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पीजीटी परीक्षा होते ही शहर में लगा जाम

Mon, 21 Mar 2016 12:05 AM IST
अमर उजाला/ब्यूरो/कुरुक्षेत्र
अमर उजाला/ब्यूरो/कुरुक्षेत्र Updated Mon, 21 Mar 2016 12:05 AM IST
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pgt exam and jaam
परीक्ष्‍ाा - फोटो : amar ujala
हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग की पीजीटी (पोस्ट ग्रेजुएट टीचर) परीक्षा में जिलेभर में 40 हजार परीक्षार्थी शामिल हुए। दो शिफ्ट में हुई परीक्षा के लिए  कुरुक्षेत्र में 24 सेंटर बनाए गए थे। परीक्षा हालांकि शांतिपूर्वक निपट गई लेकिन प्रशासनिक अव्यवस्था ने जहां आम लोगों को परेशानी में डाला वहीं परीक्षा नियमों के अनुसार परीक्षार्थियों की गलती ने भी उनके परिजनों को हलकान किया। परीक्षा केंद्र में अंदर जाने से पहले ही सभी परीक्षार्थियों को गेट पर ही अपना सामान छोड़ने के लिए कहा गया था। यहां तक कि महिला परीक्षार्थियों को चुड़िया, कंगन, क्लीप के अलावा कानों में पहनी बालियां तक उैतारनी पड़ी। कई अभ्यर्थियों को अपना सामान रखने के लिए सेंटरों के पास स्थित दुकानों पर निगरानी शुल्क भी जमा कराना पड़ा। अव्यवस्थाओं का आलम यह था कि सेंटरों के पास फोटोस्टेट की दुकानें पूरा वक्त खुली रही। जब परीक्षा छूटी तब सड़क पर काफी देर तक जाम की स्थिति बनी रही। 
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हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग की पीजीटी परीक्षा सुबह की शिफ्ट में साढ़े दस से 12 बजे और दोपहर की शिफ्ट में तीन से साढ़े चार बजे तक हुई। पहली शिफ्ट में 24 हजार परीक्षार्थी शामिल हुए जबकि दूसरी शिफ्ट में 16 हजार अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। परीक्षा को देखते हुए प्रशासन ने हालांकि सुरक्षा इंतजाम जमकर किए थे, लेकिन अन्य व्यवस्थाओं पर ध्यान नहीं दिया। हर सेंटर पर पुलिसकर्मी मौजूद थे, लेकिन कई जगह पुलिसकर्मी सिर्फ बैठे ही रहे। सेंटरों के पास फोटोस्टेट की दुकानें खुली रही। किसी पुलिस कर्मी या प्रशासनिक कर्मचारी, अधिकारी ने इन दुकानों को बंद नहीं कराया। 
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करीब दो घंटे लगा जाम 
पहली शिफ्ट की परीक्षा खत्म होने के बाद जैसे ही परीक्षार्थी सेंटर से बाहर निकले, सड़कों पर जाम की स्थिति बन गई। काफी देर तक जाम लगा रहा और लोग परेशान होते रहे। इसी तरह जब शाम को भी परीक्षा खत्म हुई इसके बाद भी जाम लगा। करीब दो घंटे तक शहर के लोग विभिन्न स्थानों पर जाम में फंसे रहे। 
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जमकर उड़ी धारा 144 की धज्जियां
परीक्षा के मद्देनजर डीएम के निर्देश के बाद धारा 144 लगाई गई थी। यह धारा परीक्षा सेंटरों के आसपास के क्षेत्रों के लिए थी। लेकिन परीक्षा के दौरान सैकड़ों लोग मौजूद रहे। कई परीक्षार्थियों के परिजन भी सेंटर के आसपास ही मौजूद रहे। किसी पुलिसकर्मी ने धारा 144 का पालन नहीं कराया। 

दुकानदारों ने उठाया मौके का फायदा 
प्रवेश पत्रों में साफ-साफ लिख दिया गया था कि अभ्यर्थी प्रवेश पत्र और पेन के अलावा कुछ और सामान लेकर नहीं आएगा। यहां तक कि घड़ी, ज्वैलरी तक पर प्रतिबंध लगाया गया था। लेकिन इस बात को अभ्यर्थियों ने नजर अंदाज कर दिया और खासकर महिला अभ्यर्थियों को इसका खामियाजा भी भुगतना पड़ा। इसका फायदा दुकानदारों ने जमकर उठाया। महिलाओं को अपने जेवर, पर्स, मोबाइल रखने के लिए दुकानदारों की मिन्नतें करनी पड़ी। ऐसा ही पुरुष अभ्यर्थियों के साथ भी हुआ। बेल्ट मोबाइल सहित अन्य सामान रखने के लिए दुकानदारों की मिन्नतें करनी पड़ी। दुकानदारों ने इसका जमकर फायदा उठाया और हर एक आइटम के लिए अभ्यर्थियों से पैसे वसूले। 

बायोमेट्रिक्स से हुई अभ्यर्थियों की हाजिरी
परीक्षा केंद्र में जाने के बाद सभी अभ्यर्थियों की हाजिरी बायोमेट्रिक्स मशीन से ली गई। अभ्यर्थियों के अंगूठे मशीन पर लिए गए और लेपटॉप पर फोटो भी सेव की गई। 

रोल नंबर तक वापिस नहीं दिया
पानीपत निवासी डॉ. सुमन ने कहा कि परिक्षा में महिला को कोई भी आभूषण नहीं डालकर जाने की अनुमति नहीं थी। यहां तक की चुड़ा और नाक में पहने गए आभूषण को भी उतरवा लिया गया। उन्होंने कहा कि परीक्षा के बार रोल नं तक वापिस नहीं दिया जा रहा। 

पेपर लीक की अफवा फैली
हिसार निवासी पूनम जाखड़ ने कहा कि सरकार द्वारा परीक्षा को लेकर की गई तैयारी व सजगता का स्वागत करती हूं, लेकिन सरकार को चाहिए कि पेपर लीक होने पर अंकुश लगाया जाए। उन्होंने कहा कि एचटेट की परीक्षा देकर अभी हम घर भी नहीं पहुंचे थे। रास्ते में ही पता चल गया कि पेपर लीक हो गया है। 

परीक्षार्थी बोले, इतनी सख्ती कहीं नहीं देखी
दिल्ली निवासी जयप्रकाश ने कहा कि बहुत-सी परीक्षाएं दी हैं, लेकिन इतनी सखताई किसी भी परीक्षा में नहीं थी जिसनी इस परीक्षा में है। परीक्षा के दौरान जूते, बेलट की बात क्या परीक्षा केंद्र में पैन तक लेकर जाने की अनुमति नहीं है। परीक्षा केंद्रों में परीक्षा देने के लिए पेन दिये जा रहे हैं। इतना ही नहीं यदि किसी महिला या पुरुष के हाथ, पैर पर धागा भी बांधा हुआ है उससे भी उतरवाया जा रहा है। 


सरकार के प्रयासों का स्वागत
रेवाड़ी निवासी पूनम ने कहा कि परीक्षा में नकल रोकने के लिए सरकार द्वारा किए गए प्रयासों का स्वागत करती हूं। उन्होंने कहा कि यदि इस प्रकार ही प्रदेश में कार्य होते रहे तो होनहार विद्यार्थियों को नौकरियां मिल सकेगी और भ्रष्टाचार दूर हो सकेगा।
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