों को छह माह की सश्रम कारावास की सजा और संयुक्त रूप से 11 लाख रुपये चेक की राशि शिकायतकर्ता को देने का आदेश था। मुआवजे में चूक पर दो माह अतिरिक्त सजा का प्रावधान भी था। दाेषियों की ओर से सजा के खिलाफ डाली गई याचिका अब सत्र न्यायालय ने खारिज कर दी है।
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अदालत ने पाया कि अपीलकर्ताओं की ओर से जारी 11 लाख रुपये का चेक अपर्याप्त राशि के कारण बाउंस हो गया था। शिकायतकर्ता ने कानूनी नोटिस भेजा लेकिन भुगतान नहीं हुआ। धारा 118 और 139 के तहत वैधानिक अनुमान अपीलकर्ताओं की ओर से प्रभावी रूप से खंडित नहीं किए गए।
अपील के दौरान गियान चंद की मृत्यु हो जाने से उनके विरुद्ध कार्यवाही समाप्त कर दी गई। अपील केवल कृष्ण कुमार उर्फ कृष्ण के विरुद्ध ही विचारणीय रही। अदालत ने अपीलकर्ता की दलील दी की चेक केवल सुरक्षा के रूप में दिया गया था। कोई कानूनी दायित्व नहीं था और खाता बही एकतरफा थी जिसे खारिज कर दिया। कृष्ण कुमार को तत्काल हिरासत में लेकर जेल भेजने का आदेश दिया।