{"_id":"6a0b6c0ecc71c740f3061b84","slug":"poets-enthralled-the-audience-with-their-performances-kurukshetra-news-c-45-1-kur1001-155087-2026-05-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kurukshetra News: कवियों ने प्रस्तुतियों से बांधा समां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kurukshetra News: कवियों ने प्रस्तुतियों से बांधा समां
Tue, 19 May 2026 01:14 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
Updated Tue, 19 May 2026 01:14 AM IST
विज्ञापन
कुरुक्षेत्र। कवि सम्मेलन में कविता प्रस्तुत करते हुए कवियत्री। स्वयं
कुरुक्षेत्र। अदबी संगम कुरुक्षेत्र की ओर से कवि सम्मेलन व मुशायरे का आयोजन किया गया, जिसमें पंजाब, हरियाणा व उत्तर प्रदेश से आए 18 प्रतिष्ठित कवियों और शायरों ने अपनी रचनाओं से समां बांध दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार मधु मधुमन ने की। विशिष्ट अतिथियों के रूप में कुलवंत सिंह रफीक, परमिंदर जीत सिंह शोख व रविंद्र रवि गुरचरण सिंह जोगी शामिल हुए।
मंच का संचालन गायत्री कौशल आर्या ने किया। कवि सम्मेलन की मेजबानी डॉ. सुभाष चंद्र गर्ग पार्थ ने मां को समर्पित कविता में कहा कि एक दिन काफी नहीं, कुर्बान पूरी जिंदगी, मां निभाती तुम रही..., सबे सिंह सुजान ने कहा कि गुलमोहर से मुझे मोहब्बत है, मेरे आंगन में तुम खिलाओ स्वागत...., कवि डॉ. बलवान सिंह ने कहा खुद की नजरों में ही निशा हो गया, जब से ऊंचा बोला अपनी मां के सामने..., डॉ. राकेश भास्कर ने कहा कि जहां भी होता है कवि दरबार, वहां पे जाते हैं कवियों के अनेक प्रकार...। परविंदर शोख, अर्चित शर्मा, गुरचरण सिंह जोगी, डॉ चितरंजन, डॉ ममता सूद, कुलवंत फैरीक, अंजलि सिफर, कपूर, दिलीप करनाल, डॉ संजीव, गंगा मलिक, डॉ मीरा गौतम, मन्नू, आराधना सिंह, प्रदीप चौहान, अरुण कुमार, सूरज, संजय मित्तल, प्रकाश कुरुक्षेत्र, रविंदर रवि ने भी प्रस्तुति दी ।
विज्ञापन
मंच का संचालन गायत्री कौशल आर्या ने किया। कवि सम्मेलन की मेजबानी डॉ. सुभाष चंद्र गर्ग पार्थ ने मां को समर्पित कविता में कहा कि एक दिन काफी नहीं, कुर्बान पूरी जिंदगी, मां निभाती तुम रही..., सबे सिंह सुजान ने कहा कि गुलमोहर से मुझे मोहब्बत है, मेरे आंगन में तुम खिलाओ स्वागत...., कवि डॉ. बलवान सिंह ने कहा खुद की नजरों में ही निशा हो गया, जब से ऊंचा बोला अपनी मां के सामने..., डॉ. राकेश भास्कर ने कहा कि जहां भी होता है कवि दरबार, वहां पे जाते हैं कवियों के अनेक प्रकार...। परविंदर शोख, अर्चित शर्मा, गुरचरण सिंह जोगी, डॉ चितरंजन, डॉ ममता सूद, कुलवंत फैरीक, अंजलि सिफर, कपूर, दिलीप करनाल, डॉ संजीव, गंगा मलिक, डॉ मीरा गौतम, मन्नू, आराधना सिंह, प्रदीप चौहान, अरुण कुमार, सूरज, संजय मित्तल, प्रकाश कुरुक्षेत्र, रविंदर रवि ने भी प्रस्तुति दी ।

कुरुक्षेत्र। कवि सम्मेलन में कविता प्रस्तुत करते हुए कवियत्री। स्वयं
विज्ञापन