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विद्या, शक्ति, धन व उपाधि का अभिमान विनाश का कारण : रणबीर
Wed, 17 Sep 2025 01:38 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
Updated Wed, 17 Sep 2025 01:38 AM IST
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कुरुक्षेत्र। श्री जयराम विद्यापीठ में पूजा अर्चना करते यज्ञमान। विज्ञप्ति
कुरुक्षेत्र। श्री जयराम विद्यापीठ परिसर के मुख्य मंदिर में भागवत पुराण कथा मंगलवार को जारी रही। व्यासपीठ से श्री जयराम संस्कृत महाविद्यालय के प्राचार्य व कथावाचक आचार्य पं. रणबीर भारद्वाज ने संगीतमयी शैली में कहा कि जीवन सत्य का मार्ग ही सबसे सशक्त मार्ग है।
उन्होंने कथा में मानव जीवन के विभिन्न घटनाक्रमों पर चर्चा करते हुए कहा कि कैसी भी परिस्थिति हो सत्य के मार्ग को छोड़ना नहीं चाहिए। कथा के प्रारंभ में यजमान परिवार के मानसा पंजाब से आए हुए विनोद सिंघल व पम्मी सिंघल ने व्यासपीठ पर भागवत पुराण की विधिवत मंत्रोच्चारण के साथ पूजा-अर्चना की।
श्री जयराम संस्थाओं के मीडिया प्रभारी राजेश सिंगला ने बताया कि विद्यापीठ की मुख्य यज्ञशाला में आचार्य पं. प्रतीक शर्मा एवं प. पंकज पुजारी के मार्गदर्शन में निरंतर विद्वान ब्राह्मणों एवं ब्रह्मचारियों की ओर से गायत्री पितृ अनुष्ठान पाठ भी किया जा रहा है। कथा से पूर्व गायत्री अनुष्ठान में यजमान परिवार की ओर से पूजा की जाती है। आचार्य पं. रणबीर भारद्वाज के भजनों की रसधारा पर कथा प्रेमी झूम उठे।
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उन्होंने कथा में मानव जीवन के विभिन्न घटनाक्रमों पर चर्चा करते हुए कहा कि कैसी भी परिस्थिति हो सत्य के मार्ग को छोड़ना नहीं चाहिए। कथा के प्रारंभ में यजमान परिवार के मानसा पंजाब से आए हुए विनोद सिंघल व पम्मी सिंघल ने व्यासपीठ पर भागवत पुराण की विधिवत मंत्रोच्चारण के साथ पूजा-अर्चना की।
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श्री जयराम संस्थाओं के मीडिया प्रभारी राजेश सिंगला ने बताया कि विद्यापीठ की मुख्य यज्ञशाला में आचार्य पं. प्रतीक शर्मा एवं प. पंकज पुजारी के मार्गदर्शन में निरंतर विद्वान ब्राह्मणों एवं ब्रह्मचारियों की ओर से गायत्री पितृ अनुष्ठान पाठ भी किया जा रहा है। कथा से पूर्व गायत्री अनुष्ठान में यजमान परिवार की ओर से पूजा की जाती है। आचार्य पं. रणबीर भारद्वाज के भजनों की रसधारा पर कथा प्रेमी झूम उठे।
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