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Kurukshetra News: एक्स-रे मशीन खराब होने से मरीज रहे परेशान, घंटों करना पड़ा इंतजार
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कुरुक्षेत्र। एलएनजेपी अस्पताल में एक्सरे रुम के बाहर लगी मरीजों की भीड़। संवाद
कुरुक्षेत्र। जिला नागरिक अस्पताल में एक्स-रे मशीन के खराब होने के कारण मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ा। मंगलवार रात अचानक मशीन में खराबी आने से बुधवार सुबह एक्स-रे सेवाएं दोपहर तक ठप रहीं। कुछ मरीज मशीन ठीक होने का इंतजार करते रहे, जबकि अधिकांश बिना एक्स-रे कराए लौट गए। इस दौरान अस्पताल में मरीजों की भीड़ लगी रही, जिससे उनकी परेशानी बढ़ गई।
जिला अस्पताल में रोजाना 100 से अधिक मरीजों के एक्स-रे किए जाते हैं, जिनमें ज्यादातर हड्डी फ्रैक्चर और फेफड़ों में संक्रमण के मामले होते हैं। मंगलवार रात मशीन में तकनीकी खराबी आ गई, जिसकी शिकायत तुरंत इंजीनियर को दी गई। बुधवार सुबह इंजीनियर अस्पताल पहुंचे और दोपहर तक मशीन ठीक करने में जुटे रहे। इस दौरान एक्स-रे कक्ष के बाहर मरीजों की लंबी कतारें लगी रहीं। कक्ष बंद होने और मशीन ठीक न होने के कारण कुछ ने निजी केंद्रों से 400 रुपये खर्च कर एक्स-रे करवाए, जबकि अन्य निराश होकर वापस चले गए।
तीन घंटे का इंतजार, मरीजों की बढ़ी मुश्किलें
एक्स-रे कक्ष के बाहर मरीजों को तीन घंटे तक इंतजार करना पड़ा। मरीजों ने बताया कि कक्ष को अंदर से बंद रखा गया था, जहां इंजीनियर मशीन ठीक करने में लगे थे। इस दौरान कई मरीजों को उपचार में देरी का सामना करना पड़ा। कुछ मरीजों ने बाहर से महंगे दामों पर एक्स-रे करवाए, जबकि कई बिना जांच के ही लौट गए।
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दोपहर बाद शुरू हुईं सेवाएं, 65 एक्स-रे किए गए
केंद्र के टैक्नीशियन लीलाधर उपाध्याय ने बताया कि दोपहर बाद मशीन ठीक हो गई, जिसके बाद 65 मरीजों के एक्स-रे किए गए और उनका उपचार शुरू किया गया। उन्होंने कहा कि मशीनरी में खराबी स्वाभाविक है, लेकिन प्रशासन ने तुरंत कदम उठाकर मशीन ठीक करवाई। डॉ. अग्रवाल ने दावा किया कि किसी भी मरीज को अनावश्यक परेशानी नहीं होने दी गई।
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जिला अस्पताल में रोजाना 100 से अधिक मरीजों के एक्स-रे किए जाते हैं, जिनमें ज्यादातर हड्डी फ्रैक्चर और फेफड़ों में संक्रमण के मामले होते हैं। मंगलवार रात मशीन में तकनीकी खराबी आ गई, जिसकी शिकायत तुरंत इंजीनियर को दी गई। बुधवार सुबह इंजीनियर अस्पताल पहुंचे और दोपहर तक मशीन ठीक करने में जुटे रहे। इस दौरान एक्स-रे कक्ष के बाहर मरीजों की लंबी कतारें लगी रहीं। कक्ष बंद होने और मशीन ठीक न होने के कारण कुछ ने निजी केंद्रों से 400 रुपये खर्च कर एक्स-रे करवाए, जबकि अन्य निराश होकर वापस चले गए।
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तीन घंटे का इंतजार, मरीजों की बढ़ी मुश्किलें
एक्स-रे कक्ष के बाहर मरीजों को तीन घंटे तक इंतजार करना पड़ा। मरीजों ने बताया कि कक्ष को अंदर से बंद रखा गया था, जहां इंजीनियर मशीन ठीक करने में लगे थे। इस दौरान कई मरीजों को उपचार में देरी का सामना करना पड़ा। कुछ मरीजों ने बाहर से महंगे दामों पर एक्स-रे करवाए, जबकि कई बिना जांच के ही लौट गए।
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दोपहर बाद शुरू हुईं सेवाएं, 65 एक्स-रे किए गए
केंद्र के टैक्नीशियन लीलाधर उपाध्याय ने बताया कि दोपहर बाद मशीन ठीक हो गई, जिसके बाद 65 मरीजों के एक्स-रे किए गए और उनका उपचार शुरू किया गया। उन्होंने कहा कि मशीनरी में खराबी स्वाभाविक है, लेकिन प्रशासन ने तुरंत कदम उठाकर मशीन ठीक करवाई। डॉ. अग्रवाल ने दावा किया कि किसी भी मरीज को अनावश्यक परेशानी नहीं होने दी गई।