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आयुष विश्वविद्यालय में आयुर्वेद के 12 विषयों में पीएचडी के दाखिले शुरु
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श्रीकृष्णा आयुष विश्वविद्यालय में सत्र 2022-23 पीएचडी (डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी आयुर्वेदा) कोर्स के लिए आवेदन मांगे गए हैं। पीएचडी प्रोग्राम के लिए देशभर से विद्यार्थी ऑनलाइन माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। विश्वविद्यालय द्वारा आयुर्वेद के 12 विषयों की 58 सीटों के लिए आवेदन मांगे गए हैं। विद्यार्थी 25 सितंबर तक बिना विलंब शुल्क के फार्म भर सकते हैं। एप्लीकेशन फॉर्म यूनिवर्सिटी की वेबसाइट पर भरा जा सकता है। ये जानकारी डीन फैकल्टी आयुर्वेद व कनवीनर पीएचडी सेल डॉ. दीप्ति पराशर ने दी
उन्होंने कहा कि किसी भी मान्यता प्राप्त संस्थान से आयुर्वेद में स्नातकोत्तर की डिग्री रखने वाला विद्यार्थी पीएचडी के लिए आवेदन कर सकता है। आयुष नेट में उत्तीर्ण विद्यार्थियों को प्रवेश परीक्षा में छूट दी जाएगी। पीएचडी प्रवेश के लिए परीक्षा 8 अक्टूबर को होगी। इसके साथ ही साक्षात्कार 9 अक्टूबर से शुरू होगा। उन्होंने बताया कि सत्र 2022-23 के लिए 12 विषयों के 58 सीटों के लिए आवेदन मांगे गए हैं। आयुर्वेद संहिता एवं सिद्धांत की चार सीट, द्रव्यगुण विज्ञान सात, कुमारभृत्य सात, पंचकर्म, रोग निदान एवं विकृति विज्ञान, शालाकय तंत्र, शल्य तंत्र , रचना शरीर , अगद तंत्र की चार-चार सीटें, क्रिया शरीर आठ, रस शास्त्र चार और स्त्री रोग एवं प्रसूति तंत्र की भी चार सीटों के लिए विद्यार्थी आवेदन कर सकते हैं।
कुलसचिव डॉ. नरेश कुमार ने कहा कि विश्वविद्यालय निरंतर आयुर्वेद में शोध कार्य को लेकर प्रगति के पथ पर अग्रसर है। पिछले सत्र में विश्वविद्यालय से आयुर्वेद के नौ विषयों से 31 विद्यार्थी पीएचडी कर रहे हैं। विश्वविद्यालय का प्रयास है कि विद्यार्थियों को शोध के कुछ नए और समय अनुकूल प्रासंगिक विषय दिए जाएं ताकि उसके निष्कर्षों का लाभ समाज हित में हो। इसके साथ ही पीएचडी कोर्स वर्क के लिए विशेषज्ञ को विश्वविद्यालय में आमंत्रित किया जाएगा। वहीं इससे पहले कोरोना काल के वक्त भी विश्वविद्यालय द्वारा ऑनलाइन माध्यम से विशेषज्ञों द्वारा विद्यार्थियों की कक्षा लगाई गई थी। कोर्स वर्क के बाद ही आयुर्वेद में शोध कार्य शुरू होगा।
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उन्होंने कहा कि किसी भी मान्यता प्राप्त संस्थान से आयुर्वेद में स्नातकोत्तर की डिग्री रखने वाला विद्यार्थी पीएचडी के लिए आवेदन कर सकता है। आयुष नेट में उत्तीर्ण विद्यार्थियों को प्रवेश परीक्षा में छूट दी जाएगी। पीएचडी प्रवेश के लिए परीक्षा 8 अक्टूबर को होगी। इसके साथ ही साक्षात्कार 9 अक्टूबर से शुरू होगा। उन्होंने बताया कि सत्र 2022-23 के लिए 12 विषयों के 58 सीटों के लिए आवेदन मांगे गए हैं। आयुर्वेद संहिता एवं सिद्धांत की चार सीट, द्रव्यगुण विज्ञान सात, कुमारभृत्य सात, पंचकर्म, रोग निदान एवं विकृति विज्ञान, शालाकय तंत्र, शल्य तंत्र , रचना शरीर , अगद तंत्र की चार-चार सीटें, क्रिया शरीर आठ, रस शास्त्र चार और स्त्री रोग एवं प्रसूति तंत्र की भी चार सीटों के लिए विद्यार्थी आवेदन कर सकते हैं।
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कुलसचिव डॉ. नरेश कुमार ने कहा कि विश्वविद्यालय निरंतर आयुर्वेद में शोध कार्य को लेकर प्रगति के पथ पर अग्रसर है। पिछले सत्र में विश्वविद्यालय से आयुर्वेद के नौ विषयों से 31 विद्यार्थी पीएचडी कर रहे हैं। विश्वविद्यालय का प्रयास है कि विद्यार्थियों को शोध के कुछ नए और समय अनुकूल प्रासंगिक विषय दिए जाएं ताकि उसके निष्कर्षों का लाभ समाज हित में हो। इसके साथ ही पीएचडी कोर्स वर्क के लिए विशेषज्ञ को विश्वविद्यालय में आमंत्रित किया जाएगा। वहीं इससे पहले कोरोना काल के वक्त भी विश्वविद्यालय द्वारा ऑनलाइन माध्यम से विशेषज्ञों द्वारा विद्यार्थियों की कक्षा लगाई गई थी। कोर्स वर्क के बाद ही आयुर्वेद में शोध कार्य शुरू होगा।
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