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Hindi News ›   Haryana ›   Kurukshetra News ›   Pregnant woman 's condition deteriorates , PGI Referee

गर्भवती महिला की हालत बिगड़ी, पीजीआई रेफर

Tue, 06 Oct 2015 12:52 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला कुरुक्षेत्र
ब्यूरो/अमर उजाला कुरुक्षेत्र Updated Tue, 06 Oct 2015 12:52 AM IST
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एलएनजेपी सिविल अस्पताल के डॉक्टरों की कार्यप्रणाली पर फिर सवाल उठा है। एक गर्भवती महिला के परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में चिकित्सकों की लापरवाही के कारण उसकी हालत बिगड़ गई तो आनन-फानन में डॉक्टरों ने उसे पीजीआई रेफर कर अपना पल्ला झाड़ लिया।

इस मामले को लेकर परिजनों व अस्पताल प्रबंधन के बीच जमकर बहसबाजी भी हुई। बाद में परिजनों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मरीज को कुछ हो गया तो इसके लिए सीधे तौर पर अस्पताल प्रबंधन ही जिम्मेदार होगा। कमाल तो इस बात का है कि महिला को पीजीआई जाते हुए एंबुलेंस भी मुहैया नहीं हो पाई।

मामले के अनुसार सोमवार को दोपहर के समय एलएनजेपी सिविल अस्पताल में उस समय हंगामा मच गया जब एक महिला के परिजनों ने चिकित्सकों पर गंभीर आरोप लगाने शुरू कर दिए। इस दौरान काफी संख्या में लोग वहां एकत्र हो गए। हुआ यूं कि बाहरी गांव निवासी शरणजीत सिंह ने अपनी पत्नी दीपा को एलएनजेपी सिविल अस्पताल में दाखिल कराया था।

शरणजीत ने बताया कि वह रात को करीब साढ़े 12 बजे के आसपास एंबुलेंस में सिविल अस्पताल में आए थे। उसकी पत्नी को काफी तेज प्रसव पीड़ा हो रही थी। उसने बताया कि रात को पहले तो दाखिल करने में ही कई घंटे लगाए और अल सुबह करीब 3 बजे दाखिल किया गया।

इसके बाद चिकित्सकों ने महिला के हीमोग्लोबिन जांच करने के लिए कहा, लेकिन रात के समय कोई टेस्ट नहीं हुआ। रात के समय लैबोरेटरी वाले सोते रहे, कई बार उन्हें उठाया भी लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। सुबह करीब साढ़े 8-9 बजे के आसपास टेस्ट के लिए सेंपल लेकर गए। इसके बाद उन्होंने रिपोर्ट करीब डेढ़-दो बजे दी और उसके बाद करीब 3 बजे पीजीआई रेफर कर दिया।

महिला के गर्भ में है जुड़वां बच्चे
दीपा की सास शमावती, ससुर धर्मपाल व पति शरणजीत समेत अन्य परिजनों ने आरोप लगाया कि दीपा के गर्भ में जुड़वा बच्चे हैं। उसकी तबियत काफी खराब है। रात को भी महिला डॉक्टर नहीं आई। सोमवार को दोपहर बाद अचानक डॉक्टरों ने दीपा को पीजीआई रेफर कर दिया और बताया कि उसमें खून की काफी कमी है।

डॉक्टरों की लापरवाही के कारण ही उनकी बहू की हालत काफी बिगड़ गई है और जब उन्हें लगा कि कुछ गलत हो जाएगा तो सीधे पीजीआई रेफर कर दिया। उन्होंने ये भी आरोप लगाए कि डॉक्टरों ने अपनी जिम्मेदारी से भागते हुए पीजीआई रेफर कर दिया है।

इतना ही नहीं बल्कि पीजीआई के लिए एंबुलेंस भी करीब 30 मिनट बाद मिली। इस दौरान दीपा गंभीर हालत में अस्पताल के मेन गेट पर तड़पती रही और वहां मौजूद अन्य लोगों ने ही किसी तरह पानी पिलाकर दीपा को संभाला। परिजनों ने इस दौरान अस्पताल प्रबंधन को जमकर खरी-खरी सुनाई और साथ ही चेतावनी दी कि यदि उनकी बहू को कुछ हो गया तो इसके लिए सीधे तौर पर एलएनजेपी सिविल अस्पताल के डॉक्टरों की लापरवाही ही होगी।

महिला के परिजन झूठे आरोप लगा रहे हैं, वो रात 12 बजे नहीं, बल्कि सुबह 3 बजे आए थे। उन्हें तुरंत दाखिल कर लिया गया था। महिला के गर्भ में जुड़वा बच्चे हैं और महिला में रक्त की मात्रा महज 6 ग्राम है। किसी तरह की दिक्कत न आए, इसे देखते हुए महिला को पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया है।
डॉ. मुकेश, एमएस, एलएनजेपी सिविल अस्पताल, कुरुक्षेत्र।
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