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Kurukshetra News: नए सत्र से पीजी कोर्सों में नई शिक्षा नीति लागू करने की तैयारी

Tue, 21 May 2024 06:00 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र Updated Tue, 21 May 2024 06:00 AM IST
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Preparation to implement new education policy in PG courses from new session
कुरुक्षेत्र। नई शिक्षा नीति 2020 (एनईपी) को यूजी कोर्सों में लागू करने वाला कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय देश का पहला विश्वविद्यालय बना तो वहीं नए सत्र से पीजी कोर्सों में भी एनईपी को लागू करने की प्रक्रिया शुरु कर दी गई है। विवि के 49 विभागों में करीब 70 विषयों में पीजी की डिग्री कराई जा रही है, जिसमें नए सत्र से एनईपी के तहत विद्यार्थियों को पढ़ाया जाएगा। इसको लेकर सभी विभागाध्यक्षों को 30 मई तक नया पाठ्यक्रम तैयार कर रिपोर्ट सौंपने के आदेश दिए गए हैं। ये जानकारी डीन एकेडमिक्स अनिल वशिष्ठ ने दी।
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उन्होंने नए पाठ्यक्रम को तैयार करने के लिए सभी विभागाध्यक्ष शिक्षकों के साथ परीक्षाओं के बीच जुटे हुए हैं तो वहीं परीक्षाओं के चलते शिक्षक काम ज्यादा होने के चलते कार्य को पूरा करने में पसीना बहा रहे हैं। पाठ्यक्रम में एक-एक विषय को जोड़ने और हटाने के लिए सभी शिक्षकों से चर्चा की जा रही है। विद्यार्थियों के यूजी कोर्स के पेपर को देखते हुए पीजी कोर्सों में कुछ नए विषय को जोड़ा जा रहा है। इस नीति के माध्यम से विद्यार्थी अपने मनपसंद विषयों को चुनकर डिग्री को सजाने का काम कर सकेंगे। पीजी कोर्सों में एनईपी लागू होने के पश्चात यूजी की डिग्री ऑनर्स से करने वाले विद्यार्थी एक साल में पीजी की डिग्री ले सकेंगे तो वहीं विभिन्न अपने क्षेत्र से जुडे मनपसंद विषयों में भी पढ़ाई कर सकेंगे। तीन साल की यूजी की डिग्री करने वाले विद्यार्थियों के लिए पीजी की डिग्री दो वर्ष की ही रहेगी, वह भी विषयों का चयन कर अपनी प्रतिभा को निखारने का कार्य कर सकेंगे। इसके तहत विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम के अलावा अन्य गतिविधियों से जोड़ने का भी प्रयास किया जा रहा है।
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एनईपी लागू करने का उद्देश्य विद्यार्थियों को शैक्षणिक पाठ्यक्रम के साथ-साथ अनुभवात्मक सोच, योग्यता आधारित मूल्यांकन और कला सहित अन्य व्यावसायिक विषयों में रचनात्मकता और तार्किक सोच को बढ़ाना है। इसी के साथ पाठ्यक्रम की बहु-विषयक प्रकृति विद्यार्थियों को विभिन्न विषयों का पता लगाने के लिए प्रोत्साहित करेगी। यह नीति विद्यार्थियों के मानसिक और सर्वांगीण विकास के साथ सभी पहलुओं को विकसित करने में सक्षम करेगी। पीजी कोर्सों में नए सत्र से एनईपी को लागू करने का मसौदा परिपत्र तैयार कर सभी डीन काे भेजा गया था। उसे अंतिम प्रारूप देने को लेकर 12 अप्रैल को सभी डीन की बैठक बुलाई गई थी, जिसमें अंतिम प्रारूप देने के बाद सभी विभागों द्वारा नए सत्र के पाठ्यक्रम को बनाने की प्रक्रिया शुरू की गई। नया सत्र शुरु होने से पहले ही पाठ्यक्रम को बनाकर रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा गया है।
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