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तकनीकी टूल की मदद से आगे बढ़ें शोधार्थी
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कार्यशाला को संबोधित करते पूर्व कुलसचिव डॉ. भगवान सिंह चौधरी। संवाद
- फोटो : Kurukshetra
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। शोध में गुणवत्ता से ही देश आगे बढ़ सकता है। गुणवत्तापूर्ण शोध के लिए सभी शोधार्थियों को विभिन्न तकनीकी टूल की सहायता लेकर आगे बढ़ना चाहिए। यह बातें कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के समाजशास्त्र विभाग के अध्यक्ष डॉ. विजेंद्र बजाड़ ने कहीं। वे शनिवार को कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के प्राचीन भारतीय इतिहास संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग की शोध कार्यशाला के समापन अवसर पर बतौर मुख्य वक्ता बोल रहे थे।
उन्होंने शोध से संबंधित समस्याओं का समाधान करते हुए बताया कि शोध प्रस्ताव तैयार करते समय हमें किन-किन बातों का ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी शोधार्थियों को चाहिए कि शोध की प्रत्येक कड़ी को जोड़कर आगे बढ़ें तथा शोध संबंधी समस्या को ठीक ढंग से समझ कर देश और समाज को नई दिशा प्रदान करें।
कार्यशाला के समापन अवसर पर जियोफिजिक्स विभाग के प्रो. एवं पूर्व कुलसचिव डॉ. भगवान सिंह चौधरी ने गुणवत्तापूर्ण शोध पर जोर देते हुए कहा कि अंतर्विषयक शोध से ही अच्छी रिसर्च हो सकती हैं। इस अवसर पर विभाग के अध्यक्ष डॉ. राजपाल, डॉ. भगत सिंह, डॉ. आरके देसवाल, डॉ. अरुण, दर्शन, मोनू ढांडा, कविता, नीलम शर्मा आदि उपस्थित रहीं।
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कुरुक्षेत्र। शोध में गुणवत्ता से ही देश आगे बढ़ सकता है। गुणवत्तापूर्ण शोध के लिए सभी शोधार्थियों को विभिन्न तकनीकी टूल की सहायता लेकर आगे बढ़ना चाहिए। यह बातें कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के समाजशास्त्र विभाग के अध्यक्ष डॉ. विजेंद्र बजाड़ ने कहीं। वे शनिवार को कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के प्राचीन भारतीय इतिहास संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग की शोध कार्यशाला के समापन अवसर पर बतौर मुख्य वक्ता बोल रहे थे।
उन्होंने शोध से संबंधित समस्याओं का समाधान करते हुए बताया कि शोध प्रस्ताव तैयार करते समय हमें किन-किन बातों का ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी शोधार्थियों को चाहिए कि शोध की प्रत्येक कड़ी को जोड़कर आगे बढ़ें तथा शोध संबंधी समस्या को ठीक ढंग से समझ कर देश और समाज को नई दिशा प्रदान करें।
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कार्यशाला के समापन अवसर पर जियोफिजिक्स विभाग के प्रो. एवं पूर्व कुलसचिव डॉ. भगवान सिंह चौधरी ने गुणवत्तापूर्ण शोध पर जोर देते हुए कहा कि अंतर्विषयक शोध से ही अच्छी रिसर्च हो सकती हैं। इस अवसर पर विभाग के अध्यक्ष डॉ. राजपाल, डॉ. भगत सिंह, डॉ. आरके देसवाल, डॉ. अरुण, दर्शन, मोनू ढांडा, कविता, नीलम शर्मा आदि उपस्थित रहीं।
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