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पुलिस ने अस्पताल प्रशासन को पत्र लिखकर मांगी घटना के वक्त की सीसीटीवी फुटेज

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 12 Sep 2021 11:38 PM IST
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Police investigation stuck on CCTV, hospital administration told bad
एलएनजेपी अस्पताल में 20 वर्षीय युवती से दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने अस्पताल प्रशासन से घटना के वक्त की सीसीटीवी फुटेज मांगी है। पुलिस ने लिखित रूप से फुटेज उपलब्ध कराने को लेकर अस्पताल प्रशासन को पत्र लिखा है। अभी तक अस्पताल प्रशासन की ओर से पुलिस को फुटेज उपलब्ध नहीं कराई गई है।
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अस्पताल प्रशासन का कहना है कि परिसर में लगे सभी सीसीटीवी कैमरे पिछले दो सप्ताह से खराब पड़े हैं। वहीं पुलिस ने आरोपी कर्मचारी धर्मबीर को गिरफ्तार करके रविवार को अदालत में पेश किया, जिसे अदालत के आदेश से जेल भेज दिया गया है। मामला उजागर होने के साथ ही अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था की पोल भी खुल गई है। करीब दो सप्ताह से खराब पड़े कैमरों को दुरुस्त करने के लिए अस्पताल प्रशासन ने कोई कदम भी नहीं उठाया है। इस घटना के 48 घंटे बीत जाने के भी अस्पताल प्रशासन ने कोई सबक नहीं लिया है। अस्पताल प्रशासन की ऐसी लापरवाही से कोई भी यहां किसी भी तरह की घटना को अंजाम देकर आसानी से निकल सकता है।
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दरअसल, शुक्रवार रात महिला वार्ड में अपनी नानी की देखरेख करने आई 20 वर्षीय युवती ने चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी (वार्ड अटेंडेंट) पर दुष्कर्म का आरोप लगाया था तथा पुलिस को शिकायत दी थी। अस्पताल प्रशासन ने भी घटना उजागर होने पर आरोपी कर्मी को नौकरी से हटा दिया था। पुलिस ने युवती का मेडिकल कराकर आरोपी के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट सहित विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज करके कारागार भेज दिया है, लेकिन पुलिस अब आगामी जांच के लिए सबूत एकत्रित करने में जुट गई है। इसी को लेकर पुलिस ने अस्पताल प्रशासन को पत्र लिखकर घटना के वक्त की सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि मामले की गहनता से जांच की जा सके।
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बता दें कि जिला अस्पताल की नई इमारत में चप्पे-चप्पे पर निगरानी रखने के लिए 64 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। इनका कंट्रोल चिकित्सा अधीक्षक कार्यालय में बनाया गया था, ताकि इन सीसीटीवी कैमरों से अस्पताल परिसर में नजर रखी जा सकें। अस्पताल प्रशासन ने लोगों द्वारा चिकित्सक और स्टाफ पर हमले से लेकर झगड़ा करने की घटनाओं की रोकथाम के लिए कैमरे लगाए गए थे।
एलएनजेपी अस्पताल की चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सारा अग्रवाल का कहना है कि करीब दो सप्ताह पहले शॉर्ट सर्किट के कारण जिला अस्पताल में लगी लाइट, सीसीटीवी कैमरे और सिस्टम में खराबी आई थी। प्रशासन ने खराब हुई लाइट को दुरुस्त करा लिया था, लेकिन बजट की कमी के चलते कैमरे दुरुस्त नहीं किए जा सके। अब मैकेनिक को सभी सीसीटीवी कैमरे दिखाए हैं, उन्हें जल्द ही दुरुस्त कराया जाएगा।

केयूके पुलिस थाना प्रभारी मांगे राम ने बताया कि पुलिस ने अस्पताल में युवती के साथ हुए दुष्कर्म मामले में पत्र लिखकर अस्पताल प्रशासन से घटनास्थल की सीसीटीवी फुटेज मांगी है। फिलहाल अस्पताल प्रशासन की ओर से फुटेज मुहैया नहीं कराई गई। अस्पताल से फुटेज मिलने पर पुलिस आगामी कार्रवाई करेगी। आरोपी कर्मचारी को कोर्ट में पेश करके जिला कारागार भेज दिया है।
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