फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kurukshetra News ›   Patients admitted in the district hospital are not getting medicines, the stock in the ward has been exhausted for 15 days

Kurukshetra News: जिला अस्पताल में दाखिल मरीजों को नहीं मिल रही दवा, वार्ड में 15 दिन से स्टाॅक खत्म

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 17 Aug 2025 01:21 AM IST
विज्ञापन
Patients admitted in the district hospital are not getting medicines, the stock in the ward has been exhausted for 15 days
कुरुक्षेत्र। जिला अस्पताल में दाखिल मरीजों को इन दिनों स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी से जूझना पड़ रहा है। अस्पताल में दाखिल मरीजों को इन दिनों दवा तक नसीब नहीं हो रही। पिछले 15 दिन से अस्पताल के पुरुष व महिला वार्ड में दवा का स्टॉक खत्म है। ऐसे में मरीजों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है। मरीज व उनके परिजनों को मजबूरी में निजी कैमिस्ट की दुकानों से दवा खरीदनी पड़ रही है। सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए नित नई-नई योजनाओं की घोषणाएं करती हैं लेकिन जो योजनाएं चल रही हैं उनकी हालत खस्ता है।
विज्ञापन

अस्पताल से नहीं मिली दवा बाहर से खरीदी
परिजन राकेश कुमार का कहना है कि तीन दिन पहले उन्होंने नागरिक अस्पताल में भाई को दाखिल कराया है। चिकित्सक की ओर से लिखी दवा वार्ड में नहीं मिल रही। मजबूरन निजी दुकान से दवा खरीदनी पड़ रही है। राकेश ने कहा कि सरकार स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए बड़े-बड़े दावे कर रही है लेकिन अस्पतालों में दाखिल मरीजों को दवा तक नसीब नहीं हो रही। सरकार को इस तरफ ध्यान देने की जरूरत है।
विज्ञापन

अस्पताल में मुख्य तौर पर नहीं ये दवाएं
अस्पताल में डायजेपाम, डॉक्सोफाइन, एंटीबायोटिक्स, अल्फा बेटा-क्लिक इंजेक्शन खत्म हैं। ऐसे में स्टाफ नर्सों व चिकित्सकों को मरीजों का इलाज करने में परेशानी झेलनी पड़ रही है। वहीं कुछ मरीज दवा न मिलने से स्टाफ सदस्यों के साथ उलझ रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

चिकित्सकों के अनुसार किस दवा का क्या प्रयोग
डायजेपाम एक दवा है जो चिंता, दौरे, मांसपेशियों में ऐंठन का इलाज करती है। तंत्रिका तंत्र को शांत करने में मदद करती है। वहीं एंटीबायोटिक्स ऐसी दवा है जो बैक्टीरिया से होने वाले संक्रमण और बीमारियों का इलाज करती है।
डॉक्सोफाइन अस्थमा और क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (सीओपीडी) जैसे सांस की बीमारियों के इलाज के लिए प्रयोग की जाती है। यह दवा वायुमार्ग की मांसपेशियों को आराम देकर काम करती है जिससे सांस लेना आसान हो जाता है।
अल्फा बेटा-क्लिक इंजेक्शन एक एंटी पैरासाइटिक दवा है। इसे मलेरिया के इलाज में इस्तेमाल किया जाता है। इसके अलावा सेप्ट्रान डीएस टैबलेट का उपयोग मूत्र पथ, श्वसन पथ, कान, त्वचा, बैक्टीरिया के कारण होने वाले संक्रमण को खत्म करती है।

खरीदी जा रही दवा, वेयर हाउस भेजी डिमांड : साराह
जिला नागरिक अस्पताल की चिकित्सा अधीक्षक डॉ. साराह अग्रवाल का कहना है कि मरीजों के लिए दवा खरीदी जा रही है। वहीं वेयर हाउस को समय-समय पर दवा की मांग भेजी जा रही है। वेयर हाउस से दवा का उचित मात्रा में स्टॉक नहीं मिलता जिस वजह से अस्पताल प्रशासन को परेशानी झेलनी पड़ती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed